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Yolo और FOMO वाली Gen-Z को रास नहीं आ रहे बचत के पुराने फॉर्मूले! FD और SIP से क्यों दूर भाग रहे आज के युवा?

Published: Wed, 02 Sep 2026 11:48 AM (IST)

Gen-Z पारंपरिक बचत तरीकों जैसे FD और SIP को पसंद नहीं कर रही है, क्योंकि वे तुरंत परिणाम और अनुभव पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

FD और रेगुलर SIP से क्यों दूर भाग रहे आज के युवा? (AI Photo)

FD और रेगुलर SIP से क्यों दूर भाग रहे आज के युवा? (AI Photo)


HighLights

  1. Gen-Z को पारंपरिक FD, SIP में धैर्य नहीं।

  2. युवा अनुभव पर केंद्रित, रिटायरमेंट से ज्यादा महत्व।

  3. हाई-रिस्क निवेश, क्रिप्टोकरेंसी में बढ़ रही रुचि।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: "पैसा बचाओ, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कराओ, या फिर म्यूचुअल फंड में SIP शुरू करके 20 साल के लिए भूल जाओ" अगर आप 1996 से 2010 के बीच जन्मे युवाओं (Gen-Z) को यह पुरानी फाइनेंशियल एडवाइस दे रहे हैं, तो वे शायद आपकी बात सुनकर इग्नोर कर देंगे।

हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, पर्सनल फाइनेंस के पारंपरिक तरीके और निवेश के पुराने पाठ अब Gen-Z के साथ कनेक्ट करने में पूरी तरह फेल हो रहे हैं। आज की पीढ़ी का पैसे कमाने, बचाने और खर्च करने का नजरिया उनके माता-पिता से बिल्कुल अलग है।

पुराने तरीकों से क्यों टूट रहा है मोह?

पारंपरिक निवेश (जैसे PPF, FD या लॉन्ग टर्म SIP) का मूल मंत्र है धैर्य। लेकिन स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के युग में बड़ी हुई Gen-Z को हर चीज़ तुरंत चाहिए। उन्हें 60 साल की उम्र में करोड़पति बनने का सपना नहीं देखना है, बल्कि 5 साल में वेल्थ क्रिएट करनी है। इसलिए दशकों तक चलने वाली SIP उन्हें बोरिंग लगती है।

रिटायरमेंट नहीं, एक्सपीरियंस पर है फोकस

पुरानी पीढ़ियों का मुख्य लक्ष्य एक घर खरीदना और शांतिपूर्ण रिटायरमेंट के लिए पैसा जोड़ना होता था। लेकिन Gen-Z का मंत्र है YOLO (You only live once)। वे भविष्य के लिए अपनी आज की खुशियों को मारना नहीं चाहते। उनका फोकस महंगी गाड़ियां या घर खरीदने से ज्यादा ट्रेवल करने, कॉन्सर्ट्स में जाने और नए 'एक्सपीरियंसेस' बटोरने पर है।

गेमीफाइड और हाई-रिस्क इन्वेस्टिंग का चस्का

आज के युवाओं को शेयर बाजार में इन्वेस्ट करने के लिए किसी ब्रोकर के पास जाने की जरूरत नहीं है, सब कुछ उनके फोन पर मौजूद है। F&O जैसी हाई-रिस्क ट्रेडिंग की तरफ तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। क्रिप्टोकरेंसी जैसी नई और वोलेटाइल एसेट्स में पैसा लगा रहे हैं, जहां उन्हें रातों-रात बड़े मुनाफे की उम्मीद दिखती है।

 फाइनेंशियल प्लानर्स और वेल्थ मैनेजर्स के लिए यह एक बड़ा अलार्म है। अगर वे चाहते हैं कि Gen-Z निवेश करे, तो उन्हें अपना नजरिया बदलना होगा।

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