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    क्या अब भारत लौटेंगे विदेशी निवेशक? अमेरिका के साथ डील पक्की होने के बाद बढ़ी उम्मीद; ऐसा हुआ तो और बढ़ेगा शेयर बाजार

    Updated: Tue, 03 Feb 2026 03:46 PM (IST)

    प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के चेयरमैन एस महेंद्र देव ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) और पोर्टफोलि ...और पढ़ें

    क्या अब भारत लौटेंगे विदेशी निवेशक?

    क्या अब भारत लौटेंगे विदेशी निवेशक?

    HighLights

    1. US-भारत के बीच हुआ ट्रेड समझौता

    2. FDI, FII फ्लो को बढ़ावा मिलने की उम्मीद

    3. रुपये पर पड़ सकता है पॉजिटिव असर

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) के चेयरमैन एस महेंद्र देव ने मंगलवार को कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (US-India Trade Deal) से देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के साथ-साथ पोर्टफोलियो निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा, जिसका रुपये के मूल्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। भारत और अमेरिका एक व्यापार समझौते पर सहमत हुए, जिसके तहत अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर जवाबी शुल्क को घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा, जो चीन, बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देशों की तुलना में कम है।

    "भारत के लिए बहुत बड़ी डील"

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से फोन पर बातचीत के बाद व्यापार समझौते को लेकर घोषणा की। देव ने कहा कि व्यापार समझौते की घोषणा कई मायनों में भारत के लिए बहुत बड़ी है क्योंकि इससे कपड़ा और रत्न तथा आभूषण जैसे कुछ श्रम-केंद्रित विनिर्माण क्षेत्रों को लाभ होगा।
    ट्रंप प्रशासन ने रूसी तेल खरीदने पर 25 प्रतिशत जुर्माने सहित 50 प्रतिशत शुल्क लगाया था, जिससे अमेरिका में भारत के निर्यात पर असर पड़ा।

    वियतनाम समेत कई देशों से कम है टैरिफ

    देव ने कहा कि 18 प्रतिशत शुल्क बांग्लादेश, वियतनाम, चीन और ब्राजील समेत कई देशों की तुलना में कम है। उन्होंने कहा, ‘‘अब 18 प्रतिशत शुल्क होने से हमें लाभ मिलेगा। और मुझे उम्मीद है कि भारत का अमेरिका में निर्यात बढ़ेगा। हमारे पास यूरोपीय संघ और ब्रिटेन के साथ तथा कई अन्य देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) हैं। इसलिए हमारा निर्यात और अधिक बढ़ेगा। इसका विकास पर भी प्रभाव पड़ेगा। हमारी आर्थिक वृद्धि पहले की तुलना में कहीं अधिक होगी।’’

    एफडीआई और एफआईआई फ्लो बढ़ने की उम्मीद

    अनिश्चितताओं और करेंसी में गिरावट के कारण शुद्ध एफडीआई और एफआईआई प्रवाह प्रभावित होने की बात कहते हुए देव ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के साथ यह उम्मीद है कि यह स्थिति पलटेगी, जिससे घरेलू मुद्रा को समर्थन मिलेगा।
    देव ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इस घोषणा के बाद, समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता कम होगी और इससे शेयर बाजार में एफडीआई और एफआईआई का प्रवाह बढ़ने की उम्मीद है।" उन्होंने कहा कि इसका असर रुपये पर भी सकारात्मक पड़ेगा।

    खबरें और भी

    जानकार मानते हैं कि यदि एफडीआई और एफआईआई भारत में निवेश करते हैं और रुपया मजबूत होता है, तो इसका शेयर बाजार पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।

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    (डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)