Vedanta Demerger: 63% लुढ़का अनिल अग्रवाल की वेदांता का शेयर, फिर भी निवेशकों को फायदा; आखिर क्या है बड़ी वजह?
Vedanta Demerger: अनिल अग्रवाल की वेदांता लिमिटेड के शेयर डीमर्जर के कारण 63% तक गिर गए, लेकिन यह गिरावट निवेशकों के लिए फायदे का संकेत है। कंपनी 1 मई ...और पढ़ें

Vedanta Demerger के चलते वेदांता के शेयर 63% तक टूटे
HighLights
वेदांता के शेयर डीमर्जर के कारण 63% गिरे।
1 मई से कंपनी पांच स्वतंत्र इकाइयों में विभाजित होगी।
रिकॉर्ड डेट तक शेयरधारकों को नई कंपनियों में शेयर मिलेंगे।
नई दिल्ली। Vedanta Demerger: अनिल अग्रवाल की वेदांता लिमिटेड के शेयर 63 फीसदी तक टूट गए। बुधवार को इसके शेयर 773.6 रुपये पर बंद हुए थे। और आज यानी 30 अप्रैल 2026 को करीब 11 बजे यह 277.30 रुपये (vedanta share price) के स्तर पर ट्रेड कर रहा था।
एक दिन में किसी भी स्टॉक में इतनी बड़ी गिरावट नहीं आ सकती है। इस गिरावट के पीछे एक बड़ी वजह है। और वह वजह है वेदांता लिमिटेड का डीमर्जर (vedanta demerger) प्लान। कल यानी 1 अप्रैल 2026 से वेदांता लिमिटेड 5 हिस्सों में बंट जाएगी। इसलिए आज यह शेयर 'एक्स-डिमर्जर' ट्रेड कर रहा है।
Vedanta Demerger के बाद कितनी कंपनियां होंगी
इस भारी गिरावट की वजह कंपनी की डीमर्जर योजना (vedanta share news) के तहत अलग किए जा रहे चार बिजनेस वर्टिकल्स से वैल्यू का अलग होना है। 30 अप्रैल से, वेदांता के शेयर 'एक्स-डीमर्जर' आधार पर ट्रेड कर रहे हैं। यह 1 मई की रिकॉर्ड डेट से पहले हो रहा है। 1 मई को शेयर बाजार बंद रहेगा।
रीस्ट्रक्चरिंग के हिस्से के तौर पर, वेदांता अपने एल्युमीनियम, पावर, ऑयल और गैस, और स्टील बिजनेस को अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों में डीमर्ज करेगी। रिकॉर्ड डेट तक जिन शेयरहोल्डर्स के पास शेयर होंगे, उन्हें चारों नई कंपनियों में से हर एक में एक-एक शेयर मिलेगा।
खबरें और भी
डीमर्जर के बाद Vedanta के हो जाएंगे 5 टुकड़े | ||
| क्रमांक | कंपनी का नाम | बिजनेस |
| 1 | Vedanta Aluminium | एल्युमीनियम व्यवसाय |
| 2 | Vedanta Oil & Gas | तेल और गैस व्यवसाय |
| 3 | Vedanta Power | विद्युत व्यवसाय |
| 4 | Vedanta Steel and Ferrous Materials | इस्पात और लौह सामग्री व्यवसाय |
| 5 | Vedanta Limited | मौजूदा लिस्टेड कंपनी |
वेदांता के CFO अजय गोयल ने कहा कि कंपनी के बोर्ड ने पहले ही 1 मई से प्रभावी वेदांता के डीमर्जर को मंजूरी दे दी थी। इसके तहत 5 स्वतंत्र, सेक्टर-विशेष और प्योर-प्ले कंपनियां बनाई जाएंगी, जिससे हर कंपनी अपनी ग्रोथ का रास्ता खुद तय कर सकेगी और निवेशकों को आकर्षित कर पाएगी।
निवेशकों को होगा फायदा
जिन निवेशकों ने 29 अप्रैल या उससे पहले वेदांता (vedanta news) के शेयर खरीदे थे, वे अलग हुई कंपनियों के शेयर पाने के हकदार होंगे। लेकिन अगर आपने 30 अप्रैल या उसके बाद शेयर खरीदने वाले निवेशकों को इस डीमर्जर का लाभ नहीं मिलेगा।
इस डीमर्जर का मकसद वेदांता के कॉर्पोरेट ढांचे को सरल बनाना और अलग-अलग तरह के विशेष व्यवसायों (pure-play businesses) को बनाकर, कंपनी के विविध पोर्टफोलियो में छिपे मूल्य को सामने लाना है।
एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, कंपोजिट स्कीम ऑफ अरेंजमेंट के तहत, वेदांता के शेयरहोल्डर्स को चार बिजनेस में 1:1 अनुपात में इक्विटी शेयर मिलेंगे। इसलिए, स्पेशल सेशन के दौरान पता चली कीमत में कंपनी के ऑपरेशन्स में किसी भी बुनियादी गिरावट को दिखाने के बजाय, वैल्यू सेपरेशन को ध्यान में रखा जाता है।
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मार्केट पार्टिसिपेंट्स आमतौर पर लिस्टिंग के बाद बनने वाली सभी एंटिटीज की कंबाइंड वैल्यू को ट्रैक करते हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि डीमर्जर से शेयरहोल्डर वैल्यू अनलॉक होती है या नहीं। एनालिस्ट्स के अनुसार, इस तरह की रीस्ट्रक्चरिंग से मीडियम टर्म में बेहतर वैल्यूएशन डिस्कवरी और बिजनेस फोकस बेहतर हो सकता है।
"शेयर से जुड़े अपने सवाल आप हमें business@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं।"
(डिस्क्लेमर: जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)