Jagran Badlav Conclave: 'जागरण बदलाव' कॉन्क्लेव में विशेषज्ञों ने बताए SME IPO लिस्टिंग के फायदे और नियम
Jagran Badlav Conclave 2026: जागरण बदलाव एक 'थॉट लीडरशिप' प्लेटफॉर्म है जो सरकार, इंडस्ट्री, उद्यमियों और बदलाव लाने वालों को एक साथ लाता है, ताकि ऐसी सार्थक बातचीत हो सके जो भारत के आर्थिक और सामाजिक बदलाव में योगदान दे।

जागरण बदलाव (MSME) का 5वां संस्करण
नई दिल्ली। आज बुधवार 29 जुलाई को जागरण बिजनेस के सालाना कॉन्क्लेव "जागरण बदलाव" (Jagran Badlav Conclave 2026) का 5वां संस्करण पूरा हुआ। इस कॉन्क्लेव की थीम "एक्सेलेरेटिंग ग्रोथ विद एमएसएमई एंड स्टार्ट-अप्स" (MSME and Startup Summit India) रही। इस कार्यक्रम में भूपेंद्र चौधरी शामिल हुए, वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री के रूप में कार्यभार संभाल रहे हैं।
Jagran Badlav Conclave 2026: लिस्टिंग से शुरू होती है बिजनेस की असली ग्रोथ- विकास जैन
Share Samadhan Ltd के को-फाउंडर और सीईओ, विकास जैन ने एंटरप्रेन्योर्स की मानसिकता पर प्रहार करते हुए कहा, "यह सोचना बहुत गलत है कि आईपीओ लाने से कंप्लायंस कॉस्ट बढ़ जाएगी, इसलिए लिस्टिंग नहीं करानी चाहिए। असल में लिस्टिंग के बाद ही आपके बिजनेस की असली ग्रोथ शुरू होती है।"
बैंक लोन और आईपीओ के बीच का अंतर समझाते हुए विकास जैन ने कहा कि बैंक लोन के साथ रीपेमेंट (किश्त चुकाने) का भारी प्रेशर होता है, जबकि आईपीओ भले ही एक लंबी प्रक्रिया है, लेकिन यह वेल्थ और निवेशकों का भरोसा बनाता है। सितंबर 2024 में आए शेयर समाधान के आईपीओ का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि जिस तरह रिलायंस अपना आईपीओ लाकर एक भरोसेमंद ब्रांड बना, उसी तरह आईपीओ किसी भी कंपनी के प्रति बाजार का नजरिया बदल देता है।
Jagran Badlav Conclave 2026: SME IPO से बढ़ती है वेल्थ और क्रेडिबिलिटी- अजय ठाकुर
TGI SME Capital Advisors LLP के सीईओ और मैनेजिंग पार्टनर, अजय ठाकुर ने बताया कि SME IPO, मेनबोर्ड आईपीओ से किस तरह अलग है। उन्होंने कहा, "SEBI ने SME लिस्टिंग के लिए गाइडलाइंस में मेनबोर्ड की तुलना में काफी छूट दी है। इसमें रिपोर्टिंग भी 6 महीने में एक बार करनी होती है। इसमें मिनिमम निवेश (लॉट साइज) 1 लाख रुपये रखा गया है ताकि आम रिटेल निवेशक जोखिम से बच सकें।"
फायदों पर जोर देते हुए ठाकुर ने कहा, "आईपीओ आने से प्रोमोटर्स की वेल्थ में जबरदस्त इजाफा होता है (शेयर के भाव बढ़ने पर धन बढ़ता है)। कंपनी के लिए फंड रेज करने का एक बड़ा चैनल खुल जाता है। लिस्टिंग के बाद कंपनी की विजिबिलिटी और क्रेडिबिलिटी दोनों बढ़ती हैं, जिससे Gen-Z जैसे नए निवेशक और टैलेंट भी कंपनी की ओर आकर्षित होते हैं।"
दिग्गजों ने बताई MSME के लिए IPO की अहमियत, कंप्लायंस और फंड रेजिंग पर की विस्तार से चर्चा
आज बुधवार, 29 जुलाई को 'जागरण बिजनेस' के प्रतिष्ठित सालाना कॉन्क्लेव "जागरण बदलाव" (Jagran Badlav Conclave 2026) के 5वें संस्करण का शानदार आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम के खास सत्र "Leadership Dialogue | The Journey from SME to IPO and Beyond" में देश के जाने-माने वित्तीय विशेषज्ञों ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए आईपीओ (IPO) लाने की प्रक्रिया, उसमें आने वाली चुनौतियों और इसके दूरगामी फायदों पर गहरी चर्चा की।
