TATA की ये कंपनी बांट रही लावारिस पैसा! क्लेम करने के लिए 30 जून तक का मौका; ऐसे फटाफट करें अप्लाई
टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने शेयरधारकों को 7 साल से अधिक के अनक्लेम्ड डिविडेंड क्लेम करने का रिमाइंडर भेजा है। 30 जून, 2026 तक क्लेम न करने पर ये डिविड ...और पढ़ें

टाटा की कंपनी बांट रही डिविडेंड

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नई दिल्ली। दुनिया की दूसरी और भारत की सबसे बड़ी ब्रांडेड चाय कंपनी टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड ने उन शेयरधारकों को रिमाइंडर लेटर जारी किए हैं जिनके डिविडेंड लगातार सात सालों से क्लेम नहीं किए गए हैं। इन शेयरहोल्डर्स को चेतावनी दी गयी है कि 30 जून, 2026 तक डिविडेंड राशि को क्लेम कर लें वरना ये डिविडेंड IEPF (Investor Education and Protection Fund) में ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। यह कदम कंपनी अधिनियम 2013 और SEBI के नियमों के अनुसार उठाया गया है, और इसका असर डिविडेंड और उनसे जुड़े शेयरों, दोनों पर पड़ेगा। शेयरहोल्डर्स को अपने डिविडेंड और शेयरों के IEPF में ट्रांसफर होने से बचने के लिए शेयरों के होल्डिंग मोड के आधार पर जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे।
क्या है पूरा नियम?
लागू कानूनी फ्रेमवर्क के तहत, कोई भी डिविडेंड जो संबंधित 'भुगतान न किए गए डिविडेंड अकाउंट' (Unpaid Dividend Account) में ट्रांसफर की तारीख से सात वर्षों तक अनक्लेम्ड रहा हो या अनपेड न रहा हो, उसे IEPF में हस्तांतरित किया जाना अनिवार्य है।
इसके साथ ही, ऐसे अनक्लेम्ड डिविडेंड से संबंधित वे सभी शेयर भी, जो लगातार सात वर्षों या उससे अधिक समय तक इसी स्टेटस में हों, उन्हें भी IEPF में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
किसके लिए है जरूरी?
पहले डिविडेंड चेक के जरिए दिया जाता था। शेयरहोल्डर ब्रोकर के जरिए डिविडेंड प्राप्त करते थे। जिन लोगों के पास पहले फिजिकल फॉर्म में शेयर थे या जिनके डीमैटे खाते बाद में डिजिटल हुए, उनमें ऐसे अधिकतर लोग हो सकते हैं, जिन्होंने 7 पहले तक डिविडेंड के लिए क्लेम न किया हो। ऐसे ही लोगों को डिविडेंड क्लेम करना जरूरी है।
कितना डिविडेंड बाकी?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पिछले साल 31 मार्च तक टाटा कंज्यूमर के पास बकाया डिविडेंड 67.85 करोड़ रुपये था।
कौन-से डॉक्यूमेंट चाहिए?
यदि आपने अपने शेयर डिजिटल फॉर्म में कंवर्ट करा लिए हैं तो;
- क्लाइंट मास्टर लिस्ट की सेल्फ अटेस्टेड कॉपी
- डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट के साथ अपडेटेड बैंक स्टेटमेंट
यदि आपने अपने शेयर डिजिटल फॉर्म में नहीं कंवर्ट कराए हैं तो;
- फॉर्म ISR-1, ISR-2, और SH-13 (नॉमिनेशन फॉर्म)
- सहायक दस्तावेज, जिसमें कैंसल्ड चेक भी शामिल है
- भुगतान प्रक्रिया के लिए KYC का पालन अनिवार्य है
- PAN कार्ड/Aadhaar कार्ड की सेल्फ अटेस्टेड कॉपी
- एड्रेस प्रूफ, जो 3 महीने से अधिक पुराना न हो
डेडलाइन चूक गई तो क्या होगा?
जो शेयरहोल्डर 30 जून, 2026 की डेडलाइन चूक जाते हैं, वे भी IEPF अथॉरिटी से अपने डिविडेंड और शेयर वापस पा सकते हैं। इस रिकवरी प्रोसेस में कंपनी से 'लेटर ऑफ एंटाइटलमेंट' लेना, IEPF को ऑनलाइन फॉर्म IEPF-5 जमा करना, और जरूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ उसकी फिजिकल कॉपी कंपनी के रजिस्टर्ड ऑफिस भेजना शामिल है।
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(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)