JP Power खरीदने वाली Adani Power पावर ने जीती कानूनी बाजी, APTEL ने मंजूर की अर्जी; मुआवजे का रास्ता साफ?
अदाणी पावर (Adani Power) को बिजली क्षेत्र के अपीलीय न्यायाधिकरण (APTEL) से बड़ी कानूनी जीत मिली है। APTEL ने महाराष्ट्र ...और पढ़ें

APTEL ने अदाणी पावर की अपील को मंजूरी किया।
HighLights
APTEL ने अदाणी पावर की अपील को मंजूरी किया।
महाराष्ट्र इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन का आदेश रद हुआ।
'कानून में बदलाव' मुआवजे की गणना के निर्देश।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। जेपी ग्रुप (JP Associates) की जेपी पावर को खरीदने वाली अदाणी ग्रुप की अदाणी पावर को एक बड़ी कानूनी जीत मिली है। कंपनी ने बिजली क्षेत्र के अपीलीय न्यायाधिकरण यानी APTEL के सामने महाराष्ट्र इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन के आदेश के खिलाफ अपील की थी। इसी पर सुनवाई करते हुए APTEL ने अदाणी पावर की अपनी को मंजूरी दी और MERC के आदेश को रद कर दिया।
भारत की प्रमुख बिजली उत्पादन कंपनियों में से एक अदाणी पावर (Adani Power) ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) में 20 अगस्त, 2026 को जानकारी दी कि बिजली क्षेत्र के अपीलीय न्यायाधिकरण ने महाराष्ट्र इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (MERC) के पिछले आदेश को रद करते हुए कंपनी की अपील को मंजूरी दे दी।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला अदाणी पावर की ओर से APTEL में दायर की गई एक अपील थी, जिसमें MERC के एक आदेश को चुनौती दी गई थी। ट्रिब्यूनल ने न केवल MERC के पिछले फैसले को रद कर दिया, बल्कि रेगुलेटरी बॉडी को ऐसे नए आदेश जारी करने का निर्देश भी दिया जो APTEL के पहले के फैसले के अनुरूप हों। यह मामला मुख्य रूप से 'कानून में बदलाव' (Change in Law) के कारण होने वाले मुआवजे की गणना से जुड़ा था।
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न्यायाधिकरण ने अपने फैसले में महाराष्ट्र विद्युत नियामक आयोग (MERC) को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। APTEL ने कहा है कि MERC अब न्यायाधिकरण के पिछले निर्णयों के अनुरूप 'परिणामी आदेश' (Consequential Orders) जारी करे। इसके साथ ही, 'कानून में बदलाव' (Change in Law) के मुआवजे की गणना उन परिचालन मापदंडों (Operational Parameters) के आधार पर की जाए, जो न्यायाधिकरण द्वारा निर्धारित किए गए हैं।
कंपनी ने नहीं किया वित्तीय जानकारी का खुलासा
अदाणी पावर लिमिटेड ने तुरंत दी गई जानकारी में मुआवज़े की किसी रकम या इस फैसले के संभावित वित्तीय असर का खुलासा नहीं किया। इस मामले में कंपनी के मुख्य मैनेजमेंट अधिकारियों, प्रमोटर या कंट्रोल रखने वाले किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई शामिल नहीं है। साथ ही, इस कानूनी अपडेट के तहत किसी समझौते या उससे जुड़े मुआवजे की भी कोई जानकारी नहीं दी गई है।
इस घटनाक्रम से अदाणी पावर की वित्तीय स्थिति पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है, क्योंकि इससे तय मानकों के अनुसार 'कानून में बदलाव' (Change in Law) से जुड़े मुआवजे की गणना और उसकी संभावित वसूली आसान हो जाएगी।
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