FD vs Gold: निवेश का कौन सा तरीका ज्यादा सुरक्षित, 20 साल में किसने कितना दिया रिटर्न? 5 प्वाइंट में सबकुछ
FD-Gold Return Calculation: यह लेख निवेश के लिए एफडी और गोल्ड की तुलना करता है, जिसमें सुरक्षा, रिटर्न, तरलता और ...और पढ़ें

FD vs Gold: निवेश का कौन सा तरीका ज्यादा सुरक्षित, 20 साल में किसने कितना दिया रिटर्न? 5 प्वाइंट में सबकुछ
HighLights
FD सुरक्षित है, गोल्ड लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न देता है।
गोल्ड महंगाई से बचाता है और FD से अधिक तरल है।
गोल्ड पर 20% LTCG, FD पर इनकम स्लैब टैक्स।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। जब निवेश की बात आती है, तो लोग सबसे पहले सुरक्षा देखते हैं। जो पैसा वो निवेश कर रहे हैं, वो आगे कितना रिटर्न देगा, साथ ही सुरक्षित रहेगा या नहीं, ये सारे सवाल उनके मन में घूमते रहते हैं। इसलिए आज आपको निवेश के ऐसे दो तरीकों के बारे में बताएंगे जो शेयर मार्केट (Share Market Today) के उतार चढ़ाव से काफी दूर हैं और रिटर्न भी अच्छा देते हैं।
निवेश के इन तरीकों का नाम है एफडी और गोल्ड (FD Gold Return)। जी हां, यहां आपका पैसा बाजार के उतार चढ़ाव से दूर रहता है और आपको रिटर्न भी मिलता है। लेकिन अब यहां पर सवाल ये है कि FD-Gold में से कौन सा तरीका बेहतर है और किसमें कितना रिटर्न मिलेगा? तो आइए समझते हैं कि आखिर आपको भविष्य में कौन मालामाल करवा सकता है।
1. FD vs Gold: कौन सुरक्षित?
देखा जाए तो एफडी ज्यादा सुरक्षित है। बैंक में एफडी करवाने पर आपको गारंटीड रिटर्न मिलता है और डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) से 5 लाख तक का इंश्योरेंस मिलता है। दूसरी ओर, गोल्ड की कीमत देशी और विदेशी बाजारों पर निर्भर करती हैं, जो शॉर्ट टर्म में ऊपर-नीचे हो सकती हैं।
2. रिटर्न के मामले में कौन आगे?
एक्सपर्ट बताते हैं कि गोल्ड लंबे समय में अच्छा रिटर्न दे सकता है। जैसे पिछले 20 सालों में गोल्ड में लगभग 11.2%-15.1% का सलाना CAGR रिटर्न मिला है। वहीं एफडी पर 5-8% सलाना रिटर्न मिला है, जो बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर रहता है।
गोल्ड का कैलकुलेशन
- निवेश की रकम- ₹1,00,000
- निवेश के साल- 20 साल
- CAGR रिटर्न- 11.2%
- अनुमानित रिटर्न (रकम)- ₹8.66 लाख
FD का कैलकुलेशन
- निवेश की रकम- 1,00,000 रुपए
- निवेश की अवधि- 20 साल
- अनुमानित ब्याज- 8%
- अनुमानित रिटर्न (रकम)- 4.66 लाख रुपए
कैलकुलेशन में देखें तो यहां पर एफडी पर कम रिटर्न मिल रहा है, लेकिन याद रखें ये गारंटीड है और गोल्ड में मिलने वाला रिटर्न कभी भी कम ज्यादा हो सकता है।
3. महंगाई से कौन बचाएगा?
एक्सपर्ट बताते हैं कि महंगाई के दौर में गोल्ड आपके काम आ सकता है, क्योंकि इसकी कीमत इन्फ्लेशन के साथ बढ़ती है। जबकि एफडी का रिटर्न फिक्स होता है, जो इन्फ्लेशन को मात नहीं दे पाता। लेकिन लंबे समय में गोल्ड की चमक बरकरार रहती है।
4. FD or Gold- कौन ज्यादा लिक्विड?
लिक्विडिटी का मामले में गोल्ड ज्यादा लिक्विड है। इसे आप कहीं और कभी भी बेच सकते हैं। लेकिन एफडी जबतक मेच्योर नहीं होती, तब तक उसे तोड़ना सही नहीं रहता। अगर प्रीमेच्योर एफडी तोड़ी जाती है तो फिर उस पर मिलने वाले ब्याज में नुकसान हो सकता है।
5. टैक्स के मामले में कौन फायदेमंद?
गोल्ड से होने वाले फायदे पर लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन टैक्स 20% लगता है, जो एफडी पर लगने वाले टैक्स से कम होता है। एफडी पर ब्याज इनकम स्लैब के हिसाब से कैलकुलेट किया जाता है, वहीं कम सैलरी वालों को यहां भी कुछ राहत मिल सकती है।
