FD vs RD: ₹10 लाख की एफडी या ₹10,000 की आरडी, 10 साल में सबसे पहले कौन बनाएगा लखपति? जानिए पूरी कैलकुलेशन
यह लेख एफडी और आरडी में से कौन सा विकल्प 10 साल में बेहतर रिटर्न देगा, इसकी विस्तृत गणना प्रस्तुत ...और पढ़ें

FD vs RD: ₹10 लाख की एफडी या ₹10,000 की आरडी, 10 साल में कहां मिलेगा सबसे ज्यादा रिटर्न? (AI Generated Image)
HighLights
एफडी में एकमुश्त निवेश पर पहले दिन से ब्याज मिलता है।
आरडी में मासिक निवेश पर धीरे-धीरे ब्याज जुड़ता है।
10 साल में एफडी, आरडी से अधिक रिटर्न देती है।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। क्या आप भी अपने भविष्य के लिए हमेशा अच्छे विकल्प की तलाश में रहते हैं? क्या आप भी सोचते हैं कि SIP में निवेश करें, कि FD में निवेश करें या फिर शेयर मार्केट (Share Market) में? तो आपको अब घबराने की जरूरत नहीं हैं। आज आपको निवेश के ऐसे दो तरीकों के बारे में बताएंगे जो सेफ भी हैं और रिटर्न भी अच्छा देते हैं।
जो लोग शेयर मार्केट के उतार-चढ़ाव से दूर रहना चाहते हैं तो उन लोगों के लिए एफडी और आरडी में निवेश करना एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। ऐसा करके आपका पैसा सेफ भी रहता है और उसकी वैल्यू भी बढ़ती जाती है। आइए कैलकुलेशन के जरिए समझतें हैं कि एफडी या आरडी, कहां आपको ज्यादा रिटर्न मिल सकता है।
FD vs RD
एफडी का मतलब होता है फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposit)। यानी कि यहां पर बैंक या पोस्ट ऑफिस में तय समय के लिए एकमुश्त रकम निवेश करते हैं और फिर हमें उसपर ब्याज मिलता है। वहीं रिकरिंग डिपॉजिट (Recurring Deposit) में हम बैंक या पोस्ट ऑफिस में हर महीने थोड़ी-थोड़ी रकम निवेश करते हैं। वहीं इनमें एक अंतर ये भी है कि एफडी में आप पैसा कम से कम 7 दिन और ज्यादा से ज्यादा 10 साल तक के लिए निवेश करते हैं। लेकिन आरडी में ये समय सीमा 6 महीने से लेकर 10 सालों तक की है।
कैलकुलेशन में समझें-
एफडी और आरडी, दोनों का कैलकुलेशन अलग-अलग होता है। क्योंकि एफडी में पूरे पैसे पर पहले दिन से मिलने लगता है, लेकिन आरडी में ऐसा नहीं होता क्योंकि यहां आप थोड़ा-थोड़ा पैसा निवेश करते हैं। आइए कैलकुलेश के जरिए समझते हैं कि ₹10 लाख की एफडी या फिर ₹10000 की आरडी, 10 सालों में कहां ज्यादा फंड बनेगा।
एफडी के लिए गणित
- एफडी में निवेश की गई रकम: ₹1000000
- एफडी पर मिलने वाला ब्याज: 6.5%
- एफडी की समय अवधि: 10 साल
- 10 साल बाद मैच्योरिटी अमाउंट: ₹19,05,559
आरडी के लिए गणित
- आरडी में हर महीने का निवेश: ₹10000
- आरडी पर मिलने वाला ब्याज: 6.5%
- आरडी की समय अवधि: 10 साल
- 10 सालों में किया गया निवेश: ₹12,00,000
- 10 साल बाद मैच्योरिटी अमाउंट: ₹16,89,871
कैलकुलेशन साफ बताती है कि एफडी पर 10 सालों में ज्यादा फायदा होगा। इसका बड़ा कारण ये है कि एफडी में पहले दिन से ही पूरे पैसे पर ब्याज मिलने लगता है। लेकिन आरडी में ऐसा नहीं होता है। आरडी में थोड़ा थोड़ा पैसा निवेश होता इसलिए इस पर मिलने वाले ब्याज में अंतर आ सकता है।
मालूम हो कि यहां हमने जो कैलकुलेश किया है, वो एवरेज ब्याज को लेकर किया है। अलग-अलग बैंकों में ब्याज की दरें अलग-अलग होती हैं। इसलिए ऐसा हो सकता है कि आपको कहीं कम तो कहीं ज्यादा ब्याज मिले।
आपके लिए कौन बेहतर?
एफडी और आरडी, निवेश के दोनों ही तरीके सही होते है। लेकिन निवेशकों को हमेशा अपनी जरूरत देखनी चाहिए। अगर निवेशक के पास एकमुश्त रकम है और आने वाले समय में उसे उन पैसों के जरूरत नहीं पड़ने वाली है, तो वो इन पैसों की एफडी करवा सकता है। वहीं जो लोग हर महीने बचत की आदत डालना चाहते हैं तो वो आरडी में निवेश कर सकते हैं।
