Credit Card: पहली बार लोन लेने वालों के लिए ‘क्रेडिट स्कोर’ बना सबसे बड़ा चैलेंज, 6 वजहों से जानिए क्यों फंस जाते हैं नए उधारकर्ता
Credit Score: पहली बार लोन लेने वाले युवा प्रोफेशनल्स के लिए क्रेडिट स्कोर बनाना एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि उनके पास कोई क्रेडिट हिस्ट्री नहीं होती। ...और पढ़ें

पहली बार लोन लेने वालों को अच्छा क्रेडिट स्कोर बनाने में क्यों आती है दिक्कत?
HighLights
पहली बार लोन लेने वालों के लिए क्रेडिट स्कोर चुनौती।
क्रेडिट हिस्ट्री न होना, भुगतान में लापरवाही मुख्य कारण।
समय पर EMI चुकाएं, क्रेडिट उपयोग 30% से कम रखें।
नई दिल्ली: देश में तेजी से बढ़ते डिजिटल बैंकिंग (Digital Banking) और आसान लोन प्रक्रियाओं (Loan Process) के बावजूद, पहली बार कर्ज लेने वालों के लिए एक अच्छा क्रेडिट स्कोर (Credit Score) बनाना अभी भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। खासकर युवा प्रोफेशनल्स और नए नौकरीपेशा लोग, जिनकी कोई ठोस क्रेडिट हिस्ट्री (Credit History) नहीं होती, वे शुरुआत में ही वित्तीय सिस्टम में संघर्ष करते नजर आते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, क्रेडिट स्कोर सिर्फ नंबर नहीं बल्कि किसी व्यक्ति की वित्तिय विश्वसनीयता का आईना होता है। ऐसे में शुरुआती गलतियां लंबे समय तक नुकसान पहुंचा सकती है।
शुरुआत में ही क्यों बिगड़ जाता है क्रेडिट स्कोर?
1. क्रेडिट हिस्ट्री का न होना सबसे बड़ी दिक्कत
पहली बार लोन लेने वालों के पास कोई पिछला रिकॉर्ड नहीं होता। बैंक और NBFC ऐसे ग्राहकों को 'रिस्क प्रोफाइल' में रखते हैं, जिससे या तो लोन मिलने में देरी होती है या फिर सख्त शर्तों पर कर्ज मिलता है।
2. सीमित क्रेडिट एक्सेस
नए ग्राहकों को अक्सर कम लिमिट वाले क्रेडिट कार्ड या छोटे पर्सनल लोन ही मिलते हैं। इससे उनका क्रेडिट एक्सपोजर सीमित रहता है और स्कोर तेजी से नहीं बढ़ पाता।
3. EMI और बिल भुगतान में लापरवाही
क्रेडिट स्कोर का सबसे अहम फैक्टर समय पर भुगतान है। लेकिन कई नए उधारकर्ता ड्यू डेट मिस कर देते हैं या केवल ‘मिनिमम पेमेंट’ करते हैं, जिससे स्कोर पर सीधा असर पड़ता है।
वित्तीय व्यवहार की गलतियां जो पड़ती हैं भारी
4. ज्यादा क्रेडिट उपयोग (Credit Utilization Ratio)
कम लिमिट वाले कार्ड का अधिक उपयोग करने से क्रेडिट उपयोग अनुपात 30% से ऊपर चला जाता है। यह संकेत देता है कि व्यक्ति ज्यादा कर्ज पर निर्भर है, जो स्कोर को गिरा सकता है।
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5. बार-बार लोन या कार्ड के लिए आवेदन
हर बार जब आप लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करते हैं, तो ‘हार्ड इंक्वायरी’ होती है। बार-बार आवेदन करने से यह संख्या बढ़ती है और स्कोर पर नकारात्मक असर पड़ता है।
6. क्रेडिट सिस्टम की समझ का अभाव
कई नए उधारकर्ता यह नहीं जानते कि क्रेडिट स्कोर कैसे काम करता है। जैसे—कुछ लोग सोचते हैं कि क्रेडिट कार्ड का बकाया छोड़ने से स्कोर सुधरता है, जबकि असल में इससे ब्याज बढ़ता है और स्कोर गिरता है।
इसका सीधा असर क्या पड़ता है?
अगर शुरुआत में क्रेडिट स्कोर कमजोर हो जाए, तो इसके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं
1. लोन रिजेक्शन की संभावना बढ़ जाती है
2. ब्याज दर ज्यादा लगती है।
3. होम लोन या कार लोन जैसे बड़े फाइनेंशियल फैसलों में दिक्कत आती है।
4. क्रेडिट कार्ड लिमिट कम मिलती है।
एक्सपर्ट क्या सलाह देते हैं?
वित्तीय विशेषज्ञ मानते हैं कि क्रेडिट स्कोर सुधारना कोई एक दिन का काम नहीं, बल्कि एक अनुशासित प्रक्रिया है। इसके लिए
* हर EMI और बिल समय पर चुकाएं
* क्रेडिट कार्ड का उपयोग 30% से कम रखें
* एक साथ कई लोन के लिए आवेदन करने से बचें
* अपनी क्रेडिट रिपोर्ट नियमित रूप से जांचते रहें
* लंबी अवधि तक एक स्थिर क्रेडिट व्यवहार बनाए रखें
नए उधारकर्ताओं (Borrowers) के लिए स्मार्ट शुरुआत कैसे करें?
* छोटे अमाउंट का लोन लेकर समय पर चुकाएं
* सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड से शुरुआत करें
* ऑटो-डेबिट सेट करें ताकि भुगतान मिस न हो
* अनावश्यक खर्च से बचें और बजट बनाकर चलें
पहली बार लोन लेने वालों के लिए क्रेडिट स्कोर बनाना एक चुनौती जरूर है, लेकिन नामुमकिन नहीं। सही जानकारी, वित्तीय अनुशासन और धैर्य के साथ कोई भी व्यक्ति मजबूत क्रेडिट प्रोफाइल तैयार कर सकता है।