यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 26, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Sukanya Samriddhi Account: जानिए क्या है ब्याज दर, मैच्योरिटी टाइम और आवेदन करने का तरीका
ssy account में निवेश कर आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत आयकर में छूट का लाभ ले सकते हैं। इस योजना में सालाना 1.5 लाख रुपये तक का निवेश आयकर छूट के य ...और पढ़ें

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। हर अभिभावक का सपना होता है कि उसके बच्चों का भविष्य उज्जवल हो। पेरेंट्स को अपने बच्चों की अच्छी शिक्षा और उनकी शादी आदि के खर्च के लिए रकम जुटाने की बड़ी चिंता रहती है। भारत सरकार ने ऐसे अभिभावकों की परेशानी दूर करने के लिए बेटी पढ़ाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत साल 2015 में सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) लॉन्च की थी। इस योजना का लाभ लेकर पेरेंट्स अपनी बेटी की शिक्षा और उसकी शादी के खर्च का इंतजाम कर सकते हैं। यह योजना केवल बेटियों के लिए है। यह पोस्ट ऑफिस की एक स्मॉल सेविंग्स स्कीम है, जिसमें निवेश करने पर काफी अच्छा ब्याज मिलता है। सरकार समर्थित होने के कारण यह एक सुरक्षित निवेश विकल्प है।
काफी बेहतर ब्याज दर
पोस्ट ऑफिस की स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स में से सबसे अधिक ब्याज दर सुकन्या समृद्धि योजना में ही मिल रहा है। इस योजना में इस समय ब्याज दर 7.6 फीसद है। सरकार हर तीन महीने में इस योजना के लिए ब्याज दर तय करती है। सरकार द्वारा जुलाई से सितंबर तिमाही के लिए इस योजना पर ब्याज दर में कोई परिवर्तन नहीं किया है। यह योजना बेटी की 21 साल की आयु पूरी होने के बाद मैच्योर हो जाती है। अगर पेरेंट्स ने अपनी बेटी की कम आयु से ही एसएसवाई योजना में निवेश करना शुरू कर दिया है, तो वे 15 साल तक योजना में निवेश कर सकते हैं।
ऐसे खुलवा सकते हैं SSY योजना में खाता
सुकन्या समृद्धि योजना में खाता किसी भी पोस्ट ऑफिस या अधिकृत वाणिज्यिक बैंक में खुलवाया जा सकता है। एसएसवाई खाते को पेरेंट्स या वैध अभिभावकों द्वारा गर्ल चाइल्ड के नाम पर खुलवाया जा सकता है। बेटी के जन्म से लेकर 10 साल की उम्र होने के दौरान ही एसएसवाई अकाउंट खुलवाया जा सकता है। अकाउंट खुलवाते समय बेटी के जन्म प्रमाण पत्र व अभिभावक की KYC जैसी जानकारी जरूरी होती है। पेरेंट्स को बैंक या पोस्ट ऑफिस में जरूरी दस्तावेजों के साथ SSA-1 फॉर्म भरकर जमा कराना होता है। दस्तावेजों के वेरिफिकेशन कर लेने के बाद खाता खुल जाता है। इस योजना में बेटी के दसवीं कक्षा पास करने पर या उसके 18 साल पूरे करने पर खाताधारक को बेटी की उच्च शिक्षा के लिए आंशिक निकासी की सुविधा मिलती है।
आयकर छूट का मिलता है लाभ
इस योजना में निवेश कर पेरेंट्स आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत आयकर में छूट का लाभ ले सकते हैं। इस योजना में सालाना 1.5 लाख रुपये तक का निवेश आयकर छूट के योग्य होता है। साथ ही इस योजना में ब्याज आय और मैच्योरिटी राशि भी टैक्स फ्री होती है।
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इतना कर सकते हैं निवेश
सुकन्या समृद्धि योजना में कम से कम 1,000 रुपये और अधिक से अधिक 1.5 लाख रुपये निवेश किये जा सकते हैं। इस योजना में एक साल में कितनी भी बार रुपये जमा कराए जा सकते हैं।