कंप्लायंस है चुनौती, लेकिन तैयारी जरूरी: CA वीरेंद्र जैन
JAIN V & CO के मैनेजिंग पार्टनर और Intrinsix Partners LLP के सीनियर एडवाइजर, CA वीरेंद्र जैन ने कंपनियों के स्ट्रक्चर और आईपीओ की तैयारियों पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा, "इक्विटी का मतलब है पार्टनरशिप। कैपिटल मार्केट में उतरने का मतलब है अपनी हिस्सेदारी साझा करना। एमएसएमई के लिए सबसे बड़ी चुनौती 'कंप्लायंस' (नियमों का पालन) होती है। लिस्टिंग से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि बैलेंस शीट में कोई गड़बड़ी न हो और आपका बिजनेस सस्टेनेबल हो।"
SME IPO के क्राइटेरिया पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि इसके लिए मिनिमम टर्नओवर का कोई नियम नहीं है, लेकिन कंपनी कम से कम 1 साल पुरानी प्राइवेट लिमिटेड होनी चाहिए, नेटवर्थ 1 करोड़ रुपये हो और कंपनी प्रॉफिट में हो (करीब 1 से 2 करोड़ का प्रॉफिट)। इसके अलावा SME IPO लाने के लिए पेड-अप कैपिटल 25 करोड़ रुपये को पार नहीं करनी चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि एक फ्लैगशिप कंपनी बनाएं, अपना बोर्ड तैयार करें और पूरी तैयारी के साथ ही निवेशकों के पास जाएं, क्योंकि MSME में पैसा लगाने वाले निवेशक भी पूरी रिसर्च के साथ आते हैं।
Jagran Badlav Conclave 2026: मिलेट मॉम के नाम से मशहूर पूजा शर्मा ने क्या कहा?
क्षितिज मिलेट्स प्राइवेट लिमिटेड की फाउंडर और एग्रीप्रेन्योर पूजा शर्मा ने अपनी सफलता की प्रेरणादायक कहानी साझा की। हरियाणा की रहने वाली पूजा, जिन्हें लोग प्यार से 'मिलेट मॉम' बुलाते हैं, ने बताया कि महिला सशक्तिकरण के सफर में 'ड्रोन दीदी' और 'सखी योजना' जैसी पहल कैसे गेम चेंजर साबित हो रही हैं।
पूजा आज 70-80 किसानों से सीधे उत्पाद लेकर उन्हें ग्राहकों तक पहुंचा रही हैं। उनके उत्पाद ग्लूटेन-फ्री, वीगन और शुगर-फ्री हैं, जो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए भी फायदेमंद हैं। खुद को 'सेल्फ मेड' बताने वाली पूजा को अपना बिजनेस खड़ा करने में 13 सेल्फ हेल्प ग्रुप (SHG) से काफी मदद मिली। उन्होंने अन्य महिलाओं का मार्गदर्शन करते हुए बताया कि महिलाएं संगठन से लोन लेकर डेयरी का बिजनेस भी आसानी से शुरू कर सकती हैं और 'एक्सप्रेस योजना' के तहत वाहन भी प्राप्त कर सकती हैं।
डिजिटल पेमेंट, मिलेट्स और नई तकनीक से भारत की ग्रोथ स्टोरी लिख रही हैं 'नारी शक्ति'
आज बुधवार, 29 जुलाई को 'जागरण बिजनेस' के प्रतिष्ठित सालाना कॉन्क्लेव "जागरण बदलाव" (Jagran Badlav Conclave 2026) के 5वें संस्करण "नारी शक्ति से एंटरप्राइज शक्ति: कैसे महिलाएं भारत की ग्रोथ स्टोरी को फिर से परिभाषित कर रही हैं" (Nari Shakti to Enterprise Shakti: How Women Are Redefining India's Growth Story) में देश की सफल महिला उद्यमियों ने शिरकत की। इन लीडर्स ने अपने अनुभवों से बताया कि आज की महिलाएं सिर्फ घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि तकनीक और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर व्यापार जगत में अपना परचम लहरा रही हैं।
