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    Vedanta Demerger से बनी अनिल अग्रवाल की कंपनी घाटे से मुनाफे में लौटी, तिमाही नतीजों ने चौंकाया

    Updated: Wed, 29 Jul 2026 06:51 PM (IST)

    वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड ने Q1 FY27 के वित्तीय नतीजे घोषित किए, जिसमें कंपनी ₹945 करोड़ के समेकित शुद्ध लाभ के साथ घाटे से मुनाफे में लौटी। यह बदला ...और पढ़ें

    वेदांता ऑयल एंड गैस Q1 में ₹945 करोड़ मुनाफे में।

    वेदांता ऑयल एंड गैस Q1 में ₹945 करोड़ मुनाफे में।

    HighLights

    1. वेदांता ऑयल एंड गैस Q1 में ₹945 करोड़ मुनाफे में।

    2. अनिल अग्रवाल की कंपनी घाटे से मुनाफे में लौटी।

    3. डीमर्जर और 'स्लंप सेल' से मिला असाधारण लाभ।

    नई दिल्ली। Vedanta Demerger के बाद बनी वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड (जिसे पहले माल्को एनर्जी लिमिटेड के नाम से जाना जाता था) ने 30 जून, 2026 को समाप्त हुई चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1) के वित्तीय परिणाम घोषित कर दिए हैं।

    कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 29 जुलाई, 2026 को हुई बैठक में इन नतीजों को मंजूरी दी। अनिल अग्रवाल की कंपनी के मुनाफे में जबरदस्त उछाल देखा गया है।

    घाटे से मुनाफे में लौटी अनिल अग्रवाल की कंपनी

    कंपनी द्वारा स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार, पहली तिमाही में वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड का समेकित शुद्ध लाभ (Consolidated Net Profit) ₹945 करोड़ रहा। पिछले साल की समान तिमाही (Q1 FY26) में कंपनी को ₹104 करोड़ का घाटा हुआ था। यानी यानी अनिल अग्रवाल की कंपनी घाटे से मुनाफे में लौटी। कंपनी के मुनाफे में इस बड़ी वृद्धि के पीछे 'डिस्कंटीन्यूड ऑपरेशंस' (बंद किए गए परिचालन) से हुआ लाभ एक मुख्य कारण है।

    Vedanta oil and gas का कितना रहा रेवेन्यू

    रिपोर्ट के मुताबिक, पहली तिमाही में ऑपरेशंस से होने वाला कुल रेवेन्यू ₹2,507 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹2,311 करोड़ था। कंपनी की कुल आय (Total Income) ₹2,658 करोड़ दर्ज की गई है।

    कैम्बे ब्लॉक विवाद पर क्या बोली कंपनी

    कंपनी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि कैम्बे ब्लॉक (CB-OS/2) के प्रोडक्शन शेयरिंग कॉन्ट्रैक्ट (PSC) के विस्तार को लेकर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) के साथ कानूनी विवाद चल रहा है। दिल्ली उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने कंपनी की याचिका खारिज कर दी है, जिसके खिलाफ कंपनी ने अपील दायर की है। इस अनिश्चितता को देखते हुए, कंपनी ने एहतियात के तौर पर ₹379 करोड़ का 'इम्पेयरमेंट चार्ज' (Impairment Charge) यानी प्रावधान किया है।

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    1 मई से लागू हुआ डीमर्जर

    1 मई, 2026 से प्रभावी हुए डिमर्जर (Vedanta Demerger) के बाद, वेदांता लिमिटेड का ऑयल एंड गैस कारोबार इस कंपनी में शामिल हो गया है। इसके अलावा, कंपनी ने अपने पावर, निकोमेट और कोक बिजनेस को वेदांता लिमिटेड और वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड को बेच दिया है। इस 'स्लंप सेल' (Slump Sale) से कंपनी को ₹1,056 करोड़ का असाधारण लाभ (Exceptional Gain) हुआ है।

    कंपनी के वैधानिक ऑडिटर, 'वॉकर चंडियोक एंड कंपनी एलएलपी' ने अपनी रिपोर्ट में 'अनमॉडिफाइड ओपिनियन' दी है, हालांकि उन्होंने कैम्बे ब्लॉक से जुड़े कानूनी विवाद की ओर विशेष ध्यान आकर्षित किया है।

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