TATA Group में फिर मचा बवाल, नोएल टाटा ने पूछे सुलगते सवाल; चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति पर मांग लिया सबूत
नोएल टाटा ने टाटा संस के कार्यकारी चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति को प्रक्रियागत खामियों और हितों के टकराव का ...और पढ़ें

नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति को दी चुनौती।
HighLights
नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति को दी चुनौती।
प्रक्रियागत खामियां और हितों के टकराव का आरोप लगाया।
बोर्ड बैठक की पारदर्शिता पर भी उठाए गए सवाल।
नई दिल्ली। टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस में नेतृत्व को लेकर विवाद गहराता दिखाई दे रहा है। नोएल टाटा ने कंपनी के कार्यकारी चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति को चुनौती देते हुए दावा किया है कि इस फैसले में कई प्रक्रियागत खामियां हैं और संभावित हितों के टकराव से जुड़े सवालों को नजरअंदाज किया गया है।
कंपनी सचिव सुप्रकाश मुखोपाध्याय को भेजे गए एक पत्र में नोएल टाटा ने सात दिनों के भीतर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जिस प्रस्ताव के जरिए चंद्रशेखरन को 21 फरवरी 2027 से अगले पांच वर्षों के लिए पुनर्नियुक्त किया गया, वह वैध नहीं माना जा सकता।
नोएल टाटा ने पूछ लिए सुलगते सवाल
नोएल टाटा का आरोप है कि बोर्ड बैठक के मूल एजेंडे और संशोधित एजेंडे दोनों में कार्यकारी चेयरमैन की पुनर्नियुक्ति से संबंधित किसी प्रस्ताव का स्पष्ट उल्लेख नहीं था। उनके अनुसार एजेंडा के आइटम-7 को केवल नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति (एनआरसी) की रिपोर्ट या चर्चा के रूप में दर्शाया गया था, लेकिन इसी बिंदु के तहत पुनर्नियुक्ति का प्रस्ताव पेश कर दिया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि समिति की बैठक का एजेंडा और कार्यवृत्त (मिनट्स) निदेशकों के बीच पहले से साझा नहीं किए गए थे, जिससे निर्णय प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं।
नोएल टाटा ने टाटा संस के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन का हवाला देते हुए यह भी पूछा है कि चेयरमैन के चयन के लिए आवश्यक चयन समिति का गठन क्यों नहीं किया गया। उनका दावा है कि कंपनी के नियमों के तहत कुछ विशेष निदेशकों की सहमति आवश्यक थी, लेकिन वह प्रक्रिया भी पूरी नहीं की गई।
उन्होंने कंपनी सचिव द्वारा बोर्ड बैठक के अंतिम मिनट्स तैयार होने से पहले ही प्रस्ताव को प्रमाणित करने और रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास दाखिल करने पर भी आपत्ति जताई है।
अपने पत्र में नोएल टाटा ने 17 सितंबर को हुई बोर्ड बैठक की मूल ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग, उसकी प्रतिलिपि (ट्रांसक्रिप्ट), अंतिम कार्यवृत्त, प्रत्येक निदेशक के मतदान का रिकॉर्ड और बोर्ड दस्तावेजों में किए गए बदलावों का पूरा ऑडिट ट्रेल उपलब्ध कराने की मांग की है।
विवाद का दूसरा पहलू हैनो वन वेयरहाउसिंग नामक कंपनी से जुड़ा है। नोएल टाटा ने सवाल उठाया है कि इस कंपनी में एन. चंद्रशेखरन की पत्नी और पुत्र निदेशक हैं और क्या इन व्यावसायिक संबंधों की जानकारी पुनर्नियुक्ति पर विचार किए जाने से पहले टाटा संस बोर्ड को दी गई थी।
वेणु श्रीनिवासन की भूमिका पर सवाल
नोएल टाटा ने वेणु श्रीनिवासन, जो टीवीएस मोटर के चेयरमैन एमेरिटस और टाटा संस की नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति के सदस्य हैं, की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं। नोएल टाटा का कहना है कि श्रीनिवासन ने 3 सितंबर को हुई चर्चाओं में भाग लिया और मतदान भी किया, जबकि उन्हें कथित व्यावसायिक संबंधों की जानकारी सार्वजनिक करने और निर्णय प्रक्रिया से स्वयं को अलग कर लेने पर विचार करना चाहिए था।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब टाटा समूह में नेतृत्व और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को लेकर उठे ये सवाल कॉर्पोरेट गवर्नेंस से जुड़ी बहस को और तेज कर सकते हैं। फिलहाल टाटा संस की ओर से इन आरोपों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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