अगले हफ्ते कैसी रहेगी शेयर बाजार की चाल? तिमाही नतीजे, महंगाई डेटा और अमेरिकी ट्रेड पॉलिसी का दिखेगा असर
आने वाले सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार (Stock Market Outlook) में उतार-चढ़ाव जारी रहने की उम्मीद है। निवेशकों की नजर दिसंबर तिमाही के नतीजों, खासकर प्र ...और पढ़ें

शेयर बाजार के लिए कैसा रहेगा अगला हफ्ता?
HighLights
दिसंबर तिमाही के नतीजों पर रहेगी निवेशकों की नजर
महंगाई और व्यापार घाटे के आंकड़े होंगे महत्वपूर्ण
अमेरिकी व्यापार नीति से बाजार में उतार-चढ़ाव संभव
आईएएनएस, नई दिल्ली। आने वाले सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार (Stock Market Outlook) में उतार-चढ़ाव जारी रहने की उम्मीद है। देश और दुनिया से जुड़े कई मामले बाजार को प्रभावित कर सकते हैं। दिसंबर तिमाही के नतीजों की शुरुआत, महंगाई से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े और अमेरिका की व्यापार नीति को लेकर बनी अनिश्चितता पर निवेशकों की नजर रहेगी। पिछले सप्ताह बेंचमार्क इंडेक्स कमजोरी के साथ बंद हुए, जिससे लगातार पांच कारोबारी सत्रों तक गिरावट देखने को मिली। कंपनियों के तिमाही नतीजों से पहले निवेशक सतर्क दिखे। विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार बिकवाली से बाजार पर दबाव बना रहा।
कैसा रहेगा अगला हफ्ता?
अगले सप्ताह निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि दिसंबर तिमाही में कंपनियों का प्रदर्शन कैसा रहता है और क्या आर्थिक आंकड़े बाजार को कोई राहत देते हैं या नहीं। दिसंबर तिमाही के नतीजों की शुरुआत देश की बड़ी आईटी कंपनियों से होगी, जिनमें टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इंफोसिस, विप्रो और टेक महिंद्रा शामिल हैं, जो अपने तीसरी तिमाही के नतीजे घोषित करेंगी।
आर्थिक आंकड़ों के लिहाज से भी आने वाला सप्ताह काफी अहम रहने वाला है। इस दौरान भारत में खुदरा महंगाई, थोक महंगाई, व्यापार घाटा और विदेशी मुद्रा भंडार से जुड़े आंकड़े जारी किए जाएंगे। ये सभी आंकड़े देश की आर्थिक स्थिति को समझने में मदद करेंगे और इससे ब्याज दरों तथा सरकार की आर्थिक नीतियों को लेकर उम्मीदें तय होंगी।
अमेरिका की व्यापार नीति पर रहेगी नजर
वैश्विक घटनाक्रमों, खासकर अमेरिका की व्यापार नीति से संबंधित गतिविधियों पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में कई अहम मामलों पर सुनवाई और फैसला सुनाया जाना है, जिनमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए वैश्विक टैरिफ को चुनौती देने वाला मामला भी शामिल है।
अगर इस मामले में कोई साफ फैसला या चौंकाने वाला निर्णय आता है, तो इसका असर दुनियाभर के शेयर बाजारों पर पड़ सकता है, जिसका प्रभाव भारतीय बाजार पर भी देखने को मिल सकता है।
क्या है जानकारों की राय?
एक मार्केट एक्सपर्ट के अनुसार, निफ्टी के लिए इमीडिएट रजिस्टेंस 25,800 पर है। इसके बाद 25,940 और 26,000 के स्तर पर भी दबाव रह सकता है। वहीं नीचे की ओर 25,600 और 25,450 के स्तर पर सपोर्ट मिल सकता है।
अगर बाजार 25,300 के नीचे फिसलता है, तो गिरावट और तेज हो सकती है। एक अन्य एक्सपर्ट ने कहा कि रोजाना के आधार पर देखें तो निफ्टी 25,800 के अहम स्तर के नीचे बंद हुआ है। यह संकेत देता है कि बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ गया है और फिलहाल मंदी का असर दिखाई दे रहा है।
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(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)