छत्तीसगढ़: भारतमाला घोटाला मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, 12.78 करोड़ रुपये की 62 संपत्तियां कुर्क की
ईडी ने भारतमाला परियोजना के भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाले में 12.78 करोड़ रुपये मूल्य की 62 चल-अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की हैं। ...और पढ़ें

ईडी की कार्रवाई।
HighLights
ईडी ने 12.78 करोड़ की 62 संपत्तियां कुर्क कीं।
भारतमाला परियोजना भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाले से जुड़ा मामला।
जय प्रकाश गांधी समेत 13 आरोपियों पर पूरक शिकायत दाखिल।
राज्य ब्यूरो, रायपुर। ईडी ने भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाले में 12.78 करोड़ रुपये मूल्य की 62 चल और अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की है। यह कार्रवाई भारतमाला परियोजना के रायपुर-विशाखापत्तनम नेशनल हाईवे से जुड़े मामले में की गई है।
कुर्क की गई संपत्तियों में 4.69 करोड़ रुपये के शेयर और म्यूचुअल फंड होल्डिंग्स भी शामिल हैं। मामले में अब तक 36.14 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। इसके साथ ही जांच एजेंसी ने जय प्रकाश गांधी और 13 अन्य आरोपितों के खिलाफ विशेष अदालत में पूरक अभियोजन शिकायत दाखिल की है।
जांच में स्पष्ट हुआ कि आरोपितों ने जमीन को छोटे-छोटे टुकड़ों में विभाजित कर कई गुना अधिक मुआवजा वसूला था। शिकायत पर ईओडब्ल्यू-एसीबी ने अभनपुर के तत्कालीन एसडीओ (राजस्व) निर्भय साहू और अन्य के खिलाफ 23 अप्रैल 2025 को एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की गई।
फर्जी कागजातों से 9.27 करोड़ रुपये की अवैध कमाईईडी की जांच में राजफाश हुआ कि आरोपी जय प्रकाश गांधी और उनके परिवार को केवल 56.76 लाख रुपये का वैध मुआवजा मिलना था, लेकिन फर्जीवाड़ा कर उन्होंने 9.83 करोड़ रुपये हासिल किए।
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ग्राम नायकबांधा के कई अन्य भूमि स्वामियों और लाभार्थियों ने भी खसरा नंबरों को छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित कर निर्धारित पात्रता से कहीं अधिक मुआवजा प्राप्त किया। वहीं, उगेतरा गांव में एक महिला उमा तिवारी ने मृत भू-स्वामी की गोद ली हुई बेटी का फर्जी रिकार्ड बनवाकर 2.13 करोड़ रुपये का अवैध मुआवजा हड़प लिया।