Ola Electric Q1 Results: मुनाफे में नहीं है भाविश अग्रवाल की कंपनी, 336 करोड़ का घाटा; रेवेन्यू में भी गिरावट
ओला इलेक्ट्रिक का Q1 FY27 में शुद्ध घाटा कम होकर ₹336 करोड़ रहा, जबकि ऑपरेशन से रेवेन्यू 45% घटकर ₹455 करोड़ हो गया। ...और पढ़ें

ओला इलेक्ट्रिक ने बाजार बंद होने के बाद जारी किए Q1 रिजल्ट
HighLights
Q1 FY27 में शुद्ध घाटा ₹336 करोड़ तक कम हुआ।
ऑपरेशन से रेवेन्यू 45% घटकर ₹455 करोड़ रहा।
कंपनी का मार्केट शेयर बढ़कर 8.4% हुआ, रजिस्ट्रेशन में वृद्धि।
नई दिल्ली। ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड (Ola Electric Q1 Results) ने FY27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। 30 जून, 2026 को समाप्त हुई तिमाही में कंपनी का नेट लॉस कम होकर 336 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को 426 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। भविश अग्रवाल की अगुवाई वाली कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू Q1FY27 में 45% घटकर ₹455 करोड़ हो गया, जबकि एक साल पहले यह ₹828 करोड़ था।
EBITDA नुकसान 165 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले यह 237 करोड़ रुपये था। कंपनी ने तिमाही नतीजे बाजार बंद होने के बाद जारी किए। ओला इलेक्ट्रिक के शेयर करीब एक फीसदी की गिरावट के साथ 41.07 रुपये पर बंद हुए।
रजिस्ट्रेशन में दिखी ग्रोथ
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा, "ओला के रजिस्ट्रेशन में तिमाही-दर-तिमाही 97% की बढ़ोतरी हुई, जो व्यापक E2W मार्केट की 17% की ग्रोथ से कहीं ज़्यादा है। हमारा मार्केट शेयर Q4 FY26 में 5.1% से बढ़कर Q1 FY27 में 8.4% हो गया, जबकि ऑटो रेवेन्यू में तिमाही-दर-तिमाही 72% की बढ़ोतरी हुई।" कंपनी ने यह भी कहा कि मार्केट शेयर में नई तेज़ी और मज़बूत कॉम्पिटिटिव स्थिति में बदल रही है।
- ऑटोमोटिव सेगमेंट से कंपनी को ₹455 करोड़ का रेवेन्यू हासिल हुआ।
- सेल सेगमेंट से कंपनी को ₹5 करोड़ का रेवेन्यू मिला।
ओला ने आगे कहा, "जहां हमारे बेहतर प्रदर्शन की वजह हमारा काम करने का तरीका रहा, वहीं बाहरी हालात ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए मज़बूत आधार तैयार किया। पश्चिम एशिया में चल रहे टकराव की वजह से ईंधन की उपलब्धता और कीमतों में उतार-चढ़ाव आया, जिससे EVs के मालिकाना हक की लागत (cost-of-ownership) में फ़ायदा और साफ़ हो गया। इसी माहौल में, जून में भारत में E2W (इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर) की पैठ पहली बार 10% के पार पहुँच गई, जो इस कैटेगरी के मुख्यधारा में शामिल होने की दिशा में एक अहम पड़ाव है।"
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कंपनी ने इस तिमाही के दौरान QIP के जरिए ₹780 करोड़ जुटाए हैं। इसके अलावा, कंपनी ने TRC कॉर्पोरेट कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपना आंतरिक परीक्षक नियुक्त किया है।