इनवॉइसमार्ट की नेशनल हेड, निकिता बोस ने महिला सशक्तिकरण की बदलती तस्वीर पर आंकड़े पेश किए। उन्होंने बताया कि भारत में मौजूदा 8 करोड़ MSME में से लगभग 3.4 करोड़ का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं। निकिता ने जोर देकर कहा कि ऑनलाइन और मोबाइल पेमेंट्स ने महिलाओं को आर्थिक रूप से अभूतपूर्व मजबूती दी है।
उन्होंने कहा, "आज छोटे शहरों और गांवों की महिलाएं भी तकनीक सीख रही हैं। शी मार्ट जैसी पहलें भी इसमें अहम भूमिका निभा रही हैं।" निकिता ने व्यापार शुरू करने की चाह रखने वाली महिलाओं को सलाह दी कि वे अखबारों के जरिए MSME और उससे जुड़ी योजनाओं के बारे में खूब पढ़ें और पूरी जानकारी जुटाएं। इसके साथ ही उन्होंने आजकल के युवाओं की मानसिकता पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आज लोगों में 22 साल की उम्र में ही करोड़पति बनने की बहुत जल्दी है, जबकि बिजनेस में धैर्य की जरूरत होती है।
बड़ी सेल्स टीम की जरूरत खत्म कर रहा AI: प्रद्युमन पटेल
प्राइम कम्फर्ट प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के फाउंडर और चेयरमैन प्रद्युमन पटेल ने मार्केटिंग में AI के सीधे फायदों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि आज के समय में नया बिजनेस पूरी तरह से AI पर आधारित हो चुका है और MSME इससे पूरी तरह कनेक्टेड हैं। अब AI की मदद से विज्ञापनों (Advertisements) को सटीक ग्राहकों तक पहुंचाया जा रहा है। व्यवसायी सोशल मीडिया पर लिंक देकर सीधे अपने प्रोडक्ट बेच रहे हैं। AI की इस स्मार्टनेस के चलते अब किसी भी कंपनी को बहुत बड़ी सेल्स टीम रखने की जरूरत नहीं रह गई है।
नोएडा एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन (NEA) के महासचिव वी.के. सेठ ने AI आधारित सेवाओं को समय की बड़ी जरूरत बताया। उन्होंने MSME के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि AI इंडस्ट्री में प्रॉफिटेबिलिटी की अपार संभावनाएं हैं।
सेठ ने कहा, "AI में निवेश करने का सीधा मतलब यह है कि आप जो भी काम कर रहे हैं, या आपके पास जो भी चीजें हैं, AI उन्हें और भी ज्यादा बेहतर और परिष्कृत करके आपको वापस देगा।"
Jagran Badlav Conclave 2026: 'इंसान सुपरवाइज करें और AI काम करे', विशेषज्ञों ने बताया कैसे बदलेगी MSME की तस्वीर
जागरण बिजनेस के प्रतिष्ठित सालाना कॉन्क्लेव 'जागरण बदलाव' (Jagran Badlav Conclave 2026) के 5वें संस्करण का शानदार आयोजन हो रहा है। मंच पर देश के कई दिग्गज उद्योगपति, नीति निर्माता और विशेषज्ञ एक साथ जुटे हैं।
कॉन्क्लेव के एक अहम सत्र "Leadership Dialogue | Future-Ready Startups & MSMEs: Technology, AI & The Next Business Revolution" में विशेषज्ञों ने इस बात पर गहन चर्चा की कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नई तकनीकें सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) का भविष्य बदल रही हैं।
