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    क्या आप भी करते हैं UPI या NEFT से बड़े पेमेंट? तो घर आ सकता है Income Tax नोटिस! जानें क्या है नियम

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 11:04 AM (IST)

    Income Tax Notice: डिजिटल भुगतान जैसे UPI, NEFT  क्या इनकम टैक्स नोटिस आ सकता है? आइए डिटेल में जानते हैं... ...और पढ़ें

    क्या है upi और income tax notice का नियम

    क्या है upi और income tax notice का नियम

    HighLights

    1. डिजिटल भुगतान से स्वतः आयकर नोटिस नहीं आता।

    2. घोषित आय और बड़े लेन-देन में अंतर पर नोटिस।

    3. SFT, AIS से वित्तीय लेन-देन की जानकारी मिलती है।

    नई दिल्ली: आजकल हम छोटी सी चाय की चुस्की से लेकर लाखों रुपये की खरीदारी तक के लिए UPI, NEFT, RTGS, या IMPS का बेझिझक इस्तेमाल करते हैं। डिजिटल पेमेंट्स ने हमारी जिंदगी काफी आसान बना दी है, लेकिन कई लोगों के मन में हमेशा यह डर बैठा रहता है कि क्या धड़ल्ले से ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करने से इनकम टैक्स (Income tax) का नोटिस आ सकता है?

    अगर आपके मन में भी यह सवाल है, तो इसका सीधा जवाब है नहीं, केवल डिजिटल माध्यम से पैसे ट्रांसफर करने या मंगाने पर आयकर विभाग का नोटिस अपने आप (automatically) नहीं आता है।

    आयकर विभाग की नजर इस बात पर बिल्कुल नहीं होती कि आपने पेमेंट किस 'मोड' (UPI/NEFT) से किया है, बल्कि विभाग यह देखता है कि आपके द्वारा किया गया लेन-देन आपकी बताई गई कमाई (Income Tax Return - ITR) से मेल खाता है या नहीं।

    कब खटकता है आपका ट्रांजैक्शन?

    आयकर विभाग के पास आपके हर बड़े वित्तीय लेन-देन की जानकारी SFT (Statement of Financial Transactions), AIS (Annual Information Statement) और फॉर्म 26AS के जरिए पहुंच जाती है। जब सिस्टम को आपकी घोषित आय और आपके खर्चों में अंतर दिखता है, तब नोटिस जनरेट होता है।

    1. रिपोर्ट के अनुसार एक एक्सपर्ट ने बताया कि एक टैक्सपेयर ने 50 लाख रुपये से ज्यादा का क्रेडिट कार्ड बिल भरा, लेकिन उसने अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल ही नहीं किया था। सिस्टम ने तुरंत इस बड़े ट्रांजैक्शन को फ्लैग (Flag) कर दिया और उस व्यक्ति को नोटिस भेजकर पैसों का सोर्स (Source of Funds) पूछ लिया।

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    2. अगर आपके पर्सनल सेविंग अकाउंट में लगातार भारी-भरकम UPI पेमेंट्स आ रहे हैं, जो आपके बिजनेस या प्रोफेशन की कमाई लगते हैं, लेकिन आपने अपने ITR में अपनी आय बहुत कम दिखाई है, तो आप पक्के तौर पर रडार पर आ जाएंगे।

    3. अगर आपने NEFT या RTGS के जरिए कोई प्रॉपर्टी या महंगी चीज खरीदी है, लेकिन ITR में आपकी कमाई उस खरीदारी से मेल नहीं खाती, तो आपको जवाब देना पड़ सकता है।

    किन ट्रांजैक्शन्स की रिपोर्ट सीधे आयकर विभाग को जाती है?

    बैंक और अन्य वित्तीय संस्थान आपके कुछ 'हाई-वैल्यू' ट्रांजैक्शन्स की रिपोर्ट SFT के तहत सीधे आयकर विभाग को भेजते हैं। इनमें प्रमुख हैं:

    1. क्रेडिट कार्ड बिल
    2. सेविंग्स और करंट अकाउंट
    3. शेयर और म्यूचुअल फंड्स
    4. प्रॉपर्टी (Real Estate)

    आयकर विभाग की चिंता आपके डिजिटल पेमेंट करने से नहीं, बल्कि आपके द्वारा अघोषित कमाई का इस्तेमाल करने से है। सही ITR भरें, खातों का घालमेल न करें, और फिर बेफिक्र होकर डिजिटल इंडिया (Digital India) का फायदा उठाएं।

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