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    Gautam Adani के लिए अमेरिका से आई गुड न्यूज, पूरी तरह खत्म हुआ धोखाधड़ी का मामला; दौड़ लगा सकते हैं शेयर

    Updated: Tue, 19 May 2026 08:39 AM (GMT+05:30)

    अमेरिकी न्याय विभाग ने गौतम अदाणी और सागर अदाणी के खिलाफ सभी आपराधिक आरोप स्थायी रूप से वापस ले लिए हैं। न्यूयॉर्क में चल रहा प्रतिभूति एवं धोखाधड़ी म ...और पढ़ें

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    नई दिल्ली। अदाणी ग्रुप के लिए अमेरिका से बहुत बड़ी राहत की खबर आई है। दरअसल अमेरिकी न्याय विभाग ने अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी के खिलाफ सभी आपराधिक आरोपों को वापस ले लिया है, जिससे न्यूयॉर्क में चल रहा प्रतिभूति एवं धोखाधड़ी मामला पूरी तरह खत्म हो गया है। खास बात ये है कि ये मामले स्थायी रूप से वापस लिए गए हैं। अमेरिकी अभियोजकों ने अदालत में दाखिल दस्तावेज में कहा कि वे अब इन आरोपों को आगे बढ़ाने में सक्षम नहीं हैं। इसके साथ ही अमेरिका में चल रहे अदाणी ग्रुप से संबंधित सभी मामले पिछले कुछ दिनों में बंद किए जा चुके हैं।
    इस खबर का आज अदाणी ग्रुप के सभी शेयरों (Adani Group Stocks Today) पर पॉजिटिव असर दिख सकता है। इसलिए अदाणी ग्रीन, अदाणी एंटरप्राइजेज, अदाणी टोटल गैस, अदाणी पावर, अदाणी पोर्ट्स समेत सभी अदाणी ग्रुप के शेयरों पर नजर रखें।

    कई रेगुलेटरी और कानूनी मामले बंद

    अमेरिकी अभियोजकों ने ईस्टर्न न्यूयॉर्क की अदालत में कहा कि उन्होंने इस मामले को रिव्यू करने के बाद अपने 'अभियोजन विवेक' के तहत फैसला लिया है कि वे इन आपराधिक आरोपों पर आगे नहीं बढ़ेंगे। इसके बाद अदालत ने भी आदेश दिया कि आरोपों को 'स्थायी रूप से खारिज' किया जाए।
    इसका मतलब है कि यह मामला दोबारा नहीं खोला जा सकता। अमेरिकी अदालत का यह फैसला ऐसे समय आया है जब पिछले कुछ दिनों में अदाणी ग्रुप से जुड़े कई अमेरिकी रेगुलेटरी और कानूनी मामले बंद किए जा चुके हैं।

    ये मामले भी हुए खत्म

    पिछले सप्ताह अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (एसईसी) ने सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट्स से जुड़े निवेशक खुलासों के मामले में सिविल आरोपों का निपटारा किया था। इस मामले में बिना किसी गलती को स्वीकार या अस्वीकार किए गौतम अदाणी ने 60 लाख डॉलर और सागर अदाणी ने 120 लाख डॉलर का भुगतान करने पर सहमति जताई थी।
    इसके बाद अमेरिकी वित्त विभाग (U.S. Department of the Treasury) के 'विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय' (ओएफएसी) ने भी ईरान से जुड़े प्रतिबंधों के उल्लंघन मामले में अदाणी ग्रुप के साथ 27.5 करोड़ डॉलर के समझौते की घोषणा की। यानी ये मामला भी निपट गया। अब अमेरिकी न्याय विभाग ने भी अदाणी और उनके भतीजे पर लगे आपराधिक आरोपों को समाप्त कर दिया है।

    केस बंद करने का आदेश

    अमेरिकी अदालत ने अदाणी के खिलाफ इस केस को खारिज करने के साथ स्थायी रूप से बंद करने का आदेश दिया। हालांकि, अमेरिकी आपराधिक प्रक्रियाओं में इस तरह के फैसले अपेक्षाकृत कम देखे जाते हैं और आमतौर पर व्यापक समीक्षा के बाद ही होते हैं।
    रिपोर्ट्स के अनुसार, जांच के दौरान अभियोजकों को ऐसे पर्याप्त सबूत नहीं मिले जो आरोपों को आगे बढ़ाने के लिए काफी हों।

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    कब का है ये मामला?

    यह मामला 2024 के अंत में दाखिल किया गया था और इसमें आरोप था कि अदाणी ग्रुप ने भारतीय अधिकारियों से जुड़े कथित 26.5 करोड़ डॉलर (2.55 लाख करोड़ रुपये) के रिश्वत मामले को छिपाकर अमेरिकी निवेशकों से पूंजी जुटाई थी।
    मामले से परिचित लोगों ने कहा कि यह मामला उस समय अदाणी के पक्ष में चला गया, जब अभियोजकों को कोई स्पष्ट अमेरिकी संबंध और आरोपों को सिद्ध करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले। यह निर्णय अमेरिकी अभियोजकों और अदाणी समूह द्वारा गठित मजबूत कानूनी टीम के बीच कई महीनों की सक्रिय बातचीत के बाद आया है।

    गौतम अदाणी, सागर अदाणी और विनीत जैन पर केवल प्रतिभूति एवं ‘वायर’ धोखाधड़ी से जुड़े प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए थे। उन्हें अधिक गंभीर विदेशी भ्रष्टाचार अधिनियम (एफसीपीए) के रिश्वतखोरी या बाधा संबंधी आरोपों में नामित नहीं किया गया था।

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