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    Best Mutual Fund: ₹10,000 की मंथली SIP ने बनाया ₹1.2 करोड़ का मालिक! क्या आपके पास है ये 20 साल पुराना फंड?

    Updated: Thu, 04 Jun 2026 11:41 AM (IST)

    फ्रैंकलिन इंडिया डिविडेंड यील्ड फंड ने 20 साल पूरे किए, जिसमें ₹10,000 की मासिक SIP ₹1.2 करोड़ बन गई। यह फंड डिविडेंड यील्ड-केंद्रित रणनीति अपनाता है ...और पढ़ें

    Best Mutual Fund ₹10,000 की मंथली SIP ने बनाया ₹1.2 करोड़ का मालिक! क्या आपके पास है ये 20 साल पुराना फंड?

    Best Mutual Fund ₹10,000 की मंथली SIP ने बनाया ₹1.2 करोड़ का मालिक! क्या आपके पास है ये 20 साल पुराना फंड?

    HighLights

    1. ₹10,000 मासिक SIP 20 साल में ₹1.2 करोड़ बनी।

    2. डिविडेंड यील्ड-केंद्रित रणनीति से निवेशकों को मिला शानदार रिटर्न।

    3. फंड ने निफ्टी 500 TRI को पीछे छोड़ दिया प्रदर्शन में।

    नई दिल्ली। अगर आप निवेश की ताकत को समझना चाहते हैं, तो फ्रैंकलिन टेंपलटन म्यूचुअल फंड (Franklin Templeton Mutual Fund) का ये नया डेटा आपको हैरान कर सकता है। बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच कैसे लंबी अवधि का निवेश बड़ा फंड तैयार करता है, ये इस स्कीम ने साबित कर दिखाया है।

    फ्रैंकलिन टेंपलटन म्यूचुअल फंड ने इस फंड को हाल ही में 20 साल पूरे हुए, और फंड में अपने दो दशकों का डेटा शेयर किया। इस फंड का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 2,300 करोड़ रुपये के पार हो गया है। पहले इस फंड का नाम टेंपलटन इंडिया इक्विटी इनकम फंड था। ये फंड डिविडेंड यील्ड-फोकस्ड इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल करता है। इसका मतलब है कि ये फंड मुख्य रूप से उन कंपनियों के शेयरों में निवेश करता है, जिनकी डिविडेंड यील्ड ज्यादा है। आइए जानते हैं इसमें पैसा लगाने वालों ने कितना मुनाफा कमाया होगा।

    क्या है इस फंड का नाम और काम करने का तरीका?

    इस फंड का नाम है फ्रैंकलिन इंडिया डिविडेंड यील्ड फंड (Franklin India Dividend Yield Fund)। हालांकि, पहले इसका नाम 'टेंपलटन इंडिया इक्विटी इनकम फंड' हुआ करता था। सफलता के इसी ट्रैक रिकॉर्ड की वजह से आज इस फंड का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹2,300 करोड़ के पार पहुंच चुका है।

    20 सालों में कितना रिटर्न मिला?

    अगर किसी निवेशक ने 20 साल पहले इस फंड में ₹10,000 की मंथली SIP शुरू की थी, तो आज उनका कुल फंड बढ़कर ₹1.2 करोड़ हो गया होगा। यानी की 20 साल में निवेशक ने ₹24 लाख लगाए होंगे और रिटर्न में उन्हें ₹1.2 करोड़ मिले होंगे। वहीं अगर किसी ने 20 साल के लिए इस फंड में 1 लाख रुपए की एक मुश्त राशि लगाई होगी तो आज उनकी वैल्यू बढ़कर ₹13.6 लाख हो गई होगी।

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    निफ्टी को भी पीछे छोड़ा

    रिटर्न के मामले में इस फंड ने शानदार प्रदर्शन किया। शुरुआत से लेकर अब तक इस फंड ने 13.97% का सालाना कंपाउंडेड रिटर्न (CAGR) दिया है। इसकी तुलना अगर बेंचमार्क इंडेक्स से करें, तो इसी 20 साल की अवधि में 'निफ्टी 500 टोटल रिटर्न इंडेक्स' (Nifty 500 TRI) में ₹1 लाख का निवेश बढ़कर ₹10.3 लाख ही हुआ, जिसने 12.39% का CAGR रिटर्न दिया। यानी इस फंड ने इंडेक्स के मुकाबले निवेशकों को ज्यादा मुनाफा कमा कर दिया है।

    कैसे काम करता है ये फंड?

    डिविडेंड पर फोकस: ये स्कीम 'डिविडेंड यील्ड-फोकस्ड इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजी' पर चलती है। इसका मतलब है कि फंड मैनेजर मुख्य रूप से ऐसी कंपनियों के शेयरों को चुनते हैं, जिनका डिविडेंड (लाभांश) देने का बेहतरीन रिकॉर्ड होता है और जिनकी डिविडेंड यील्ड ज्यादा होती है।

    डाउनसाइड प्रोटेक्शन: फंड के पोर्टफोलियो मैनेजर राजेश काकुलावारापू का कहना है कि इस फंड का मुख्य मकसद बाजार की गिरावट में निवेशकों के पैसों को सुरक्षित रखना (डाउनसाइड प्रोटेक्शन) और लंबी अवधि में कंपाउंडिंग का फायदा देना है।

    कहां-कहां निवेश करता है ये फंड?

    जोखिम को कम करने के लिए ये फंड किसी एक सेक्टर में सारा पैसा नहीं लगाता, बल्कि अलग-अलग मार्केट कैप (लार्जकैप, मिडकैप, स्मॉलकैप) वाली कंपनियों में निवेश करता है। इसके पोर्टफोलियो में बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज, पावर एंड एनर्जी, आईटी, एफएमसीजी, ऑटोमोबाइल, टेलीकॉम, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स के साथ-साथ एयरोस्पेस और डिफेंस जैसे सेक्टर्स शामिल हैं।

    वहीं पिछले 12 महीनों के दौरान इस फंड का औसतन 54% पैसा लार्जकैप कंपनियों में लगा रहा। ये फंड देश के बाहर भी निवेश करता है। अप्रैल 2026 के आंकड़ों के अनुसार, इसका करीब 8% पैसा अमेरिका, दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे विदेशी बाजारों में लगा था। इसके अलावा, इसने 4 लिस्टेड रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (REITs) में 9% से ज्यादा का निवेश किया हुआ है।

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