FISME के प्रेसिडेंट राकेश छाबड़ा ने स्पष्ट किया कि भविष्य के बिजनेस के लिए AI बहुत महत्वपूर्ण है। यूपीआई (UPI) पेमेंट्स से लेकर मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटलाइजेशन तक, हर जगह नई तकनीक भविष्य की ग्रोथ तय करेगी। उन्होंने उद्योगों की मौजूदा सबसे बड़ी समस्या का जिक्र करते हुए कहा, "आज मैनपावर की भारी कमी है। इसलिए हमें ऑटोमेशन, AI और रोबोटिक्स की तरफ कदम बढ़ाना ही होगा। भविष्य का मॉडल यह होना चाहिए कि मशीन और AI अपना काम करें, और इंसान केवल उसे सुपरवाइज करे।" इसके साथ ही उन्होंने MSMEs को खुद को अपग्रेड और अपनी टीम की अपस्किलिंग करने पर जोर दिया।
ओसेल डिवाइसेस लिमिटेड के डायरेक्टर, ग्रेविटास एआई लिमिटेड (UK) के को-फाउंडर और आयुष्मान हेल्थ के फाउंडर मुकेश सिन्हा ने कहा कि देश की जीडीपी में MSME रीढ़ की हड्डी के समान हैं, जिनकी कुल निर्यात (Export) में 45% की बड़ी हिस्सेदारी है। बड़े व्यवसायों के सफल होने के लिए भी MSME सेक्टर का मजबूत होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह 'डिसरप्शन' का दौर है और बदलाव लगातार हो रहे हैं।
Jagran Badlav Conclave 2026: 'बढ़ती प्रति व्यक्ति आय के साथ भारत में निवेश बनेगा आम'- Lemonn के बिजनेस हेड देवम सरदाना
आज, बुधवार 29 जुलाई को जागरण बिजनेस के प्रतिष्ठित सालाना कॉन्क्लेव "जागरण बदलाव" (Jagran Badlav Conclave 2026) का 5वां संस्करण भव्य रूप से चल रहा है। इस महामंच पर देश की अर्थव्यवस्था, निवेश, और भविष्य के विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर दिग्गज अपनी राय रख रहे हैं।
इसी कड़ी में आयोजित एक खास थॉट लीडरशिप सेशन "बिल्डिंग वेल्थ, बिल्डिंग भारत: हाउ स्मार्टर इन्वेस्टिंग कैन पावर इंडियाज़ नेक्स्ट जेनरेशन ऑफ एंटरप्रेन्योर्स" (Thought Leadership Session | Building Wealth, Building Bharat: How Smarter Investing Can Power India's Next Generation of Entrepreneurs) में Lemonn के बिजनेस हेड, देवम सरदाना ने शिरकत की।
देवम सरदाना ने अपने संबोधन में कहा कि जैसे-जैसे भारत की जीडीपी और प्रति व्यक्ति आय में इजाफा हो रहा है, आम लोगों के बीच निवेश करना एक बेहद आम बात हो जाएगी। लोगों के पास खर्च योग्य आय बढ़ने से उनका ध्यान सिर्फ पैसे बचाने से हटकर 'वेल्थ क्रिएशन' की ओर जाएगा।
देश के वित्तीय ढांचे की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत की फाइनेंशियल सर्विसेज बेहतरीन स्थिति में हैं और लगभग परफेक्ट तरीके से काम कर रही हैं। मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और शानदार इकोसिस्टम की वजह से यह सेक्टर देश की आर्थिक वृद्धि को रफ्तार देने में बहुत अहम भूमिका निभा रहा है।
देवम सरदाना ने बताया कि उनका प्लेटफॉर्म 'Lemonn' इसी दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि अब अगला बड़ा कदम 'इन्वेस्टिंग इंक्लूजन' है, यानी देश के हर छोटे-बड़े शहर के व्यक्ति तक निवेश के सही और स्मार्ट विकल्प पहुंचाना। नए इनोवेटिव समाधानों के जरिए ही भारत के अगली पीढ़ी के उद्यमियों को सशक्त बनाया जा सकता है।
Jagran Badlav Conclave 2026: MSME को ग्लोबल बनाने पर दिग्गजों ने क्या कहा?
