क्यों लगातार गिर रहा Suzlon का शेयर? ₹10000 करोड़ के नए प्रोजेक्ट और बड़े ऑर्डर की घोषणा से फिर फिसला स्टॉक
सुजलॉन एनर्जी के शेयर में हाल ही में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन कंपनी ने आंध्र प्रदेश में ...और पढ़ें

सुजलॉन एनर्जी का शेयर गिरा
HighLights
सुजलॉन शेयर में हाल ही में 21% से अधिक की गिरावट
आंध्र प्रदेश में ₹10,000 करोड़ के नए विंड प्रोजेक्ट
टोरेंट ग्रीन एनर्जी से 250 MW का नया ऑर्डर मिला
नई दिल्ली। सुजलॉन एनर्जी कुछ एक उन शेयरों में से है, जिस पर निवेशकों की नजर अधिक रहती है। पर बीते कुछ समय में इस शेयर में काफी गिरावट आई है। 30 जून से अब तक ये शेयर 21 फीसदी से अधिक अपनी वैल्यू खो चुका है। वहीं बीते एक महीने में शेयर 11.5 फीसदी नीचे फिसला है।
कंपनी की तरफ से दो पॉजिटिव घोषणाओं के बावजूद भी आज सुजलॉन का शेयर कमजोर हालत में है। करीब पौने 3 बजे BSE पर सुजलॉन का शेयर 0.89 फीसदी की गिरावट के साथ 46.63 रुपये पर है। आइए जानते हैं कंपनी ने कौन-सी घोषणाएं की हैं।
10000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट का एलान
सुजलॉन ने सोमवार 24 अगस्त को आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले के रायदुर्ग निर्वाचन क्षेत्र में 1,325 MW के नए विंड प्रोजेक्ट्स डेवलप करने का एलान किया। विंड टर्बाइन बनाने वाली यह कंपनी राज्य में अपनी मौजूदगी को बढ़ाना चाहती है।
कंपनी के बयान के अनुसार, इन प्रोजेक्ट्स में वारी एनर्जी और टाटा पावर जैसी क्लीन एनर्जी कंपनियाँ शामिल हैं और ये इस क्षेत्र में ₹10,000 करोड़ के विंड एनर्जी विस्तार की योजना का हिस्सा है। इन प्रोजेक्ट्स से लगभग 4,000 डायरेक्ट और इनडायरेक्ट रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
कंपनी को मिला नया ऑर्डर
सुजलॉन एनर्जी ने मंगलवार को बताया कि इसे टोरेंट ग्रुप की कंपनी, टोरेंट ग्रीन एनर्जी से 250 MW का नया ऑर्डर मिला है। कंपनी ने कहा कि यह दोनों कंपनियों के बीच छठा ऑर्डर है और इससे उनकी कुल पार्टनरशिप बढ़कर 1,306 MW हो गई है, जो 1.3 GW के माइलस्टोन से अधिक है।
क्या हैं समझौते की शर्तें?
टोरेंट ग्रीन एनर्जी के साथ हुए समझौते की शर्तों के तहत, सुजलॉन अपने खास S144 विंड टरबाइन जनरेटर की 76 यूनिट सप्लाई करेगी, जिनमें से हर एक की क्षमता 3.3 MW होगी। एक दशक तक चलने वाले इस सहयोग के तहत बनाए गए क्लीन एनर्जी पोर्टफोलियो में तीन मुख्य राज्यों - गुजरात, कर्नाटक और मध्य प्रदेश - में इंस्टॉलेशन शामिल हैं।
इक्विपमेंट की डिलीवरी के साथ-साथ, इस काम में एंड-टू-एंड ग्रिड इंटीग्रेशन और लंबे समय तक चलने वाले ऑपरेशन और मेंटेनेंस (एसेट मैनेजमेंट सर्विसेज़) भी शामिल हैं।
ये भी पढ़ें - क्या आपको याद है 'शिप' माचिस? जानिए 100 साल पहले शुरू हुए इस मशहूर ब्रांड की पूरी कहानी; इस शख्स ने घर-घर पहुंचाया उजाला
"शेयर से जुड़े अपने सवाल आप हमें business@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं।"
(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
