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UPI पर MDR चार्ज, क्या अब करना चाहिए डेबिट-क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल? जानिए NPCI का चौंकाने वाला जवाब

Published: Wed, 23 Sep 2026 12:25 PM (IST)Updated: Wed, 23 Sep 2026 12:47 PM (IST)

UPI MDR Charges: 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR लगेगा, लेकिन NPCI ...और पढ़ें

UPI पर MDR चार्ज, क्या अब करना चाहिए डेबिट-क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल?  (AI Generated Image)

UPI पर MDR चार्ज, क्या अब करना चाहिए डेबिट-क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल? (AI Generated Image)

HighLights

  1. ₹2000 से अधिक UPI मर्चेंट लेनदेन पर 0.4% MDR लागू होगा।

  2. NPCI के मुताबिक, UPI डेबिट और क्रेडिट कार्ड से अभी भी सस्ता।

  3. ग्राहकों को कोई शुल्क नहीं, छोटे व्यापारियों को MDR से छूट।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% का मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगना शुरू हो जाएगा। ऐसे में अब कई लोगों के मन में सवाल है कि क्या उन्हें यूपीआई छोड़कर डेबिट और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करना चाहिए? चलिए जानते हैं कि NPCI इस मामले में क्या कहता है।

UPI vs Debit/Credit Card:

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने इस मुद्दे पर साफ है कि 0.4% MDR के साथ भी UPI, डेबिट या क्रेडिट कार्ड के मुकाबले काफी सस्ता है। यानी कि अगर आप यूपीआई की जगह डेबिट या क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करेंगे तो उस पर लगने वाले चार्जेस MDR से ज्यादा होगा। आइए आपको यूपीआई, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड पर लगने चार्जेस की तुलना करके बताते हैं:

पेमेंट का तरीका अनुमानित मर्चेंट चार्ज
UPI
0.4% (अधिकतम ₹300 तक)
डेबिट कार्ड 0.90% तक
क्रेडिट कार्ड औसतन करीब 2%

NPCI के मुताबिक, ₹10,000 के मर्चेंट पेमेंट पर क्रेडिट कार्ड के मुकाबले UPI का MDR चार्ज 80% तक सस्ता पड़ेगा। अगर ₹10000 के ट्रांजैक्शन के हिसाब से देखें, तो:

  • क्रेडिट कार्ड (2%): करीब ₹200 चार्ज
  • डेबिट कार्ड (0.9%): करीब ₹90 चार्ज
  • UPI (0.4%): सिर्फ ₹40 चार्ज

ग्राहकों को भी देने पड़ेंगे पैसे?

बिलकुल नहीं! NPCI का साफ कहना है कि ये MDR चार्ज पूरी तरह से दुकानदारों और व्यापारियों के लिए है। ग्राहकों को UPI पेमेंट करने के लिए किसी भी तरह का चार्ज नहीं देना होगा। बैंकों और UPI एप्स को सरकार की तरफ से साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे ये सुनिश्चित करें कि दुकानदार इस चार्ज का बोझ ग्राहकों पर न डालें। ग्राहक बिना किसी डर या हिडन चार्जेस के, पहले की तरह ही आसानी से UPI का इस्तेमाल जारी रख सकते हैं।

किस ट्रांजैक्शन पर नहीं लगेगा चार्ज?

देखा जाए तो आम लोगों के रोजमर्रा के लेन-देन पर इसका कोई असर नहीं होगा। ₹2000 तक के सभी P2M ट्रांजैक्शन पूरी तरह से फ्री रहेंगे। वहीं अगर कोई छोटा व्यापारी है, जैसे ठेला चलाने वाला या चाय की टपड़ी चलाने वाला, उनपर भी ₹1 लाख की कमाई तक कोई चार्ज नहीं मिलेगा। यानी कि अगर किसी छोटे व्यापारी के यूपीआई पर एक महीने में सिर्फ ₹1 लाख या उससे कम पैसे यूपीआई के जरिए आते हैं, तो कोई चार्ज नहीं लगेगा, चाहे उस यूपीआई पर ₹2000 से ज्यादा का पेमेंट भी क्यों न हुआ हो।

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