जागरण बिजनेस के प्रतिष्ठित सालाना कॉन्क्लेव "जागरण बदलाव" (Jagran Badlav Conclave 2026) के 5वें संस्करण के मंच पर देश के आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाने वाले MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) सेक्टर की दशा और दिशा पर गंभीर चर्चा हुई।
कॉन्क्लेव के एक अहम सत्र "Leadership Dialogue | From Grassroots to Global: Building Globally Competitive MSMEs" (जमीनी स्तर से ग्लोबल तक: विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी MSME का निर्माण) में इंडस्ट्री के दिग्गजों ने अपने विचार रखे। चर्चा में CIMSME के प्रेसिडेंट मुकेश मोहन गुप्ता, Sugs Lloyd Limited के मैनेजिंग डायरेक्टर संतोष शाह, FISME के सेक्रेटरी जनरल अनिल भारद्वाज और उमेश कुमार सिंह ने हिस्सा लिया।
सत्र की शुरुआत करते हुए FISME के सेक्रेटरी जनरल अनिल भारद्वाज ने 28 जुलाई को पेश हुए MSME एक्ट संशोधन को एक अहम कदम बताया। उन्होंने छोटे उद्योगों के 'लोकल से ग्लोबल' बनने की राह में आने वाली अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों का जिक्र किया। भारद्वाज ने बताया कि अमेरिका (जहां 20% मार्केट है) में 'ट्रंप टैरिफ' के कारण लंबे समय के लिए नई तकनीक हासिल करना मुश्किल हो रहा है। वहीं, यूरोपीय यूनियन के 'डिफॉरेस्टेशन टैक्स' और मिडिल ईस्ट के अस्थिर हालातों से भी भारतीय निर्यातक प्रभावित हो रहे हैं।
CIMSME के प्रेसिडेंट मुकेश मोहन गुप्ता ने चर्चा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि MSME सेक्टर की सबसे बड़ी बीमारी भुगतान में देरी रही है। पिछले 20 सालों में MSME एक्ट में कोई संशोधन नहीं हुआ था, लेकिन अब इस नई व्यवस्था को विशेष रूप से लेट पेमेंट की समस्या को खत्म करने के लिए लाया गया है।
Jagran Badlav Conclave 2026: देश तेजी से 'विकसित भारत' बनने की ओर अग्रसर: भूपेंद्र चौधरी
कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि भारत के विकास की यात्रा गांवों से होकर गुजरती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'आत्मनिर्भर भारत' का जो एजेंडा तय किया था, वह अब पूरा हो रहा है और देश तेजी से 'विकसित भारत' बनने की ओर अग्रसर है।
तकनीक और निर्यात के मोर्चे पर बात करते हुए उन्होंने विशेष रूप से गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) और पश्चिमी उत्तर प्रदेश का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों ने आईटी (IT) और निर्यात के क्षेत्र में दुनिया भर में अपना और प्रदेश का नाम रोशन किया है।
अंत में भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की ओर आशा भरी निगाहों से देख रही है। ऐसे में हमें व्यापार को बढ़ाने के साथ-साथ उत्पादों की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देना होगा। हम यूपी के विकास लक्ष्यों के साथ निरंतर आगे बढ़ेंगे, क्योंकि आने वाला कल और भविष्य भारत के विकास का ही है।
