IDFC First Bank: सरकार को वापस मिले 556 करोड़ रुपये, आईडीएफसी फ्रॉड केस में आया नया मोड़; शेयरों पर दिखा असर?
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक फ्रॉड केस (IDFC First Bank Fraud Case) में नया मोड़ आया है। हरियाणा सरकार के खाते से डेबिट हुई 556 करोड़ रुपये की राशि, जिसमें 22 ...और पढ़ें
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IDFC First Bank: सरकार को वापस मिले 556 करोड़ रुपये, आईडीएफसी फ्रॉड केस में आया नया मोड़; शेयरों पर दिखा असर?
HighLights
हरियाणा सरकार को 556 करोड़ रुपये 24 घंटे में वापस मिले।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने फंड वापसी की पुष्टि की।
फ्रॉड मामले में बैंक कर्मचारियों सहित किसी को नहीं बख्शा जाएगा।
नई दिल्ली। IDFC First Bank Fraud Case: आईडीएफसी फ्रॉड केस में नया मोड़ आया है। हरियाणा सरकार के खाते में रकम पहुंच चुकी है। इसे लेकर खुद हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बयान दिया है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि IDFC फर्स्ट बैंक की चंडीगढ़ ब्रांच में हुए संदिग्ध ₹590 करोड़ के फ्रॉड में सरकारी अकाउंट से डेबिट की गई पूरी रकम 24 घंटे के अंदर वापस मिल गई है।
यह मामला तब सामने आया जब IDFC फर्स्ट बैंक ने एक एक्सचेंज फाइलिंग में अपनी चंडीगढ़ ब्रांच में 590 करोड़ रुपये के फ्रॉड ट्रांजैक्शन का खुलासा किया। इस खुलासे के बाद, स्टेट विजिलेंस और एंटी-करप्शन ब्यूरो ने बैंक अधिकारियों, सरकारी कर्मचारियों और दूसरों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की। इसके बाद सोमवार को, IDFC फर्स्ट बैंक के शेयर 20% तक गिर गए। हालांकि, अब राज्य सरकार ने बताया है कि उन्हें रकम मिल चुकी है।
IDFC First Bank fraud Case पर क्या बोले CM
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मुताबिक, 22 करोड़ रुपये ब्याज समेत 556 करोड़ रुपये 24 घंटे के अंदर वापस कर दिए गए। उन्होंने कहा, "22 करोड़ रुपये समेत कुल 556 करोड़ रुपये 24 घंटे के अंदर सरकारी अकाउंट में वापस कर दिए गए।"
#WATCH | Chandigarh | On Rs 590 cr fraud at IDFC First Bank, Haryana CM Nayab Singh Saini says, "...I want to clarify before this House that the entire amount lost in the yesterday's incident, including the funds of some Haryana government departments and boards and corporations,… pic.twitter.com/LiEcWWm1bQ
— ANI (@ANI) February 24, 2026
इस फ्रॉड केस को लेकर हो रही जांच में अब तक इस स्कीम में चार से पांच बैंक कर्मचारियों के शामिल होने का पता चला है। जांच को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा, "इस मामले में किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा, चाहे वह बैंक कर्मचारी हो, कोई प्राइवेट व्यक्ति हो, या कोई सरकारी अधिकारी हो।"
IDFC First Bank के शेयरों का क्या है हाल?
23 फरवरी को आईडीएफसी बैंक के शेयर 20 फीसदी तक गिरे थे। हालांकि बाद में थोड़ा बहुत रिकवर होकर 70.04 के स्तर पर बंद हुए थे। वहीं, आज यानी 24 फरवरी को आईडीएफसी बैंक के शेयर NSE पर 69.89 रुपये के स्तर पर खुले और 68.50 के निचले स्तर तक गए। करीब 2 बजकर 53 मिनट पर यह 1.16 % की तेजी के साथ 70.85 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहा है।
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(डिस्क्लेमर: यहां एक शेयर की जानकारी दी गयी है। यह निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)