NRI हैं और बेटी के लिए खोलना चाहते हैं सुकन्या समृद्धि खाता, तो जान लें कैसे मिलेगा इस स्कीम का पूरा फायदा?
Sukanya Samriddhi Yojana: क्या एनआरआई के पिता अपनी बेटी के लिए खोल सकते हैं सुकन्या समृद्धि योजना का खाता? आइए जानते हैं पूरी डिटले... ...और पढ़ें

SSY Scheme
HighLights
एनआरआई माता-पिता नया सुकन्या समृद्धि खाता खोल सकते?
NRI बनने पर खाता मैच्योरिटी तक जारी रह सकता है।
योजना पर 8.2% ब्याज और EEE टैक्स लाभ मिलता है।
नई दिल्ली: हर माता-पिता अपनी बेटी के सुरक्षित भविष्य, उसकी उच्च शिक्षा और शादी के लिए एक मजबूत फंड बनाना चाहते हैं। भारत सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana - SSY) इसके लिए सबसे बेहतरीन और लोकप्रिय विकल्पों में से एक है। वर्तमान में इस स्कीम पर 8.2% का शानदार सालाना ब्याज मिल रहा है, जो कई फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और अन्य बचत योजनाओं से कहीं ज्यादा है।
लेकिन, जब बात अनिवासी भारतीयों यानी NRI (Non-Resident Indians) की आती है, तो इस योजना को लेकर कई सवाल और कन्फ्यूजन सामने आते हैं। क्या कोई NRI अपनी बेटी के लिए यह खाता खोल सकता है? अगर खाता खोलने के बाद माता-पिता विदेश शिफ्ट हो जाएं तो क्या होगा? आइए इन सभी सवालों के जवाब और नियमों को विस्तार से समझते हैं।
क्या NRI माता-पिता SSY खाता खोल सकते हैं?
सुकन्या समृद्धि योजना के नियमों के अनुसार कोई भी NRI माता-पिता SSY खाता नहीं खोल सकते हैं। यह योजना विशेष रूप से केवल उन लड़कियों के लिए है जो भारत की निवासी (Resident Indian) हैं। अगर आप या आपकी बेटी अनिवासी भारतीय (NRI) या विदेशी नागरिक (OCI/PIO) का दर्जा प्राप्त कर चुके हैं, तो आप अपनी बेटी के नाम पर नया सुकन्या समृद्धि खाता नहीं खोल सकते हैं।
अगर खाता खोलने के बाद NRI बन जाएं तो क्या होगा?
यह एक बहुत ही सामान्य स्थिति है। मान लीजिए कि जब आपने बेटी के नाम पर SSY खाता खोला था, तब आप भारत के निवासी थे, लेकिन कुछ सालों बाद नौकरी या बिजनेस के चलते आप विदेश शिफ्ट हो गए और NRI बन गए। ऐसे में आपके खाते का क्या होगा?
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1. पहले नियम था कि NRI बनने पर खाते को तुरंत बंद करना पड़ता था। लेकिन अब नियमों में ढील दी गई है। अगर खाता खोलने के बाद बेटी या अभिभावक का स्टेटस NRI हो जाता है, तो भी खाता उसकी मैच्योरिटी (21 साल) तक चालू रह सकता है।
2. जैसे ही आपका या आपकी बेटी का रेजिडेंशियल स्टेटस (Residential Status) बदलता है, आपको 1 महीने के भीतर अपने बैंक या पोस्ट ऑफिस (जहां खाता है) को इसकी सूचना देना अनिवार्य है।
3. सबसे अहम शर्त यह है कि मैच्योरिटी के बाद जो भी पैसा मिलेगा, उसे आप भारत से बाहर नहीं ले जा सकते। इसका भुगतान भारतीय मुद्रा (रुपये) में ही किया जाएगा।
8.2% ब्याज और टैक्स छूट का जबरदस्त फायदा
फिलहाल इस योजना पर 8.2% का सालाना चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest) मिल रहा है। सरकार हर तिमाही में इन ब्याज दरों की समीक्षा करती है। यह स्कीम 'Exempt-Exempt-Exempt' (EEE) श्रेणी में आती है। इसका मतलब है कि: आपके द्वारा निवेश की गई रकम (अधिकतम 1.5 लाख रुपये सालाना) पर इनकम टैक्स के सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है।
निवेश की शर्तें
बेटी के जन्म से लेकर उसके 10 साल की होने तक ही यह खाता खोला जा सकता है। एक वित्तीय वर्ष में आप न्यूनतम ₹250 और अधिकतम ₹1,50,000 जमा कर सकते हैं। खाता खोलने की तारीख से 15 साल तक ही आपको पैसा जमा करना होता है, जबकि खाता 21 साल बाद मैच्योर होता है ।