MSME है उत्तर प्रदेश के विकास की रीढ़, पूरी तरह बदला निवेश का माहौल: भूपेंद्र सिंह चौधरी
उत्तर प्रदेश सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने बुधवार, 29 जुलाई को जागरण बिजनेस के सालाना कार्यक्रम 'जागरण बदलाव कॉन्क्लेव 2026' (Jagran Badlav Conclave 2026) के 5वें संस्करण को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने राज्य की विकास यात्रा, एमएसएमई सेक्टर के भारी योगदान और प्रदेश में आए सकारात्मक बदलावों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी राज्य या देश का विकास केवल सरकार के दम पर नहीं होता, बल्कि यह वहां के उद्यमियों, व्यापारियों और आम जनता के सम्मिलित प्रयासों का संगम है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में लगभग 90 लाख एमएसएमई (MSME) इकाइयां हैं, जिनसे करीब 3.5 करोड़ लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एमएसएमई सेक्टर राज्य के विकास की असली रीढ़ है। आज यूपी से होने वाले कुल निर्यात में आधे से ज्यादा हिस्सेदारी इन्ही छोटे और मध्यम उद्यमियों की है।
'जागरण इवेंट से MSME को बड़े करोबारी की तरह पहचान दिलाना है'- स्कंद विवेक
बुधवार 29 जुलाई को जागरण बिजनेस के सालाना कॉन्क्लेव "जागरण बदलाव" (Jagran Badlav Conclave 2026) के 5वें संस्करण में जागरण बिजनेस, जागरण न्यू मीडिया के सीनियर एडिटर एंड हेड स्कंद विवेक धर ने जागरण इवेंट से MSME को बड़े करोबारी की तरह पहचान दिलाने की बात कही।
Jagran Badlav Conclave 2026: जागरण बिजनेस का सालाना कॉन्क्लेव हुआ शुरू
आज बुधवार 29 जुलाई को जागरण बिजनेस के सालाना कॉन्क्लेव "जागरण बदलाव" (Jagran Badlav Conclave 2026) का 5वां संस्करण में जागरण न्यू मीडिया के मैनेजिंग एडिटर ने कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने MSME में इस प्रोग्राम में नए विचारों और साझेदारियों का सम्मान करने की बात कही।
Jagran Badlav Conclave 2026: किन लोगों के लिए खास है ये कार्यक्रम?
ये कॉन्क्लेव सरकारी लीडर्स एंड पॉलिसी मेकर्स, MSME फाउंडर्स एंड बिजनेस ओनर्स, स्टार्टअप फाउंडर्स एंड एंटरप्रेन्योर्स, इंडस्ट्री के CXOs और कॉरपोरेट फैसले लेने वाले, इन्वेस्टर्स, बैंक्स एंड फाइनेंसियल इंस्टीटूशन्स, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन लीडर्स, इंडस्ट्री एसोसिएशंस एंड चैम्बर्स, एक्सपोर्टर्स एंड मैन्युफैक्चरर्स और इन्क्यूबेटर्स, स्किल इंस्टीटूशन्स एंड इकोसिस्टम पार्टनर्स के लिए खास है।
Jagran Badlav Conclave: किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
आज के कार्यक्रम में इकोनॉमिक ग्रोथ एंड नेशन बिल्डिंग; पॉलिसी, गवर्नेंस एंड रिफॉर्म्स; एमएसएमई, स्टार्टअप्स एंड एंटरप्रेन्योरशिप; इनोवेशन, एआई एंड डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन; मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इन्वेस्टमेंट और सस्टेनेबिलिटी एंड फ्यूचर रेडिनेस जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।