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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    वैश्विक अर्थव्यवस्था में उतार-चढ़ाव का भारत पर नहीं होगा कोई असर, बनी रहेगी सबसे तेजी से बढ़ने वाली इकॉनमी

    By Abhinav ShalyaEdited By: Abhinav Shalya
    Updated: Sun, 16 Apr 2023 01:24 PM (IST)

    Indian economy हाल ही में ADB और World Bank की ओर से वित्त वर्ष 2023-24 के विकास दर के अनुमान में कटौती की गई हैलेकिन इसके बाद भी भारत दुनिया की सबसे ...और पढ़ें

    Indian economy not falling behind: Sanjeev Sanyal
    Indian economy not falling behind: Sanjeev Sanyal

    नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। भारतीय अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष में 6.5 प्रतिशत की दर से विकास करेगी और दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था बनी रहेगी। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहाकार कमेटी के सदस्य संजीव सान्याल की ओर से ये बयान ऐसे समय पर दिया गया है, जब हाल में ही विश्व की बड़ी संस्थाओं ने भारत की विकास दर के अनुमान को घटाया है।

    उन्होंने आगे अपने बयान में कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में उतार-चढ़ाव के बीच भारत का प्रदर्शन अन्य देशों के मुकाबले काफी अच्छा है। एशियन डेवलेपमेंट बैंक (ADB) और वर्ल्ड बैंक (World Bank) की ओर से चालू वित्त वर्ष की विकास दर के अनुमान में मामूली कटौती की गई है, लेकिन अभी भी भारत दुनिया की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था बना हुआ है।

    ADB, IMF और World Bank ने घटाया विकास दर का अनुमान

    हाल ही में एशियन डेवलेपमेंट बैंक और वर्ल्ड बैंक की ओर से वित्त वर्ष 2023-24 के विकास दर के अनुमान में कटौती की गई है। चालू वित्त वर्ष के लिए एशियन डेवलेपमेंट बैंक ने विकास दर 6.4 प्रतिशत और वर्ल्ड बैंक ने विकास दर 6.3 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। आईएमएफ की ओर से विकास दर के अनुमान को 6.1 प्रतिशत से घटाकर 5.9 प्रतिशत कर दिया गया है।

    बैंक अच्छी स्थिति में

    अमेरिका और यूरोप में आए बैंकिंग क्राइसिस पर बोलते हुए सान्याल ने कहा कि भारत के फाइनेंशियल सेक्टर पर इसका सीधे कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सरकार की ओर से पिछले कुछ सालों बैंकों के एनपीए कम करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं, जिससे बैंक अच्छी स्थिति में है और उनके पास पूंजी भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।

    खबरें और भी

    पिछले हफ्ते वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का प्रदर्शन रिव्यू करने के लिए एक बैंठक भी की गई थी।

    (एजेंसी इनपुट के साथ)