आने वाले IPO में शेयरहोल्डर कोटा से कर सकेंगे निवेश, लिस्ट में हीरो फिनकॉर्प, जियो और SBI MF शामिल; बढ़ता है अलॉटमेंट चांस
भारत में कई बड़ी कंपनियों की सहायक कंपनियां जल्द ही आईपीओ (Upcoming IPO Next Week) ला सकती हैं। इन आईपीओ में शेयरहोल्डर कोटा का विशेष प्रावधान होगा, ज ...और पढ़ें

IPO में कैसे मिलता है शेयरहोल्डर कोटा का लाभ?

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नई दिल्ली। आने वाले महीनों में भारत में कई दिग्गज कंपनियां अपनी सब्सिडियरी कंपनियों के आईपीओ (Upcoming IPO 2026) ला सकती हैं। इनमें टेलीकॉम दिग्गज और फाइनेंशियल पावरहाउस से लेकर एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर तक की सब्सिडियरी कंपनी शामिल हैं। इनमें से कई IPO को और भी आकर्षक बनाएगा शेयरहोल्डर कोटा, जो उन निवेशकों के लिए शेयरों का एक रिजर्व हिस्सा है, जिनके पास पहले से ही पेरेंट कंपनी के शेयर हैं। आगे जानिए क्या होता है शेयरहोल्डर कोटा और किन IPO में मिलेगा ये फायदा।
क्या होता है IPO में शेयरहोल्डर कोटा?
IPO में शेयरहोल्डर कोटा, उन शेयरों का रिजर्वेशन होता है जो खास तौर पर लिस्ट होने वाली कंपनी या उसकी पेरेंट कंपनी के मौजूदा शेयरहोल्डर्स के लिए होते हैं। यह कंपनी के लिए अपने लॉयल इन्वेस्टर्स को इनाम देने और IPO में उनकी हिस्सेदारी को बढ़ावा देने का एक तरीका है।
कौन-कौन सी कंपनी देगी मौका?
| कंपनी | सेक्टर | पैरेंट कंपनी | शेयरहोल्डर कोटा |
| जियो प्लेटफॉर्म्स | दूरसंचार और डिजिटल | रिलायंस इंडस्ट्रीज | हाँ |
| हीरो फिनकॉर्प | एनबीएफसी | हीरो मोटोकॉर्प | हाँ |
| एसबीआई म्यूचुअल फंड | परिसंपत्ति प्रबंधन | भारतीय स्टेट बैंक | हाँ |
| एनएलसी इंडिया रिन्यूएबल्स | नवीकरणीय ऊर्जा | एनएलसी इंडिया | हाँ |
| भारतीय गैस विनिमय | ऊर्जा विनिमय | आईईएक्स | हाँ |
| ईएएए इंडिया विकल्प | वैकल्पिक परिसंपत्ति प्रबंधन | एडेलवाइस फाइनेंशियल | संभावित |
| महानदी कोयला क्षेत्र | कोयला खनन | कोल इंडिया | हाँ |
| दक्षिण पूर्वी कोयला क्षेत्र | कोयला खनन | कोल इंडिया | हाँ |
| सीएमपीडी | खनन सेवाएं | कोल इंडिया | हाँ |
| बेलस्टार माइक्रोफाइनेंस | माइक्रोफाइनांस | मुथूट वित्त | हाँ |
शेयरहोल्डर कोटा का फायदा
शेयरहोल्डर कोटा आईपीओ में मौजूदा पैरेंट कंपनी के निवेशकों के लिए आरक्षित एक विशेष कैटेगरी है, जो मुख्य रूप से अलॉटमेंट की संभावना को कई गुना बढ़ा देती है। इसमें कम भीड़ होने के कारण, रिटेल कैटेगरी की तुलना में शेयर मिलने के चांसेस बेहतर होते हैं और निवेशक एक ही पैन कार्ड से शेयरहोल्डर और रिटेल दोनों कोटे में आवेदन कर सकते हैं।
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(डिस्क्लेमर: यहां आगामी आईपीओ की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)