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    Zepto IPO: Blinkit-Instamart को टक्कर... लेकिन अब भी घाटे में कंपनी! जानें DRHP में छिपे 'रिस्क फैक्टर्स'

    Updated: Tue, 28 Jul 2026 02:36 PM (IST)

    Zepto IPO: Zepto का ₹8,010 करोड़ का IPO आ रहा है, लेकिन कंपनी के बढ़ते घाटे और डिलीवरी समय में बढ़ोतरी जैसे कई जोखिम सामने आ रहे है। तेजी से विस्तार क ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. Zepto का घाटा FY26 में बढ़कर ₹5,905 करोड़ हुआ।

    2. डिलीवरी का समय 10.5 से 11-12 मिनट तक बढ़ा।

    3. पुराने स्टोर के किराए पर ₹1,735 करोड़ खर्च होंगे।

    नई दिल्ली| आज के समय में 10 मिनट में सामान घर पहुंचाने वाली कंपनियां लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी हैं। इस काम को अंजाम देने में Zepto का नाम भी शामिल है। अब यह कंपनी शेयर बाजार में कदम रखने जा रही है। Zepto करीब 8,010 करोड़ रुपये का IPO ला रही है। लेकिन कंपनी की 690 पन्नों की DRHP रिपोर्ट में कई ऐसी बातें भी हैं, जिन पर आम निवेशकों की नजर शायद नहीं गई होगी।

    कंपनी की कमाई तेजी से बढ़ी है, लेकिन घाटा भी बढ़ा है। ऑर्डर बढ़ रहे हैं, लेकिन डिलीवरी का समय भी बढ़ गया है। कंपनी तेजी से विस्तार कर रही है, लेकिन अभी भी भारी खर्च और नकदी की जरूरत बनी हुई है। ऐसे में IPO में पैसा लगाने से पहले इन बातों को समझना जरूरी है। आइए विस्तार में जानते हैं Zepto IPO से जुड़ी वे बड़ी बातें जो निवेशकों की नजर से शायद दूर है।

    पुराने स्टोर पर खर्च होगा पैसा

    Zepto अपने IPO से मिलने वाले पैसों का बड़ा हिस्सा नए स्टोर खोलने के बजाय पहले से चल रहे डार्क स्टोर का किराया चुकाने में खर्च करेगी। कंपनी करीब 1,735 करोड़ रुपये पुराने स्टोर के किराए पर खर्च करेगी, जबकि नए डार्क स्टोर तैयार करने पर करीब 1,629 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे साफ है कि कंपनी के लिए पुराने स्टोर का खर्च भी काफी बड़ा है।

    डिलीवरी पहले से हुई धीमी

    कंपनी ने दो साल में अपने डार्क स्टोर की संख्या 337 से बढ़ाकर 1,139 कर दी। इसके बावजूद डिलीवरी का समय कम होने के बजाय बढ़ गया। पहले जहां सामान करीब 10.5 मिनट में पहुंच रहा था, अब इसमें 11 से 12 मिनट तक लग रहे हैं। यानी स्टोर बढ़ने के बाद भी ग्राहकों को पहले जैसी तेजी नहीं मिल रही।

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    Zepto पर ग्राहकों को बिना जानकारी दिए कुछ अतिरिक्त फीस जोड़ने और भी कई आरोप लगे थे। इस मामले में कंपनी पर 7 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। हालांकि कंपनी ने इस फैसले को चुनौती दी है और मामला अभी चल रहा है।

    ग्राहक कम हुए, लेकिन ऑर्डर बढ़ गए

    FY26 में कंपनी के कुल ग्राहक बढ़े, लेकिन आखिरी तिमाही में एक्टिव ग्राहकों की संख्या थोड़ी कम हो गई। इसके बावजूद ऑर्डर तेजी से बढ़े। इसका मतलब है कि पुराने ग्राहक पहले से ज्यादा बार खरीदारी कर रहे हैं।

    कंपनी का कैश फ्लो पहले से बेहतर हुआ है। लेकिन इसमें कारोबार के साथ-साथ पहले से मौजूद पैसे पर मिलने वाला ब्याज और निवेश से हुई कमाई का भी बड़ा योगदान रहा है। यानी पूरा सुधार सिर्फ बिजनेस की वजह से नहीं आया।

    डिलीवरी खर्च बढ़ सकता है

    सरकार गिग वर्कर्स के लिए नए नियम लागू कर रही है। अगर कंपनियों को डिलीवरी पार्टनर्स के लिए ज्यादा योगदान देना पड़ा, तो Zepto का खर्च और बढ़ सकता है। इसका असर भविष्य की कमाई पर पड़ सकता है।

    कंपनी की कमाई FY26 में 100 फीसदी से ज्यादा बढ़कर 22,623 करोड़ रुपये हो गई। लेकिन इसी दौरान उसका घाटा भी बढ़कर करीब 5,905 करोड़ रुपये पहुंच गया। यानी कारोबार तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन कंपनी अभी भी मुनाफे से काफी दूर है।

    Instamart-Blinkit बन सकती है मुसीबत

    Zepto ने लगभग उतने ही स्टोर में Swiggy Instamart से करीब दोगुने ऑर्डर पूरे किए। लेकिन Blinkit अभी भी बाजार में सबसे आगे है और प्रति ऑर्डर मुनाफा भी कमा रही है। दूसरी तरफ Zepto अभी भी हर ऑर्डर पर नुकसान उठा रही है। Zepto ने बहुत तेजी से अपना कारोबार बढ़ाया है।

    लेकिन कंपनी अभी भी भारी खर्च, नकदी की जरूरत और लगातार हो रहे घाटे से जूझ रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या आने वाले समय में कंपनी अपने बढ़ते ऑर्डर को मुनाफे में बदल पाएगी। IPO में निवेश करने से पहले निवेशकों को इस बात पर जरूर ध्यान देना चाहिए।

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    "शेयर से जुड़े अपने सवाल आप हमें business@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं।"

    (डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)