70 रुपये वाले शेयर पर राधाकिशन दमानी का बड़ा दांव, लगा दिए 190 करोड़; ₹700 तक जा चुका है भाव
राधाकिशन दमानी के पोर्टफोलियो में शामिल यह स्टॉक निवेशकों का भरोसा जीत रही है। कम कर्ज और नियमित डिविडेंड के साथ यह शेयर मल्टीबैगर बनने की क्षमता रखता ...और पढ़ें

राधाकिशन दमानी की निवेश कंपनियों के जरिए TSF इन्वेस्टमेंट्स में बड़ी हिस्सेदारी है.
HighLights
राधाकिशन दमानी की TSF इन्वेस्टमेंट्स में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी।
कंपनी मजबूत संपत्ति, कम कर्ज और नियमित डिविडेंड देती है।
कम PE और FIIs की बढ़ती हिस्सेदारी, भविष्य पर निवेशकों की नजर।
नई दिल्ली| शेयर बाजार में जब भी दिग्गज निवेशक राधाकिशन दमानी (Radhakishan Damani Stocks) किसी कंपनी में पैसा लगाते हैं, तो छोटे निवेशकों की नजर भी उस शेयर पर टिक जाती है। इस बार चर्चा एक ऐसे शेयर की है, जिनकी कहानी बिल्कुल अलग है. कंपनी कम कर्ज और नियमित डिविडेंड के दम पर निवेशकों का भरोसा जीत रही है. दिलचस्प बात यह है कि शेयर पिछले कुछ महीनों में गिरने के बाद फिर संभले हैं.
अब जुलाई से सितंबर तिमाही की शुरुआत हो चुकी है और निवेशकों की नजर आने वाले नतीजों पर है. सवाल यही है कि क्या दमानी का भरोसा इस शेयर में आगे भी बना रहेगा. और क्या आने वाले समय में अगला बड़ा मल्टीबैगर बन सकता है? आइए विस्तार से इस स्टॉक के बारे में जानते है.
दमानी के पोर्टफोलियो में शामिल ये शेयर
राधाकिशन दमानी की निवेश कंपनियों के जरिए इस शेयर में बड़ी हिस्सेदारी है. इस कंपनी का नाम TSF इन्वेस्टमेंट्स (TSF Investments) है. इसके शेयरों में पिछले एक साल में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, लेकिन अब फिर से रिकवरी कर रहे हैं. TSF इन्वेस्टमेंट्स पहले सुंदरम फाइनेंस होल्डिंग्स के नाम से जाना जाता था.
यह कंपनी खुद कारोबार करने के बजाय दूसरी कंपनियों में निवेश रखती है. इसका मार्केट कैप करीब 10,039 करोड़ रुपये है. दमानी की कंपनी ब्राइट स्टार इन्वेस्टमेंट्स के पास इसमें 1.9 फीसदी हिस्सेदारी है, जिसकी कीमत करीब 189 करोड़ रुपये है.
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मजबूत संपत्ति, कम कर्ज और सस्ता वैल्यूएशन
TSF का शेयर जुलाई 2021 में करीब 75 रुपये था, जो अब बढ़कर करीब 452 रुपये हो गया है. यानी पांच साल में 530 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न मिला. हालांकि यह अभी भी अपने 52 हफ्ते के उच्च स्तर 702 रुपये से काफी नीचे है. यह शेयर करीब 19 PE पर कारोबार कर रहा है, जबकि सेक्टर का औसत PE 32 है.
कंपनी पर लगभग कोई बड़ा कर्ज नहीं है. लगातार अच्छा कैश फ्लो है और यह नियमित डिविडेंड भी देती है. प्रमोटरों की हिस्सेदारी 55 फीसदी है. वहीं विदेशी निवेशकों ने भी पिछले दो साल में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है.
| जानकारी | आंकड़ा |
|---|---|
| मार्केट कैप | ₹10,117 करोड़ |
| शेयर का P/E | 19.08 |
| P/B रेशियो | 1.68 |
| सेक्टर का औसत P/E | 20.23 |
| कर्ज और पूंजी का अनुपात (Debt to Equity) | 0.04 |
| ROE (शेयरधारकों के पैसे पर रिटर्न) | 8.65% |
| प्रति शेयर कमाई (EPS) | ₹23.87 |
| डिविडेंड यील्ड | 1.28% |
| बुक वैल्यू (कंपनी की प्रति शेयर वैल्यू) | ₹271.63 |
| फेस वैल्यू | ₹5 |
FIIs ने बढ़ाई हिस्सेदारी
दिसंबर 2025 में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की हिस्सेदारी 3.15 फीसदी थी. वहीं मार्च 2026 में यह बढ़कर 3.20 फीसदी हो गई, यानी विदेशी निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी थोड़ी बढ़ाई. दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की हिस्सेदारी 4.78 फीसदी से घटकर 4.75 फीसदी रह गई.
कंपनी के फाइनेंशियल पर डालें नजर
| तिमाही | बिक्री (₹ करोड़) | ऑपरेटिंग मार्जिन | नेट प्रॉफिट (₹ करोड़) | प्रति शेयर कमाई (EPS) |
|---|---|---|---|---|
| सितंबर 2025 | 250 | 20% | 103 | ₹4.52 |
| दिसंबर 2025 | 258 | 19% | 105 | ₹4.64 |
| मार्च 2026 | 298 | 19% | 164 | ₹7.25 |
(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)