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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 03, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    PMI Data: अप्रैल में पिछले 13 सालों की तुलना में सबसे तेजी से बढ़ा सर्विस सेक्टर, पीएमआई 62 पर पहुंचा

    By Abhinav ShalyaEdited By: Abhinav Shalya
    Updated: Wed, 03 May 2023 12:27 PM (IST)

    Service Sector PMI Data एसएंडपी ग्लोबल इंडिया की ओर से बताया गया है कि भारतीय सर्विस सेक्टर का अप्रैल में पीएमआई 62 रहा है। यह लगातार 21वां महीना है ज ...और पढ़ें

    S&P Global India Services PMI Data Climb to 62
    S&P Global India Services PMI Data Climb to 62

    नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। भारत के सर्विस सेक्टर में अप्रैल में पिछले 13 सालों में सबसे अधिक तेज वृद्धि हुई है। इसके पीछे की वजह नए बिजनेस और आउटपुट में इजाफा होना है। एक निजी सर्वे में ये बात सामने आई।

    एसएंडपी ग्लोबल इंडिया की ओर से बुधवार को जारी किए गए सर्विस सेक्टर के डाटा में बताया गया कि अप्रैल में पीएमआई 62.0 पर पहुंच गया है जो कि मार्च में 57.8 था। 2010 के बाद अब तक दर्ज की गई ये सबसे अधिक बढ़ोतरी है। यह लगातार 21वां महीना है, जब सर्विस सेक्टर के डाटा में उछाल देखने को मिला है। बता दें, जब भी पीएमआई 50 से ऊपर रहता है तो यह सेक्टर में बढ़ोतरी को दर्शाता है।

    13 सालों में सबसे तेज वृद्धि

    एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस में इकोनॉमिक एसोसिएट डायरेक्टर लीमा पॉलियान्ना डे ने कहा कि भारत के सर्विस सेक्टर ने अप्रैल में एक उल्लेखनीय प्रदर्शन दर्ज किया, जिसमें नए बिजनेस और प्रोडक्शन में केवल 13 वर्षों में सबसे मजबूत वृद्धि हुई है। फाइनेंस और इंश्योरेंस सबसे ब्राइट स्पॉट के रूप में उभरा है।

    नए बिजनेस में बढ़ोतरी

    अप्रैल में भारतीय सेवाओं की मांग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती हुई नजर आई है। इसके साथ लगातार तीसरे महीने नए एक्सपोर्ट बिजनेस में बढ़ोतरी हुई, जो कि अप्रैल में सबसे तेज थी।

    सर्वे में बताया गया है कि अप्रैल में इनपुट कॉस्ट में भी तेजी से इजाफा देखने को मिला है। इसके पीछे का कारण फूड, फ्यूल, दवाइयों, ढुलाई की लागत और श्रम दर में बढ़ोतरी होना है।

    S&P सर्विस सेक्टर डाटा

    एसएंडपी ग्लोबल इंडिया सर्विसेज पीएमआई डाटा एसएंडपी ग्लोबल की ओर से एक पैनल की मदद से तैयार किया जाता है। इस पैनल में 400 कंपनियां होती हैं। इस डाटा को दिसंबर 2005 से तैयार किया जा रहा है।

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    (एजेंसी इनपुट के साथ)