Lumino Industries IPO: लुमिनो इंडस्ट्रीज की लिस्टिंग ने मचाया तहलका! निवेशकों की हो गई मौज; कितना कराया फायदा?
लुमिनो इंडस्ट्रीज का शेयर (Lumino share price) 3 सितंबर को अपने आईपीओ मूल्य ₹82 के मुकाबले 34.15% प्रीमियम पर लिस्ट ...और पढ़ें

लुमिनो इंडस्ट्रीज की तगड़ी लिस्टिंग
HighLights
लुमिनो इंडस्ट्रीज का शेयर 34.15% प्रीमियम पर लिस्ट हुआ
आईपीओ मूल्य ₹82 के मुकाबले ₹110 पर खुला
लिस्टिंग जीएमपी अनुमानित ₹121.5 से कम रही
नई दिल्ली। गुरुवार 3 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार में लुमिनो इंडस्ट्रीज (Lumino Industries IPO Listing) के शेयर ने जबरदस्त शुरुआत की। कंपनी का शेयर अपने IPO प्राइस ₹82 के मुकाबले 34.15% प्रीमियम पर लिस्ट हुआ। लुमिनो इंडस्ट्रीज के शेयर एनएसई पर ₹110 और BSE पर ₹109 पर शुरुआत की।
हालांकि लुमिनो इंडस्ट्रीज के आईपीओ (Lumino Industries Share Price) की लिस्टिंग बाजार की उम्मीदों से कम रही। लिस्टिंग से पहले इसका GMP ₹39.5 था, जिससे अनुमानित लिस्टिंग प्राइस ₹121.5 होने का संकेत मिल रहा था।
कैसा रहा था IPO?
प्रोडक्ट पर केंद्रित इंटीग्रेटेड इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) कंपनी ने गुरुवार, 27 अगस्त को सब्सक्रिप्शन के लिए अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) खोला और इसकी बिडिंग विंडो सोमवार, 31 अगस्त को बंद हुई।
तीन दिन की बिडिंग के दौरान इस इश्यू को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला, जिसमें नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) सबसे आगे रहे। उनके लिए रिजर्व हिस्से को 176.42 गुना सब्सक्राइब किया गया।
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) कैटेगरी को 221.43 गुना सब्सक्राइब किया गया, जबकि रिटेल इन्वेस्टर सेगमेंट में 38.50 गुना सब्सक्रिप्शन देखा गया। NSE के डेटा के अनुसार, इश्यू के तीसरे दिन तक Lumino Industries IPO को 118.12 गुना सब्सक्राइब किया जा चुका था।
किसके लिए कितने शेयर रिजर्व थे?
आईपीओ में लॉट साइज 182 इक्विटी शेयरों का तय किया गया था, और इसके बाद निवेशक 182 शेयरों के मल्टीपल में बोली लगा सकते थे। इश्यू स्ट्रक्चर के तहत, 50% तक शेयर QIBs के लिए, कम से कम 15% NIIs के लिए और कम से कम 35% रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व किए गए थे।
इस IPO में ₹500 करोड़ तक के नए इक्विटी शेयर जारी किए जा रहे हैं और प्रमोटर देवेंद्र गोयल और जय गोयल की ओर से ₹200 करोड़ तक का 'ऑफर-फॉर-सेल' (OFS) भी शामिल है।
क्या होगा IPO फंड का?
कंपनी नए इश्यू से मिली रकम में से ₹337 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करने की योजना बना रही है। ₹15 करोड़ कैपिटल एक्सपेंडिचर (पूंजीगत खर्च) पर खर्च किए जाएंगे, जिसमें मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में इक्विपमेंट और मशीनरी की खरीद, सिविल वर्क और इंटीरियर डेवलपमेंट शामिल है। बाकी बची रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट कामों के लिए किया जाएगा।
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(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
