सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

अदाणी की JP Power को नहीं मिली राहत, क्रिसिल ने बरकरार रखी 'नेगेटिव' रेटिंग; क्या ये खतरे की घंटी!

Updated: Tue, 01 Sep 2026 10:14 PM (IST)

अदाणी पावर द्वारा अधिग्रहित जेपी पावर की रेटिंग को क्रिसिल ने 'नेगेटिव असर वाली रेटिंग वॉच' के तहत बरकरार रखा ...और पढ़ें

क्रिसिल ने जेपी पावर की रेटिंग 'नेगेटिव वॉच' पर रखी।

क्रिसिल ने जेपी पावर की रेटिंग 'नेगेटिव वॉच' पर रखी।

HighLights

  1. क्रिसिल ने जेपी पावर की रेटिंग 'नेगेटिव वॉच' पर रखी।

  2. अदाणी पावर ने दिवालिया जेपी एसोसिएट्स की हिस्सेदारी खरीदी थी।

  3. NARCL ने जेपी पावर के खिलाफ दिवालियापन याचिका दायर की।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। अदाणी ग्रुप की अदाणी पावर ने दिवालिया जेपी एसोसिएट्स की जेपी पावर में 24 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी। यह हिस्सेदारी उसे जेपी ग्रुप के अधिग्रहण प्लान के तहत मिली थी। दरअसल, अदाणी समूह ने दिवालिया जेपी ग्रुप की पैरेंट कंपनी जेपी एसोसिएट्स (JP Associates) को खरीदने की बोली जीती थी। और जेपी पावर में उसकी 24 फीसदी हिस्सेदारी थी, जो अब अदाणी पावर के पास आ गई है। इस हिस्सेदारी के आते ही जेपी पावर अदाणी ग्रुप के अधीन हो गई। अब इसी पर खबर है। खबर इसकी रेटिंग को लेकर है।

क्रिसिल ने अदाणी पावर की रेटिंग को बरकरार रखा है। इसमें कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। आइए जानते हैं कि आखिर क्रिसिल ने अपनी रिपोर्ट में अदाणी का हाथों बिकी जेपी पावर को क्या रेटिंग दी है और क्या कहा है।

अदाणी पावर की जेपी पावर को झटका

क्रिसिल रेटिंग्स ने JP Power की ₹5,600 करोड़ की लंबी अवधि की बैंक सुविधाओं पर अपनी रेटिंग को 'नेगेटिव असर वाली रेटिंग वॉच' (Rating Watch with Negative Implications) के तहत बनाए रखा है। यानी इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। पहले की ही तरह इसे बरकरार रखा गया है। इसे अभी भी 'वॉच नेगेटिव' की श्रेणी में रखा गया है।

यह रेटिंग JPVL के संबंधित इंस्ट्रूमेंट के लिए डिफॉल्ट की संभावना (PD) और डिफॉल्ट होने पर होने वाले नुकसान के अनुमान (LGD) के बारे में क्रिसिल रेटिंग्स के आकलन पर आधारित है।

अब आपके मन में एक सवाल होगा कि आखिर इस रेटिंग का मतलब क्या होता है? तो लगे हांथ ये भी जान लेते हैं। CRISIL BBB/Watch Negative रेटिंग का मतलब है कि कंपनी या इंस्ट्रूमेंट में समय पर कर्ज चुकाने के मामले में ठीक-ठाक सुरक्षा है, लेकिन इसकी रेटिंग की अभी समीक्षा चल रही है और वित्तीय या बिजनेस से जुड़ी दिक्कतों के कारण इसकी रेटिंग घटने की काफी संभावना है।

मार्च से ही नेगेटिव वाच पर जेपी पावर

क्रिसिल रेटिंग्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि 11 मार्च, 2026 को इस रेटिंग को 'नेगेटिव वॉच' पर रखा था। यह कदम JPVL की उस घोषणा के बाद उठाया गया था जिसमें बताया गया था कि नेशनल एसेट रीस्ट्रक्चरिंग कंपनी लिमिटेड (NARCL) ने इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC), 2016 की धारा 7 के तहत नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में JPVL के खिलाफ याचिका दायर की है। इस याचिका में जेपी एसोसिएट्स को दी गई कॉर्पोरेट गारंटी के संबंध में लगभग 512 करोड़ रुपये (साथ ही ब्याज और अन्य शुल्क) के डिफॉल्ट का आरोप लगाया गया है।

रेटिंग एजेंसी क्रिसिल रेटिंग्स ने कहा कि वह इस मामले में हो रही गतिविधियों पर नजर रखना जारी रखेगी। जब NCLT के मामले के समाधान और JPVL पर इसके असर के बारे में क्रिसिल रेटिंग्स को और स्पष्टता मिल जाएगी, तो रेटिंग को 'वॉच' से हटा दिया जाएगा और रेटिंग के बारे में अंतिम फैसला लिया जाएगा।

यह भी पढ़ें- ITC की दो कंपनियों का खत्म हुआ वजूद, NCLT ने दी हरी झंडी; 1 सितंबर से लागू हुआ विलय का फैसला