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    Stock Market Outlook: निफ्टी के लिए 23400 का लेवल पार करना जरूरी, इसके ऊपर आएगी नई तेजी; एक्सपर्ट ने बताया पूरी गणित

    Updated: Sun, 05 Apr 2026 10:09 AM (GMT+05:30)

    पिछले हफ्ते भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी बिकवाली से शेयर बाजार में अस्थिरता रही। वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत सकारात्मक हुई, लेकिन ...और पढ़ें

    अगले हफ्ते कैसी रहेगी शेयर बाजार की चाल?

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    नई दिल्ली। जियोपॉलिटिक्स तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, कमजोर होते रुपये और विदेशी निवेशकों (एफआईआई) द्वारा लगातार बिकवाली के कारण पिछले हफ्ते शेयर बाजार में काफी अस्थिरता देखी गयी। हालांकि पिछले हफ्ते सिर्फ 3 दिन ही शेयर बाजार में कारोबार हुआ, क्योंकि 31 मार्च और 2 अप्रैल को मार्केट बंद रहा। इसके साथ ही शेयर बाजार के लिए वित्त वर्ष 2026 का समापन कमजोर रुख के साथ हुआ, जिसमें सेंसेक्स 1,635 अंक (2.22%) और निफ्टी 2.14% गिर गया।

    हालांकि, वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत सकारात्मक वैश्विक संकेतों और ईरान-अमेरिका तनाव में कमी की उम्मीदों के चलते मजबूत उछाल के साथ हुई, जिससे बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के प्रमुख शेयरों में तेजी के चलते सेंसेक्स 1.65% और निफ्टी 1.56% ऊपर चढ़ गया। लेकिन यह उम्मीद शॉर्ट टर्म साबित हुई, क्योंकि 2 अप्रैल को जियोपॉलिटिक्स अनिश्चितता के फिर से बढ़ने से बाजार फिर से नीचे आ गया।

    कुल मिलाकर, इस सप्ताह नाजुक बाजार सेंटीमेंट सामने, जिसमें जियोपॉलिटिक्स और तेल से जुड़े जोखिमों ने बीच-बीच में होने वाले सुधारों को भी प्रभावित किया। इस बीच अब अगला हफ्ता शेयर बाजार (Stock Market Outlook) के लिए कैसा रह सकता है, आइए जानते हैं आनंद राठी ग्रुप के इक्विटी रिसर्च के सीनियर मैनेजर जिगर एस पटेल से...

    मिला-जुला है निफ्टी के लिए आउटलुक

    पटेल के अनुसार निकट भविष्य में निफ्टी का आउटलुक मिला-जुला बना हुआ है, लेकिन बड़े टाइमफ्रेम में यह ज्यादा सकारात्मक हो रहा है। 22,200 के स्तर की ओर फिसलने के बाद, निफ्टी ने 22,700 तक जोरदार उछाल दिखाया, जो निचले स्तरों पर मजबूत मांग का संकेत देता है।
    यह गिरावट, डेली RSI पर तेजी के साथ दिखने वाले डायवर्जेंस के साथ मिलकर, मंदी की गति के कमजोर पड़ने का संकेत देती है। हालांकि, अभी इसकी कंफर्मेशन होना बाकी है।

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    आगे कैसी रहेगी स्थिति?

    पटेल के अनुसार निफ्टी 23,100 के पास गिरती हुई ट्रेंडलाइन रेजिस्टेंस से नीचे कारोबार कर रहा है, जबकि 23,400 के आसपास एक मजबूत सप्लाई जोन मौजूद है। इन स्तरों से ऊपर ब्रेकआउट ही एक ड्यूरेबल बॉटम की पुष्टि करेगा और नए उच्च लेवल्स की ओर बढ़ने का रास्ता क्लियर करेगा। तब तक, बाजार की भावना स्थिर होने तक अस्थिरता और ठहराव जारी रह सकता है।
    नीचे की ओर, 22,000-21,700 का लेवल फिर से छूने के बाद एक मजबूत आधार के रूप में कार्य करने की उम्मीद है। पटेल का मानना है कि हालिया प्राइस एक्शन से संकेत मिलता है कि सबसे बुरा दौर शायद बीत चुका है, बाजार अभी भी एक ट्रांजिशन फेज में है,जो एक ऐसा फेज है, जिसमें जोखिम-रिवार्ड धीरे-धीरे तेजी के पक्ष में झुक रहा है।

    बैंक निफ्टी के लिए क्या है अनुमान?

    पटेल के अनुसार बैंक निफ्टी सप्ताह के दौरान 50,000 के स्तर से नीचे फिसल गया, लेकिन 51,500 की ओर जोरदार वापसी करते हुए निचले स्तरों पर मांग की पुष्टि की। तेजी का संकेत देने वाला आरएसआई डायवर्जेंस गिरावट की गति में कमी का संकेत देता है। यहाँ भी, पुष्टि अभी बाकी है, और मुख्य ब्रेकआउट जोन लगभग 52,500 पर स्थित है।
    उन्होंने कहा कि इस स्तर से ऊपर लगातार बढ़त एक मजबूत बॉटम का संकेत देगी। दूसरी ओर, 50,000–49,000 का जोन निकट भविष्य में एक मज़बूत सपोर्ट के तौर पर काम कर सकता है।

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    "शेयर से जुड़े अपने सवाल आप हमें business@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं।"

    (डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की राय नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)