SIP vs Lumpsum: ₹2000 की SIP या ₹2 लाख का Lumpsum, बच्चों की पढ़ाई के लिए क्या है बेस्ट? समझिए पूरा कैलकुलेशन
SIP vs Lumpsum: बच्चों की शिक्षा के लिए ₹2,000 की मासिक SIP और ₹2 लाख के एकमुश्त निवेश की तुलना की गई है। 15-20 साल में दोनों से लगभग समान रिटर्न मिलत ...और पढ़ें
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एसआईपी या एकमुश्त क्या है सही?
HighLights
15-20 साल में SIP और एकमुश्त निवेश का रिटर्न समान।
एकमुश्त निवेश में कम पूंजी से बड़ा फंड बनता है।
SIP नौकरीपेशा लोगों के लिए मासिक बजट में उपयुक्त।
नई दिल्ली: हर माता-पिता (Parents) का सपना होता है कि उनके बच्चों को बेहतरीन शिक्षा मिले। लेकिन हर साल तेजी से बढ़ती पढ़ाई की लागत (education inflation) इस सपने तो चुनौतीपूर्ण बना देती है। ऐसे में सही समय पर निवेश करना बेहद जरूरी है।
म्यूचुअल फंड्स (mutual funds) बच्चों के भविष्य के लिए शानदार विकल्प साबित होते हैं। लेकिन अक्सर पैरेंट्स इस उलझने में रहते हैं कि निवेश का कौन सा तरीका बेहतर है Systematic investment plan (SIP) के जरिए हर महीने छोटी रकम जमा करना या फिर एक साथ बड़ी रकम Lumpsum निवेश करना?
आइए एक उदाहरण से इस पूरी कैलकुलेशन को समझते हैं कि अगर आपके पास 15 या 20 साल समय है, तो ₹2,000 की मंथली SIP और ₹2,00,000 के एकमुश्त निवेश में से कौन सा विकल्प ज्यादा रिटर्न देगा।
नोट: दोनों ही स्थितियों में हमने लंबी अवधि के लिए म्यूचुअल फंड का औसत अनुमानित रिटर्न 12% सालाना माना है।
1. ₹2,000 की मंथली SIP का पूरा गणित
अगर आप एकमुश्त बड़ी रकम निवेश नहीं कर सकते, तो हर महीने 2,000 रुपये की SIP एक आसान विकल्प है। यह आपकी जेब पर भारी नहीं पड़ता और बाजार के उतार-चढ़ाव को भी संतुलित (Rupee Cost Averaging) करता है।
* 15 साल तक निवेश: आप हर महीने 2,000 रुपये जमा करते हैं। 15 सालों में आपका कुल निवेश ₹3,60,000 होगा। 12% अनुमानित रिटर्न के हिसाब से यह रकम बढ़कर करीब ₹10 लाख हो जाएगी।
* 20 साल तक निवेश: अगर आप इसे 5 साल और जारी रखते हैं, तो आपका कुल निवेश ₹4,80,000 होगा। लेकिन कंपाउंडिंग के जादू से यह रकम बढ़कर लगभग ₹19.98 लाख (करीब 20 लाख) हो जाएगी।
2. 2 लाख के एकमुश्त का गणित
मान लीजिए आपको कहीं से बोनस मिला है या आपके पास 2 लाख रुपये की बचत है, जिसे आप बच्चे की पढ़ाई के लिए एक साथ म्यूचुअल फंड में डाल देते हैं।
* 15 साल बाद: आपका मूल निवेश ₹2,00,000 ही रहेगा, लेकिन 12% के सालाना रिटर्न से यह 15 सालों में बढ़कर करीब ₹10.94 लाख हो जाएगा।
* 20 साल बाद: अगर इस रकम को 20 सालों तक बिना छेड़े छोड़ दिया जाए, तो 2 लाख रुपये का यह निवेश बढ़कर लगभग ₹19.29 लाख हो जाएगा।
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आपके लिए क्या है सही?
कैलकुलेशन ने साफ किया है कि 15 और 20 सालों के अंत में दोनों ही तरीकों से मिलने वाला फाइनल कॉपर्स लगभग एक समान (19-20 लाख के बीच) है। लेकिन
1. एकमुश्त (Lumpsum) निवेश में आपका पैसा पहले दिन से ही कंपाउंड होना शुरू हो जाता है। यही कारण है कि 20 साल में सिर्फ 2 लाख रुपये लगाकर आप 19.3 लाख रुपये बना लेते हैं, जबकि SIP में 20 लाख रुपये का फंड बनाने के लिए आपको अपनी जेब से 4.8 लाख रुपये डालने पड़ते हैं।
2. SIP नौकरीपेशा लोगों के लिए बेस्ट है जिनके पास एकमुश्त बड़ी रकम नहीं होती। यह आपके मासिक बजट में आसानी से फिट हो जाती है और बाजार गिरने पर आपको ज्यादा यूनिट्स खरीदने का मौका देती है।
Disclaimer: म्यूचुअल फंड निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।