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    आपदाओं से प्रभावित बैंक कर्जदारों को बड़ी राहत, RBI ने बैंकों को दी अहम इजाजत; समझें लोन चुकाना कैसे होगा आसान?

    Updated: Thu, 30 Apr 2026 12:41 PM (GMT+05:30)

    भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने बैंकों को प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित कर्जदारों को बिना औपचारिक अनुरोध के राहत उपाय देने की अनुमति दी है। इसके तहत बैंक ...और पढ़ें

    बैंक अब खुद से प्रभावित ग्राहकों के लिए 'रिज़ॉल्यूशन प्लान' लागू कर सकते हैं। (फाइल फोटो)

    बैंक अब खुद से प्रभावित ग्राहकों के लिए 'रिज़ॉल्यूशन प्लान' लागू कर सकते हैं। (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. बैंक बिना अनुरोध आपदा प्रभावितों को देंगे राहत।

    2. EMI रीशेड्यूल, मोरेटोरियम जैसे उपाय शामिल।

    3. यह सुविधा 1 जुलाई, 2026 से होगी लागू।

    नई दिल्ली। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने देश के बैंकों को प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित कर्जदारों को औपचारिक अनुरोधों की प्रतीक्षा किए बिना राहत उपाय देने की अनुमति दी है। इसके तहत RBI ने बैंकों को कहा गया है कि वे प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित अपने ग्राहकों को राहत देने के लिए उनके औपचारिक अनुरोध का इंतज़ार न करें। बैंक अब खुद से (Suo Motu) प्रभावित कर्जदारों के लिए 'रिज़ॉल्यूशन प्लान' लागू कर सकते हैं।

    दरअसल, आरबीआई ने खेती, इंफ्रास्ट्रक्चर और आम लोगों की आय पर मौसम संबंधी आपदाओं के बढ़ते असर को देखते हुए RBI ने यह कदम उठाया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी प्राकृतिक आपदा के समय प्रभावित लोगों को बिना कागजी कार्रवाई और बिना देरी के तुरंत वित्तीय राहत मिल सके।

    RBI ने आदेश में क्या कहा?

    राहत उपायों से संबंधित ड्राफ्ट गाइडलाइंस पर हितधारकों से मिली प्रतिक्रिया के बाद, आरबीआई ने कमर्शियल बैंकों, स्मॉल फाइनेंस बैंक, रिजीनल बैंकों, सहकारी बैंकों, एनबीएफसी और अखिल भारतीय वित्तीय संस्थानों के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ये दिशानिर्देश 1 जुलाई, 2026 से लागू होंगे।

    आरबीआई ने निर्देश जारी करते हुए कहा, “बैंक बिना किसी अनुरोध की प्रतीक्षा किए सभी कर्जदारों को राहत उपाय प्रदान कर सकते हैं। वहीं, प्राकृतिक आपदा की घोषणा की तारीख से 135 दिनों की समाप्ति तक किसी भी समय राहत उपायों से बाहर निकलने का विकल्प भी उपलब्ध है।”

    राहत में क्या-क्या शामिल

    • इसके तहत बैंक ग्राहकों की ईएमआई (EMI) या कर्ज चुकाने के समय को रीशेड्यूल कर सकते हैं, मोरेटोरियम (कर्ज चुकाने से मोहलत) दे सकते हैं, बकाया ब्याज को अलग लोन में बदल सकते हैं, या वित्तीय दबाव से निपटने के लिए अतिरिक्त लोन भी दे सकते हैं।
    • यदि कोई ग्राहक इस सुविधा का लाभ नहीं लेना चाहता है, तो उसे आपदा घोषित होने की तारीख से 135 दिनों के भीतर इस योजना से बाहर निकलने (opt-out) का विकल्प भी दिया जाएगा।

    किन्हें मिलेगी राहत?

    यह राहत केवल उन 'स्टैंडर्ड अकाउंट्स' को मिलेगी, जिनका कर्ज आपदा के समय 30 दिनों से अधिक समय से बकाया नहीं था।

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    खबरें और भी

    RBI ने प्राकृतिक आपदाओं के दायरे को बढ़ाते हुए इसमें राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) के तहत मानी जाने वाली घटनाओं को भी शामिल कर लिया है।