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मुकेश अंबानी की रिलायंस का नया मिशन: फर्टिलाइजर और विस्फोटक कारोबार के लिए MOA में हुआ बड़ा बदलाव

Published: Fri, 21 Aug 2026 06:30 PM (IST)Updated: Fri, 21 Aug 2026 07:01 PM (IST)

रिलायंस इंडस्ट्रीज को अब अमोनिया, फर्टिलाइजर और डिफेंस एक्सप्लोसिव जैसे नए क्षेत्रों में प्रवेश की मंजूरी मिल गई है। शेयरधारकों ...और पढ़ें

रिलायंस को अमोनिया, फर्टिलाइजर, डिफेंस एक्सप्लोसिव में मंजूरी मिली।

रिलायंस को अमोनिया, फर्टिलाइजर, डिफेंस एक्सप्लोसिव में मंजूरी मिली।

HighLights

  1. रिलायंस को अमोनिया, फर्टिलाइजर, डिफेंस एक्सप्लोसिव में मंजूरी मिली।

  2. शेयरधारकों ने 99.99% से अधिक वोटों से प्रस्ताव पारित किया।

  3. कंपनी की रक्षा और कृषि क्षेत्र में मजबूत होगी पकड़।

नई दिल्ली। भारत के सबसे बड़े अरबपति और रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी अब नए बिजनेस में प्रवेश करेंगे। उनकी कंपनी  रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने अपने कारोबार विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। यह विस्तार अब खेती से लेकर बॉर्डर तक होने वाला है। दरअसल,  रिलायंस को अमोनिया, फर्टिलाइजर और डिफेंस एक्सप्लोसिव (विस्फोटक) जैसे नए क्षेत्रों में प्रवेश करने की मंजूरी मिल गई है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरधारकों ने इसकी कंपनी को अमोनिया, फर्टिलाइजर और डिफेंस एक्सप्लोसिव (विस्फोटक) जैसे नए क्षेत्रों में प्रवेश करने की इजाजत दे दी है। आइए जानते हैं कंपनी का पूरा प्लान क्या है।

क्या है मुकेश अंबानी रिलायंस का नया मास्टरप्लान?

मुकेश अंबानी की रिलायंस ने एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी कि कंपनी के 'मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन' (MOA) के 'ऑब्जेक्ट्स क्लॉज' में बदलाव के विशेष प्रस्ताव को भारी बहुमत से पारित कर दिया है। इस बदलाव के तहत कंपनी के MOA में एक नया उप-खंड (Sub-clause 14) जोड़ा जाएगा।

इस नए प्रावधान के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज अब अमोनिया और नाइट्रिक एसिड: विभिन्न ग्रेड के अमोनिया और संबंधित रसायनों का निर्माण, विस्फोटक (Explosives): नागरिक, औद्योगिक और रक्षा (Defence) क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक और ब्लास्टिंग एजेंट्स और फर्टिलाइजर और एग्रो-केमिकल्स: नाइट्रोजन और फास्फोरस आधारित खाद और कृषि रसायन क्षेत्रों में उत्पादन, निर्माण और व्यापार कर सकेगी।

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कंपनी ने जानकारी दी कि 20 अगस्त 2026 को समाप्त हुई ई-वोटिंग प्रक्रिया के परिणामों से पता चलता है कि निवेशकों को कंपनी की इस नई योजना पर पूरा भरोसा है। विशेष रूप से, बिजनेस के उद्देश्यों में बदलाव (MOA Alteration) के प्रस्ताव को 99.99% से अधिक वोट मिले।

इसके अलावा, कंपनी और उसकी सहायक कंपनियों के 'मटेरियल रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन' (Material Related Party Transactions) से जुड़े दो अन्य प्रस्तावों को भी आवश्यक बहुमत के साथ पारित कर दिया गया है।

रक्षा और कृषि क्षेत्र में रिलायंस की बढ़ेगी पकड़

रिलायंस का यह कदम रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। डिफेंस एक्सप्लोसिव सेक्टर में उतरने से कंपनी भारत के रक्षा आत्मनिर्भरता अभियान में बड़ी भूमिका निभा सकती है। वहीं, फर्टिलाइजर और एग्रो-केमिकल क्षेत्र में प्रवेश से कंपनी की पहुंच ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र में और गहरी होगी। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वह इन उत्पादों का निर्माण, रिफाइनिंग, भंडारण और वितरण भारत के साथ-साथ विदेशों में भी करने की योजना रखती है।

क्या है रिलायंस के शेयरों का हाल

शुक्रवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर -0.12% की गिरावट के साथ  1,314 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। इस साल अब तक रिलायंस का शेयर 16 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है।

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(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)