JP Associates की 'कर्ज-कथा', जिसे ₹14535 करोड़ में जीते अदाणी हारे अनिल अग्रवाल; उसके ऊपर ₹55357.39 करोड़ का कर्ज
दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही JP Associate ने 30 अप्रैल 2026 तक ₹55357.39 करोड़ के कुल कर्ज का खुलासा किया है, जिसमें विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थ ...और पढ़ें
HighLights
जेपी एसोसिएट्स पर ₹55,357 करोड़ का कुल कर्ज।
अदाणी समूह ने जेपी एसोसिएट्स अधिग्रहण की बोली जीती।
NCLAT ने वेदांता की चुनौती को किया खारिज।
नई दिल्ली। दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही जयप्रकाश गौड़ की JP Associates ने एक्सचेंज फाइलिंग में कर्ज को लेकर एक अहम जानकारी दी है। इससे पहले 4 मई को NCLAT ने अनिल अग्रवाल की वेदांता ग्रुप की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड की बोली प्रक्रिया को चैलेंज किया गया था। अब JP Associates ने खुद बताया है कि कंपनी के ऊपर कितना कर्ज है। दरअसल, अदाणी ग्रुप दिवालिया हो चुकी जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) को कुल 14535 करोड़ रुपये में अधिग्रहित कर रहा है। लेकिन कंपनी के ऊपर भारी भरकम कर्ज है।
जेपी ग्रुप की पैरेंट कंपनी ने कर्ज से जुड़ी अहम जानकारी शेयर की है। कंपनी ने फाइलिंग में कर्ज की राशि और बैंकों/ वित्तीय संस्थानों के नाम बताए हैं, जिनसे कर्ज लिया गया था। आइए जानते हैं कि आखिर जेपी समूह की पैरेंट कंपनी ने क्या-क्या जानकारी दी है।
JP Associates ने क्या जानकारी दी?
Jaiprakash Associates Limited ने 7 मई 2026 को एक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा - "कंपनी द्वारा बैंकों/वित्तीय संस्थानों से लिए गए लोन पर ब्याज के भुगतान/मूल राशि की जानकारी दे रहे हैं। 30 अप्रैल 2026 तक कंपनी पर कुल कितना कर्ज है इसकी जानकारी अटैच की गई है।"
कंपनी ने उन वित्तीय संस्थानों और बैंकों की जानकारी दी, जिनसे लोन लिया गया है। इनमें शामिल हैं- नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (NARCL), एक्सिस बैंक लिमिटेड, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, ICICI बैंक लिमिटेड, इंडियन ओवरसीज बैंक, IDBI बैंक लिमिटेड, द जम्मू एंड कश्मीर बैंक लिमिटेड, DBS बैंक इंडिया लिमिटेड, पंजाब नेशनल बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, Yes Bank लिमिटेड, Asset Care & Reconstruction Enterprise (ACRE) लिमिटेड, Asset Reconstruction Co India Ltd (ARCIL), यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (eCorporation Bank), द बैंक ऑफ न्यूयॉर्क, मेलन।
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इन अलग-अलग बैंकों और वित्तीय संस्थानों से JP Associates ने जो लोन राशि ले रखी है। उस पर ब्याज मिलाकर 30 अप्रैल 2026 तक कुल कर्ज 55357.39 करोड़ रुपये हो गया है।
कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी देते हुए लिखा- प्रोविजनल बेसिस पर बैंकों/वित्तीय संस्थाओं से बकाया उधार की कुल राशि 55357.39 करोड़ रुपये है। इसमें लिस्टेड इकाई का कुल वित्तीय लोन, जिसमें अल्पकालिक और दीर्घकालिक लोन भी शामिल हैं।
गौतम अदाणी जीत चुके हैं जेपी एसोसिएट्स को खरीदने की बोली
जेपी एसोसिएट्स को खरीदने की बोली अदाणी ग्रुप जीत चुका है। इस बोली को वेदांता ने चैलेंज किया था। लेकिन NCLAT ने इसे खारिज कर दिया। नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) को वेदांता द्वारा उठाए गए मुद्दों में कोई दम नहीं मिला और उसने उसकी दो याचिकाएं खारिज कर दीं।
चेयरपर्सन जस्टिस (रिटायर्ड) अशोक भूषण और टेक्निकल मेंबर बरुण मित्रा की बेंच ने फैसला सुनाया कि कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) ने JAL के लिए वेदांता के रेजोल्यूशन प्लान के मुकाबले अदाणी ग्रुप की ₹14,535 करोड़ की बोली को प्राथमिकता देकर सही किया।
दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही है JP Associates
JAL यानी Jaiprakash Associates Limited ने इस समय दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही है। कंपनी को दिवाला और दिवालियापन संहिता, 2016 के तहत कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया में शामिल किया गया है। JAL को 03 जून 2024 में दिवालियापन की कार्यवाही के लिए स्वीकार किया गया था। कंपनी बैंक और वित्तीय संस्थानों से लिए गए लोन का भुगतान करने में विफल रही थी। भुवन मदन को JAL के लिए अंतरिम समाधान पेशेवर नियुक्त किया गया है।
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Source- BSE Filing
(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)