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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 20, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    कोयले की कीमतों में जल्द हो सकती है बढ़ोतरी, सीआईएल चेयरमैन ने बताए कारण

    By AgencyEdited By: Sonali Singh
    Updated: Mon, 20 Mar 2023 01:56 PM (IST)

    Coal Price India 2023 कोयले की कीमतों में जल्द बढ़ोतरी की उम्मीद है। CIL चेयरमैन ने इस बात के संकेत दिए हैं कि जल्द ही कीमतों में इजाफा देखा जा सकता है ...और पढ़ें

    Coal Price May Hike Soon, See Full Details Here
    Coal Price May Hike Soon, See Full Details Here

    कोलकाता, एजेंसी। कोल इंडिया के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल ने सोमवार को कहा कि हाल के दोनों में कोयले की कीमतों में बढ़ोतरी होने की बहुत संभावना है। यह बढ़ोतरी बहुत जल्द प्रभावी हो सकती है और हितधारकों के साथ इस पर चर्चा चल रही है। ऐसा होने पर कोयले से चलने वाले उद्योगों पर बोझ बढ़ने वाला है।   

    अग्रवाल ने यह भी कहा कि उन्हें विश्वास है कि खनन दिग्गज 2025-26 तक 1 अरब टन के अपने उत्पादन लक्ष्य को हासिल कर लेंगे। उन्होंने कहा कि कोयले की कीमतों में बढ़ोतरी होने का मामला बहुत मजबूत है, क्योंकि पिछले पांच साल में ऐसा नहीं हुआ है। इस साल वेतन समझौता भी हुआ है, जिसका सीआईएल की वित्तीय स्थिति पर प्रभाव पड़ेगा। खासतौर पर कुछ सहायक कंपनियों के लिए, जहां मैनपावर कॉस्ट बहुत अधिक है।

    हितधारकों के साथ चल रही है चर्चा

    एमजंक्शन द्वारा आयोजित इंडियन कोल मार्केट्स कॉन्फ्रेंस में अग्रवाल ने कहा, 'अगर कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की गई, तो काफी दिक्कतें होंगी। हितधारकों के साथ चर्चा चल रही है और यह बहुत जल्द होगा।'

    1 अरब टन उत्पादन लक्ष्य के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि सीआईएल 2025-26 तक इसे हासिल करने के रास्ते पर चल रहा है। हालांकि, यह देश की जरूरत और निजी क्षेत्र की वृद्धि जैसे कारकों पर निर्भर करेगा।

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    उत्पादन के लिए तैयार रहना जरूरी

    अग्रवाल ने कहा, "उत्पादन के लिए तैयार रहना जरूरी है। कोई भी देश तब तक विकसित नहीं हो सकता, जब तक कि उसके ऊर्जा संसाधन सुरक्षित न हों। लिहाजा, यदि जरूरत है, तो हमें उत्पादन के लिए तैयार रहना चाहिए। हालांकि, अगर जरूरत नहीं है, तो आउटपुट को उसी अनुसार कम किया जा सकता है। CIL प्रमुख ने आगे कहा कि वर्तमान में भूमिगत कोयले का उत्पादन लगभग 2.5 से 3 करोड़ टन के करीब है। कंपनी का लक्ष्य इसे 2030 तक बढ़ाकर 100 मिलियन टन करना है।