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Stock Market Closed: शेयर बाजार में उछाल, निफ्टी 23900 के करीब हुआ बंद; मेटल, तेल-गैस और ऑटो स्टॉक्स ने दिया सपोर्ट

Published: Fri, 04 Sep 2026 03:58 PM (IST)

भारतीय शेयर बाजार 4 सितंबर को बढ़त के साथ बंद हुआ, निफ्टी 23,900 के करीब और सेंसेक्स 76,515 पर पहुंचा। ...और पढ़ें

आज चढ़ा शेयर बाजार (AI फोटो)

आज चढ़ा शेयर बाजार (AI फोटो)

HighLights

  1. निफ्टी 23,897.70 पर, सेंसेक्स 76,515.43 पर बंद हुआ

  2. मेटल, प्राइवेट बैंक, ऑयल एंड गैस सेक्टर में तेजी

  3. वैश्विक संकेतों और फेड की दरों में कमी की उम्मीद से बाजार मजबूत

नई दिल्ली। 4 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। मेटल, प्राइवेट बैंकिंग और ऑयल एंड गैस शेयरों में आई तेजी के दम पर निफ्टी 23,900 के स्तर के करीब बंद हुआ। कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 362.57 अंक या 0.48 प्रतिशत बढ़कर 76,515.43 पर और निफ्टी 24.25 अंक या 0.10 प्रतिशत बढ़कर 23,897.70 पर बंद हुआ। बीएसई पर 4618 शेयरों में ट्रेड हुआ, जिनमें से 2484 शेयरों में बढ़त देखी गई, 1900 शेयरों में गिरावट आई और 234 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

किन शेयरों में आई चमक?

निफ्टी में बढ़त वाले शेयरों में SBI लाइफ इंश्योरेंस, टाटा स्टील, HDFC लाइफ, रिलायंस इंडस्ट्रीज और ट्रेंट सबसे आगे रहे। वहीं दूसरी तरफ HCL टेक्नोलॉजीज, कोल इंडिया, मारुति सुजुकी, भारती एयरटेल और बजाज फिनसर्व में गिरावट देखी गई।

किन सेक्टर्स का परफॉर्मेंस रहा बेहतर?

सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी मेटल इंडेक्स सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला रहा, जिसमें 1% से अधिक की बढ़त हुई। इसके बाद प्राइवेट बैंक और ऑयल एंड गैस शेयरों का नंबर रहा। ऑटो, IT, PSU बैंक, फार्मा और रियल्टी इंडेक्स में लगभग 0.5% की गिरावट आई।

निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.2% की गिरावट आई, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 0.2% बढ़कर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।

किन वजहों से चढ़ा मार्केट?

  • ग्लोबल मार्केट से अच्छे संकेत : एशियाई बाजारों में आई तेजी के बीच घरेलू इक्विटी में भी सुधार देखा गया। हांगकांग का हैंग सेंग 2 प्रतिशत, दक्षिण कोरिया का KOSPI 1.3 प्रतिशत, जापान का निक्केई 225 1.11 प्रतिशत और शंघाई का SSE कंपोजिट इंडेक्स 0.35 प्रतिशत ऊपर ट्रेड कर रहा था।
  • गुरुवार को अमेरिकी बाज़ार 1 प्रतिशत से ज़्यादा की बढ़त के साथ बंद हुए थे, जिससे एशियाई इक्विटी के लिए सकारात्मक माहौल बना।
  • फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें कम: अमेरिकी फेडरल रिज़र्व के गवर्नर क्रिस्टोफर वालर ने कहा है कि अगर आने वाले डेटा से महंगाई का दबाव कम होने की पुष्टि होती है, तो वे अमेरिकी सेंट्रल बैंक की अगली पॉलिसी मीटिंग में ब्याज दरों को जस का तस रखने का समर्थन करेंगे।
  • इंडिया VIX में गिरावट: डर का पैमाना या वोलैटिलिटी इंडेक्स 4 प्रतिशत से ज़्यादा गिरकर 10.85 पर आ गया। इंडिया VIX में गिरावट बाज़ार में कम उतार-चढ़ाव की उम्मीद और निवेशकों के लिए निकट भविष्य की अनिश्चितता कम होने का संकेत देती है।
  • रुपया मज़बूत हुआ: विदेशी निवेश बढ़ने और जोखिम लेने की क्षमता में बढ़ोतरी के कारण रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 5 पैसे बढ़कर 94.46 पर पहुंच गया।

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(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)