SIP vs Lumpsum: कहां बनेगा बड़ा फंड? ₹5 लाख के निवेश और ₹5000 की मासिक बचत का पूरा कैलकुलेशन
SIP vs Lumpsum: यह लेख SIP और Lumpsum निवेश के तरीकों की तुलना करता है, जिसमें बताया गया है कि ...और पढ़ें

SIP vs Lumpsum: कहां बनेगा बड़ा फंड? ₹5 लाख के निवेश और ₹5000 की मासिक बचत का पूरा कैलकुलेशन
HighLights
SIP और Lumpsum निवेश की तुलना की गई है।
लमसम निवेश से SIP की तुलना में अधिक रिटर्न।
अपनी वित्तीय स्थिति के अनुसार निवेश विकल्प चुनें।
नई दिल्ली। आज के दौर में हर इंसान अपने भविष्य को बेहतर बनाना चाहता है। कुछ लोग शेयर मार्केट (Investment in Share Market) में पैसा लगाते हैं, तो कुछ हमेशा ऐसे निवेश के तरीकों की तलाश में रहते हैं जहां उनका पैसा भी सुरक्षित रहे, और तो और उन्हें अच्छा रिटर्न भी मिलता रहे।
लेकिन एक्सपर्ट का मानना है कि आप निवेश कहीं भी करें, हमेशा अपनी जरूरतों के हिसाब से ही निवेश करें। अगर आप एक समय पर एक साथ पैसा नहीं डालना चाहते हैं, तो हर महीने एसआईपी के जरिए निवेश कर सकते हैं। लमसम और एसआईपी, वैसे तो दोनों ही तरीके म्युचूअल फंड (Mutual Funds) के जरिए शेयर बाजार में निवेश के तरीके हैं, लेकिन अंतर दोनों में जमा हुए फंड में आता है। आइए आपको कैलकुलेशन के जरिए समझाते हैं, किस तरीके में आपके पास ज्यादा फंड जमा होगा।
SIP vs Lumpsum
एसआईपी का मतलब होता है Systematic Investment Plan। वहीं लमसम भी म्युचूअल फंड में निवेश का तरीका है। जहां एसआईपी में आप हर महीने थोड़ा-थोड़ा निवेश करते हैं, वहीं लमसम के जरिए आप किसी फंड में एक साथ बड़ी रकम निवेश कर देते हैं। वैसे तो दोनों में एवरेज रिटर्न 12% का होता है, लेकिन या बाजार के उतार-चढ़ाव के साथ बदल भी सकता है।
कैलकुलेशन के जरिए समझें
₹5000 की SIP से कितना फंड बनेगा?
- हर महीने का निवेश: ₹5000
- निवेश के साल: 10
- एवरेज रिटर्न: 12%
- 10 सालों में कुल निवेश: ₹6,00,000
- कुल फंड तैयार: ₹11,20,179
₹5 लाख के लमसम से कितना फंड बनेगा?
- निवेश की रकम: ₹500000
- निवेश के साल: 10
- एवरेज रिटर्न: 12%
- कुल फंड तैयार: ₹15,52,924
कैलकुलेशन से साफ है कि अगर आप एक बार लमसम में निवेश कर देते हैं, तो ₹5 लाख के निवेश पर आपको 10 सालों बाद ₹15 लाख से ज्यादा का रिटर्न मिलेगा। वहीं एसआईपी में ये रकम सिर्फ ₹11 लाख रह जाएगी।
किसके लिए कौन सही?
एसआईपी और लमसम, निवेश के दोनों ही तरीके सही हैं। लेकिन निवेशकों को हमेशा अपनी जरूरतों के हिसाब से निवेश करना चाहिए। अगर आपके पास बड़ी रकम मौजूद है तो आप लमसम में निवेश करें। लेकिन अगर आपके पास बड़ी रकम नहीं है, तो आप अपनी सैलरी से हर महीने थोड़ा-थोड़ा बचाकर भी निवेश कर सकते है।
डिस्क्लेमर: म्यूचुअल फंड के बारे में यहां दी गई जानकारी निवेश की सलाह नहीं है। कहीं भी निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।
ये भी पढ़ें: Aadhaar App Update: बार-बार परिवार का आधार मांगने की नहीं पड़ेगी जरूरत, ऐसे एक ही फोन से मैनेज करें सारी जानकारी
