FD vs SCSS: रिटायरमेंट के बाद कहां ₹1 लाख लगाने से बनेगा ज्यादा फंड, कैलकुलेशन से समझें कौन आगे
FD vs SCSS: सेवानिवृत्ति के बाद निवेश के लिए बैंक एफडी और सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) में से कौन बेहतर है, यह समझना महत्वपूर्ण है। गणना के अनु ...और पढ़ें

FD vs SCSS: रिटायरमेंट के बाद कहां ₹1 लाख लगाने से बनेगा ज्यादा फंड, कैलकुलेशन से समझें कौन आगे (AI Generated)
HighLights
बैंक एफडी सुरक्षित, टैक्स लाभ, लगभग 6.9% ब्याज दर।
SCSS सरकारी योजना, 8.2% ब्याज, तिमाही भुगतान सुविधा।
SCSS में अधिक रिटर्न, पर 5 साल का लॉक-इन।
नई दिल्ली। कई सालों की नौकरी के बाद रिटायरमेंट पर हर इंसान सुकून से रहना चाहता है। न तो वो पैसे की और न ही किसी और किसी चीज की टेंशन लेना चाहता है। इसलिए कई लोग कम उम्र में ही रिटरमेंट के बारे में सोचते हुए निवेश करने का सोचते हैं ताकि उन्हें बाद परेशान न होने पड़े। वहीं कुछ लोग रिटायरमेंट के बाद निवेश का सोचते हैं।
लेकिन अक्सर लोग ये समझने में गलती कर देते हैं कि उन्हें ज्यादा रिटर्न कहां मिलेगा। जब बात सुरक्षित निवेश और रेगुलर इनकम की आती है, तो बुजुर्गों के सामने दो बड़े नाम होते हैं, बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और सरकार की सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS)। लेकिन आपके लिए कौन सा ऑप्शन सबसे बेस्ट रहेगा, ये जानना बेहद जरूरी है। आइए कैलकुलेशन के जरिए समझते हैं कि कहां आपको फायदा मिलने वाला है।
बुजुर्गों की पहली पसंद क्यों है FD?
ज्यादातर बुजुर्ग निवेशक आज भी बैंक एफडी (Bank FD) पर सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं। इसके पीछे कई सारी वजह भी हैं। एफडी का पैसा बैंक में पूरी तरह सेफ होता है, मार्केट के उतार-चढ़ाव का इस पर कोई असर नहीं पड़ता, साथ ही इसमें टैक्स बचाने का मौका भी आपको मिलता है। भले ही बाजार में कितना उतार-चढ़ाव आए, लेकिन एफडी में डाले गए पैसे पर तय रिटर्न आपको जरूर मिलता है।
ब्याज दर की बात करें तो हर बैंक की एफडी दरें अलग-अलग होती है। साथ ही बैंक वरिष्ठ नागरिकों के नाम पर एफडी के लिए एक्स्ट्रा ब्याज भी देते हैं। कुछ सरकारी बैंकों की बात करें तो इस समय पंजाब नेशनल बैंक 5 साल की एफडी पर सबसे ज्यादा 6.85% है। लेकिन देखा जाए तो आमतौर पर सीनियर सिटीजंस को सलाना करीब 6.9% तक का बयाज एफडी पर मिल जाता है।
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SCSS क्यों है दमदार?
अगर आप एफडी से हटकर कहीं और निवेश करना चाहते हैं, तो सरकार की छोटी बचत योजनाओं में शामिल SCSS एक बेहतरीन विकल्प है। इस सरकारी स्कीम में बुजुर्गों को 8.2% जैसा शानदार ब्याज मिल रहा है, जो कि नॉर्मल बैंक एफडी से काफी ज्यादा है। और तो और क्योंकि ये सरकारी स्कीम है, इसलिए इसमें किसी तरह का कोई रिस्क भी नहीं जुड़ा होता है। इसमें हर तीन महीने (Quarterly) पर ब्याज का पैसा आपके खाते में आ जाता है, जिससे बुढ़ापे का खर्च आसानी से चलता रहता है।
दोनों में क्या है अंतर?
देखा जाए तो FD और SCSS, दोनों ही सुरक्षित हैं, लेकिन इनके ब्याज दर में काफी ज्यादा अंतर है। साथ ही एफडी आप 1 साल, 2 साल, 3 साल और जितने चाहें उतने सालों के लिए कर सकते हैं, लेकिन SCSS का लॉक-इन पीरियड 5 साल का होता। यानी कि 5 साल पहले इस स्कीम से पैसा नहीं निकाल सकते हैं।
कैलकुलेश से समझिए-
मान लीजिए आपने कि आपने एफडी में 5 सालों के लिए 6.85% की दर से ₹1 लाख लगाए। तो 5 साल बाद आपको ₹1,39,275 बतौर रिटर्न मिलेंगे। वहीं अगर आप 5 सालों के लिए SCSS में ₹1 लाख निवेश करते हैं, तो आपको यहां 8.2% का रिटर्न मिलेगा। ऐसे में SCSS में निवेश करने से 5 साल बाद आपके ₹1 लाख, ₹1,41,000 बन जाएंगे।
(डिस्क्लेमर- यहां दी गई जानकारी निवेश की सलाह नहीं है, कहीं भी निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।)
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