PPF Account Rules: सावधान! अलग-अलग बैंकों में कई PPF अकाउंट खोलने से डूब सकता है आपका पैसा, आज ही सुधारें ये गलती
PPF Account Rules: एक व्यक्ति अपने नाम पर केवल एक ही PPF खाता रख सकता है, चाहे वह किसी भी बैंक या पोस्ट ऑफिस में हो। कई खाते खोलने पर ब्याज और टैक्स ल ...और पढ़ें

HighLights
एक व्यक्ति केवल एक PPF खाता खोल सकता है।
कई खाते खोलने पर ब्याज और टैक्स लाभ नहीं।
जरूरत पड़ने पर PPF खाता ट्रांसफर कराएं।
नई दिल्ली: पब्लिक प्रोविंडेट फंड ( PPF) को सुरक्षित और टैक्स-फ्री निवेश का सबसे भरोसेमंद विकल्प माना जाता है, लेकिन कई निवेशकों के मन में यह सवाल रहता है कि वे अलग-अलग बैंकों या पोस्ट ऑफिस में एक से ज्यादा PPF अकाउंट खोल सकते हैं। इसको लेकर बिल्कुल साफ है कि एक व्यक्ति अपने नाम पर एक ही PPF अकाउंट रख सकता है, चाहे वह किसी भी बैंक या पोस्ट ऑफिस में क्यों न खुला हो।
क्यों खोलते हैं लोग ज्यादा अकाउंट?
दरअसल, कई लोग यह सोचकर दूसरा अकाउंट खोल लेते हैं कि इससे वे 1.5 लाख रुपये की लिमिट से ज्यादा निवेश कर पाएंगे, लेकिन ऐसा करना नियमों के खिलाफ है। PPF में निवेश की अधिकतम सीमा 1.5 लाख रुपये सालाना है और यह लिमिट सभी अकाउंट्स को मिलाकर लागू होती है, न कि हर अकाउंट पर अलग-अलग लागू होती है।
ज्यादा खाता खोलने पर क्या होता है?
अगर किसी व्यक्ति के नाम पर एक से ज्यादा PPF खाता पाए जाते हैं, तो उसे "डुप्लिकेट" या अनियमित माना जाता है। ऐसे मामलों में आमतौर पर एक अकाउंट को वैध रखा जाता है और दूसरे को बंद किया जाता है। सबसे बड़ा नुकसान दूसरे अकाउंट में जमा रकम पर मिलने वाला ब्याज रद्द किया जा सकता है या नहीं दिया जाता, जिससे निवेशक को सीधा नुकसान उठाना पड़ता है।
पेनल्टी
इसके अलावा, अतिरिक्त जमा ( Exceeding Limit) पर भी ब्याज नहीं मिलता और टैक्स बेनिफिट भी नहीं मिलता, जिससे पूरा फाइनेंशियल प्लान बिगड़ सकता है।
नियम
हालांकि, नियमों में एक छूट यह है कि माता-पिता अपने बच्चे के नाम पर अलग PPF अकाउंट खोल सकते हैं, लेकिन यहां भी कुल निवेश (Parent+Child) मिलाकर 1.5 लाख रुपये सालाना से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
एक और जरूरी बात यह है कि अगर आपको बैंक बदलना है या सुविधा चाहिए. तो नया अकाउंट खोलने की बजाय पुराने PPF अकाउंट को ही ट्रांसफर कराया जा सकता है। ऐसा करना नियमों के अनुसरा सही तरीका माना जाता है।
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PPF में ज्यादा रिटर्न या टैक्स बचाने के चक्कर में कई अकाउंट खोलना उल्टा यानी नुकसानदायक साबित हो सकता है। बेहतर यही है कि नियमों के तहत एक ही अकाउंट में नियमित निवेश करें और लंबी अवधि में कंपाउंडिंग का फायदा उठाएं।