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पिता के ट्रांसपोर्ट बिजनेस शुरू किया करियर, फिर बनाई सबसे बड़ी फिल्म एग्जिबिटर कंपनी; अब रिश्वतखोरी में हो सकती है जांच

Published: Mon, 07 Sep 2026 01:20 PM (IST)

PVR Inox के शेयर में 8% से अधिक की गिरावट आई, जब कंपनी में 200 करोड़ रुपये तक की रिश्वतखोरी ...और पढ़ें

पीवीआर का शेयर गिरा

पीवीआर का शेयर गिरा

HighLights

  1. PVR Inox के शेयर में 8% से अधिक की गिरावट

  2. 200 करोड़ रुपये की रिश्वतखोरी मामले में अंदरूनी जांच

  3. वरिष्ठ कार्यकारी को नौकरी से निकाला गया

नई दिल्ली। भारत की सबसे बड़ी फिल्म एग्जिबिटर कंपनी PVR Inox के शेयर में सोमवार को 8% से ज्यादा की भारी गिरावट आई। दरअसल कंपनी ने अप्रैल में एक सीनियर एग्जिक्यूटिव को नौकरी छोड़ने के लिए कहा था। यह कदम सिनेमा प्रॉपर्टी बनाने वाले डेवलपर्स से 200 करोड़ रुपये तक की रिश्वत (किकबैक) लेने के मामले में हुई अंदरूनी जांच के बाद उठाया गया था।
अप्रैल में एक जांच में गड़बड़ी पाए जाने के बाद, कंपनी में ग्रोथ और इन्वेस्टमेंट के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर प्रमोद अरोड़ा और कुछ अन्य लोगों को तुरंत प्रभाव से नौकरी छोड़ने के लिए कहा गया था। ये जानकारी अब सामने आने के बाद NSE पर PVR Inox का शेयर 1,126.60 रुपये तक गिर गया, जो इसका 1 महीने का सबसे निचला स्तर है। हालांकि बाद में शेयर ने वापसी की और ये 1166 रुपये तक चढ़ गया है।

इन लोगों की भी हो सकती है जांच

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार PVR Inox की जांच का मकसद गड़बड़ी के दायरे का पता लगाना और यह तय करना था कि इसमें कोई और भी शामिल था या नहीं। कंपनी के बोर्ड ने हाल की बैठकों में इस मामले पर चर्चा की थी। इस मामले में शामिल सीनियर एग्जीक्यूटिव कंपनी के प्रमोटर्स के करीबी थे।
इससे यह सवाल उठता है कि पेमेंट का सिलसिला कितने समय तक चला और क्या दूसरों को इन गड़बड़ियों के बारे में पता था। इससे PVR Inox के को-प्रमोटर अजय और संजीव बिजली की जांच होने की आशंका भी बढ़ सकती है, जो फरवरी 2023 में PVR और INOX के मर्जर के बाद से कंपनी चला रहे हैं।

कौन हैं अजय बिजली?

अजय एक बिज़नेस परिवार से आते हैं। उन्होंने 1988 में 22 साल की कम उम्र में अपने पिता के ट्रांसपोर्ट बिजनेस ‘अमृतसर ट्रांसपोर्ट कंपनी’ से अपना सफर शुरू किया! अजय ने परिवार के बिजनेस में अपना 100% दिया, लेकिन उन्हें कभी भी इस काम में कोई खास दिलचस्पी या जुनून महसूस नहीं हुआ।
1990 में जब उनकी शादी हुई, तब उन्होंने हिम्मत जुटाई और अपने पिता से बात की। उन्होंने पिता को बताया कि वे अपना कुछ अलग काम करना चाहते हैं, जो पारिवारिक बिजनेस से हटकर हो। लेकिन फिर सवाल यह था कि आखिर क्या किया जाए?

सिनेमा बिजनेस से ऐसे जुड़े

अजय को दिल्ली में अपने पिता का 'प्रिया सिनेमा' (जिसका असली नाम 'प्रिया लव विकास सिनेमा' था) मिला, जिसे उनके पिता ने 1978 में खरीदा था! हालांकि, उस समय तक इस सिनेमा हॉल की साख गिर चुकी थी और दूसरे सिनेमा हॉल अच्छा कारोबार कर रहे थे, फिर भी अजय ने 'प्रिया' को चलाने की कोशिश करने का फैसला किया। और तभी से सिनेमा के कारोबार के साथ उनका लगाव शुरू हो गया!

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(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)