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    SIP vs ULIP: हर महीने ₹10000 का निवेश, इतने सालों में तैयार होगा ₹1 करोड़ का फंड; कौन सा तरीका बेहतर? पूरा कैलकुलेशन

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 12:31 PM (IST)

    यह लेख SIP और ULIP के बीच तुलना करता है, यह जानने के लिए कि ₹10,000 मासिक निवेश से ₹1 करोड़ का फंड कैसे बनाया जा सकता है। इसमें दोनों योजनाओं की विशेष ...और पढ़ें

    SIP vs ULIP: ₹10000 की बचत से कब और कैसे बनेगा ₹1 करोड़ का फंड ये रहा पूरा कैलकुलेशन

    SIP vs ULIP: ₹10000 की बचत से कब और कैसे बनेगा ₹1 करोड़ का फंड ये रहा पूरा कैलकुलेशन

    HighLights

    1. SIP और ULIP की विशेषताओं और लागतों की तुलना।

    2. ₹10,000 मासिक निवेश से ₹1 करोड़ फंड का गणित।

    3. लंबी अवधि के लिए SIP या ULIP, कौन है बेहतर।

    नई दिल्ली। आज के समय में हर इंसान अपने भविष्य के लिए ढेर सारा पैसा जोड़ना चाहता है। लेकिन अक्सर लोग ये भूल जाते हैं कि बैंक या घर की अलमारियों में पैसा रखने से वो सिर्फ और सिर्फ कम होता है। जबकि सही समय पर सही जगह निवेश किया गया पैसा फ्यूचर में आपके लिए करोड़ों में बदल सकता है।

    आज निवेश के ऐसे ही दो तरीकों के बारे में बात करेंगे जो शेयर मार्केट के जोखिम से तो दूर हैं। लेकिन उनमें निवेश करने से पहले ये जानना बेहद जरूरी है कि आखिर किस तरीके से आपको ज्यादा फायदा होगा। आइए आपको बताते हैं कि SIP (Sytematic Investment Plan) और ULIP (Unified Linked Insurance Plan) के बारे में, जो निवेशकों द्वारा काफी पसंद किए जाते हैं।

    क्या है SIP और ULIP?

    SIP का मतलब है सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान। जहां हर महीने थोड़ा-थोड़ा करके किसी अच्छे म्यूचुअल फंड में निवेश किया जाता है। आप चाहें तो एसआईपी हर रोज कर सकते हैं, वरना मंथली कर सकते हैं। एक्सपर्ट का मानना है कि एसआईपी में कंपाउंडिग का जादू सिर्फ लंबी अवधि पर देखने को ही मिलता है, कम समय के लिए शायद एसआईपी उतना अच्छा रिटर्न न दे सके।

    वहीं ULIP का मतलब है यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान। यूलिप एक ऐसी स्कीम है जो इन्वेस्टमेंट और इंश्योरेंस (बीमा) दोनों का कॉम्बो पैक देती है। यानी इसमें आप जितना भी पैसा निवेश करते हैं, उसमें प्रीमियम से पहले आपके नाम पर लाइफ कवर (बीमा) का खर्च काटा जाता है, और बाकी बचे हुए पैसों को बाजार में निवेश किया जाता है। देखा जाए तो यूलिप में शुरुआती सालों में कई तरह के चार्ज कटते हैं, जैसे प्रीमियम एलोकेशन चार्ज, मोर्टेलिटी चार्ज और प्रशासनिक शुल्क। इस वजह से शुरुआती 3 से 5 साल तक आपका पैसा उतनी तेजी से नहीं बढ़ पाता, जितनी तेजी से एसआईपी में बढ़ता है।

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    कहां पहले तैयार होगा ₹1 करोड़ का फंड?

    1. SIP के लिए कैलकुलेशन    

    • हर महीने का निवेश: ₹10000
    • एवरेज रिटर्न: 12%
    • निवेश की अवधि: 21 साल
    • 21 सालों में कुल निवेश: ₹25,20,000
    • 21 साल बाद तैयार फंड: ₹1,04,30,067


    2. ULIP के लिए कैलकुलेशन

    ULIP का कैलकुलेशन एसआईपी के गणित से काफी ज्यादा अलग है। यहां आपको निवेश बंद करने के तुरंत बाद बड़ा फंड नहीं मिल पाएगा, बड़ा फंड तैयार करने के लिए आपको यहां पर निवेश बंद करने के कुछ और साल तक रुकना पड़ेगा। आइए ₹10000 के निवेश के लिए आपको कैलकुलेशन समझाते हैं।

    • हर महीने का निवेश: ₹10000
    • एवरेज रिटर्न: 8% /साल
    • कितने साल करना होगा निवेश: 14 साल
    • 14 सालों में कुल निवेश: ₹16.8 लाख
    • कुल कितने साल पैसा लॉक रहेगा: 30 साल
    • 30 सालों बाद तैयार हुआ फंड: ₹1.04 करोड़

    कैलकुलेशन से देखा जाए तो आप को सिर्फ 14 साल तक ही हर महीने निवेश करना होगा, लेकिन ₹1 करोड़ का फंड आपका 30 सालों में तैयार होगा। यानी कि 14 साल तक निवेश करने के बाद आपको और 16 साल बाद ₹1 करोड़ का फंड तैयार मिलेगा। बचे हुए 16 सालों में आपको अपनी साइड से और निवेश नहीं करना होगा, लेकिन जो पैसा आपने 14 सालों में निवेश किया है, वही और 16 सालों तक मार्केट में रहेगा, और फिर आपको बड़े फंड के रूप में वापस मिलेगा।

    SIP या ULIP : आपके लिए क्या बेहतर है?

    विशेषता SIP ULIP
    मुख्य उद्देश्य केवल तेज गति से संपत्ति (वेल्थ) बढ़ाना निवेश के साथ-साथ जीवन बीमा सुरक्षा
    लागत और खर्चे बहुत कम (केवल फंड का एक्सपेंस रेशियो)
    ज्यादा (विभिन्न प्रकार के चार्जेस और पॉलिसी फीस)
    लॉक-इन पीरियड कोई लॉक-इन नहीं (Tax Saver ELSS को छोड़कर)
    कम से कम 5 साल का अनिवार्य लॉक-इन
    फंड तक पहुंच (Liquidity) जब चाहें पैसे निकाल सकते हैं (हाई लिक्विडिटी)
    5 साल से पहले पैसे निकालना बेहद मुश्किल या नामुमकिन
    रिटर्न की संभावना चार्जेस कम होने के कारण रिटर्न पूरा और ज्यादा प्रभावी मिलता है
    चार्जेस कटने के बाद हाथ में आने वाला रिटर्न थोड़ा प्रभावित हो सकता है

    डिस्क्लेमर: म्यूचुअल फंड में निवेश करना जोखिमों के अधीन है, कहीं भी निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।

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