ITR Filing 2026: सैलरी, पेंशन या शेयर बाजार से कमाई? गलत फॉर्म भरा तो आएगा नोटिस, समझें ITR 1, 2, 3 और 4 का गणित!
ITR Filing 2026: असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए ITR फाइलिंग की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 नजदीक है। गलत ITR फॉर्म भरने से बचने और नोटिस से बचने के लिए, यह ...और पढ़ें

ITR Filing 2026: सैलरी, पेंशन या शेयर बाजार से कमाई गलत फॉर्म भरा तो आएगा नोटिस, समझें ITR 1, 2, 3 और 4 का गणित!
HighLights
असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए ITR फाइलिंग की अंतिम तिथि नजदीक।
गलत ITR फॉर्म भरने पर नोटिस या रिटर्न अटक सकता है।
सैलरी, पेंशन, शेयर बाजार की कमाई के लिए सही फॉर्म चुनें।
नई दिल्ली। अगर आप एक स्टूडेंट (Student) हैं, नौकरी करते हैं (salaried) हैं, पेंशनर हैं या कोई भी ऐसे टैक्सपेयर (Taxpayer) हैं जिन्हें अपने खातों का ऑडिट (Tax Audit) कराने की जरूरत नहीं है, तो आपके लिए एक बेहद जरूरी तारीख नजदीक आ रही है। असेसमेंट ईयर 2026-2027 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है। वहीं, टैक्स ईयर 2026-27 के लिए यह डेडलाइन 31 जुलाई 2027 होगी।
लेकिन कई लोग अक्सर ये समझने में गलती कर देते हैं कि उनके लिए कौन सा आईटीआर फॉर्म (How to Choose ITR Form) भरना सही होगा? और जल्दबाजी में वो गलत फॉर्म भर देते हैं, जिसकी वजह से कई बार उनका रिटर्न अटक जाता है, या फिर उन्हें विभाग से नोटिस आ जाता है। आइए ऐसे में आपको समझाते हैं कि आप कैसे आसानी से अपने लिए फॉर्म चुन सकते हैं।
1. सैलरी-पेंशन वाले लोग क्या चुनें?
आईटीआर के ये तीनों फॉर्म उन लोगों के लिए हैं जो नौकरी करते हैं, बिजनेस करते हैं, या फिर उनकी आमदनी पेंशन के जरिए होती है। लेकिन उन मामलों में भी किसे कौन से फॉर्म चुनना है, वो नीचे दी गई टेबल से समझा जा सकता है:
| कमाई का जरिया (Nature of Income) | ITR-1 | ITR-2 | ITR-3 | ITR-4 |
| सैलरी या पेंशन से होने वाली आमदनी | ✓ | ✓ | ✓ | ✓ |
| फैमिली पेंशन (भारत के सामान्य निवासियों के लिए) | ✓ | ✓ | ✓ | ✓ |
| फैमिली पेंशन (Non-Resident या 'Not Ordinarily Resident' के लिए) | ❌ | ✓ | ✓ | ❌ |
| बिजनेस या प्रोफेशन (जैसे डॉक्टर, वकील) से सामान्य कमाई | ❌ | ❌ | ✓ | ❌ |
| अनुमानित बिजनेस कमाई (Presumptive Income - Sec 44AD, 44ADA, 44AE) (भारतीय निवासियों के लिए) | ❌ | ❌ | ✓ | ✓ |
| पार्टनरशिप फर्म से मिलने वाला ब्याज, सैलरी, बोनस या प्रॉफिट | ❌ | ❌ | ✓ | ❌ |
2. शेयर बाजार और प्रॉपर्टी से कमाई
अगर आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं, म्यूचुअल फंड बेचते हैं या कोई जमीन-मकान बेचकर मुनाफा कमाते हैं, तो आपके लिए नियम थोड़े अलग हैं:
| कैपिटल गेन का प्रकार | ITR-1 | ITR-2 | ITR-3 | ITR-4 |
| लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) (Sec 112A के तहत ₹1.25 लाख से कम) | ✓ | ✓ | ✓ | ✓ |
| लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) (Sec 112A के तहत ₹1.25 लाख से ज़्यादा या Sec 112 के तहत) | ❌ | ✓ | ✓ | ❌ |
| शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) (शेयर या म्यूचुअल फंड आदि बेचने पर मुनाफा) | ❌ | ✓ | ✓ | ❌ |
| अनलिस्टेड (Unlisted) शेयर (जो शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं हैं, उन्हें पास में रखना) | ❌ | ✓ | ✓ | ❌ |
| जमीन, मकान या गोल्ड बेचने पर हुआ मुनाफा/नुकसान | ❌ | ✓ | ✓ | ❌ |
3. बैंक ब्याज, लॉटरी और किसी और तरीके से कमाई
अगर आपकी कमाई का जरिया बैंक का ब्याज है, या आपकी लॉटरी लगी है और या फिर आपको ₹10 लाख से ज्यादा डिविडेंड मिला है तो आपके लिए नियम थोड़े अलग हो सकते हैं:
| कमाई का प्रकार | ITR-1 | ITR-2 | ITR-3 | ITR-4 |
| अन्य सामान्य कमाई (बैंक ब्याज, डिविडेंड आदि - विशेष टैक्स रेट या लॉटरी को छोड़कर) | ✓ | ✓ | ✓ | ✓ |
| स्पेशल रेट वाली कमाई (जैसे लॉटरी, घुड़दौड़ से जीत या इस हेड में हुआ नुकसान) | ❌ | ✓ | ✓ | ❌ |
| ₹10 लाख से ज्यादा का डिविडेंड (Sec 115BBDA के तहत) | ❌ | ✓ | ✓ | ❌ |
4. टैक्स छूट और कुल इनकम की सीमाएं
कुछ खास टैक्स छूट क्लेम करने या बड़ी आमदनी होने पर भी फॉर्म बदल जाता है:
| स्थिति / नियम | ITR-1 | ITR-2 | ITR-3 | ITR-4 |
| सालाना कुल कमाई ₹50 लाख से ज़्यादा होना | ❌ | ✓ | ✓ | ❌ |
| खेती से कमाई (Agricultural Income) ₹5,000 से ज़्यादा होना | ❌ | ✓ | ✓ | ❌ |
| पुराना नुकसान (Loss) आगे कैरी फॉरवर्ड करना या पुराना नुकसान सेट-ऑफ करना | ❌ | ✓ | ✓ | ❌ |
| पेटेंट या किताबों की रॉयल्टी पर छूट (Sec 80QQB या 80RRB के तहत) | ❌ | ✓ | ✓ | ❌ |
| विदेश से हुई कमाई पर टैक्स रिलीफ (Sec 90, 90A या 91 के तहत) | ❌ | ✓ | ✓ | ❌ |
5. कम सैलरी वालों के लिए भी जरूरी ITR!
कई बार लोगों को लगता है कि उनकी कमाई टैक्स छूट की सीमा से कम है, तो उन्हें ITR भरने की जरूरत नहीं है। लेकिन ऐसा नहीं है! अगर आपने सालभर में नीचे दिए गए काम किए हैं, तो आपको ITR भरना ही पड़ेगा:
| क्या आपने सालभर में यह काम किया है? | ITR-1 | ITR-2 | ITR-3 | ITR-4 |
| विदेश में कोई संपत्ति (Foreign Asset) होना या वहां से कमाई होना | ❌ | ✓ | ✓ | ❌ |
| करंट अकाउंट (Current Account) में ₹1 करोड़ से ज़्यादा जमा करना | ✓ | ✓ | ✓ | ❌ |
| विदेश यात्रा (Foreign Travel) पर ₹2 लाख से ज़्यादा खर्च करना | ✓ | ✓ | ✓ | ✓ |
| सालभर का बिजली बिल ₹1 लाख से ज़्यादा आना | ✓ | ✓ | ✓ | ✓ |
| सेविंग्स बैंक अकाउंट में ₹50 लाख या उससे ज़्यादा जमा करना | ✓ | ✓ | ✓ | ✓ |
| सालाना टीडीएस/टीसीएस (TDS/TCS) ₹25,000 या उससे ज़्यादा कटना (बुजुर्गों के लिए ₹50,000) | ✓ | ✓ | ✓ | ✓ |
| बिजनेस का सालाना टर्नओवर ₹60 लाख से ज़्यादा होना | ❌ | ❌ | ✓ | ✓ |
| प्रोफेशनल ग्रॉस रिसीप्ट (कमाई) ₹10 लाख से ज़्यादा होना | ❌ | ❌ | ✓ | ✓ |
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