'इसे तुरंत बैन करो', IPL के इस नए ट्रेंड पर फूटा पूर्व क्रिकेटर्स का गुस्सा
आईपीएल 2026 में कई खिलाड़ियों का पर्ची सेलिब्रेशन देखने को मिला है। इसको लेकर अब सवाल खड़े हो गए हैं और पूर्व क्रिकेटर्स का गुस्सा देखने को मिला है। ...और पढ़ें

लखनऊ सुपर जायंट्स

समय कम है?
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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स के तेज गेंदबाज आकाश सिंह ने पर्ची सेलिब्रेशन किया। इसके बाद कई पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों ने इस तरह के जश्न की जमकर आलोचना की है। इसमें साउथ अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज डेल स्टेन और अंबाती रायडू शामिल हैं। आईपीएल 2026 में कई खिलाड़ियों द्वारा पर्ची सेलिब्रेशन देखने को मिला है।
मुंबई के रघु शर्मा और फिर चेन्नई के उर्विल पटेल ने पर्ची सेलिब्रेशन किया। इससे पहले अभिषेक शर्मा भी पर्ची सेलिब्रेशन कर चुके हैं। ऐसे में अब इस चलन को लेकर पूर्व खिलाड़ियों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि इस तरह के जश्न को बैन कर देना चाहिए। ये मांग आकाश के सेलिब्रेशन के बाद आई है, जहां उन्होंने पर्ची पर लिखा था कि अक्की ऑन फायर - आकाश जानता है कि टी20 क्रिकेट में कैसे विकेट लेते हैं।
दिग्गजों ने की जश्न की आलोचना
ईएसपीएनक्रिकइंफो पर बात करते हुए न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज मिचेल मैक्लेनघन, अंबाती रायडू ने इसकी आलोचना की। रायडू ने कहा, "मैं ये जानना चाहता हूं कि किस पल उसने सोचा कि ऐसा करना बढ़िया रहेगा। जैसे ही मैं इसे टीवी पर दिखाऊंगा, लोग मुझे कूल समझेंगे। मैं ये भी जानना चाहता हूं कि उसे किसने बताया कि इस तरह से सेलिब्रेशन करना शानदार होगा। ये उनका अपना फैसला है और हो सकता है कि लोगों को ये पसंद न आए। ये थोड़ा हास्यास्पद और बेतुका है।"
मैक्लेनघन ने कहा, "मैं इस पीढ़ी के युवा खिलाड़ियों को देखकर दंग रह जाता हूं। आईपीएल में आपने अपने पहले मैच में शानदार प्रदर्शन किया और लोग आपका नाम जानने लगते हैं लेकिन उससे पहले ही आपके ऊपर उंगली उठ जाती है। इसको लेकर कुछ सोचना चाहिए कि तुम्हारे कितने दुश्मन है, तुमने तो अभी सिर्फ चार मैच खेले हैं।"
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डेल स्टेन ने भी उठाए सवाल
पूर्व अफ्रीकी गेंदबाज स्टेन ने इसे पूरी तरह से खत्म करने की बात कही है। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, "इस तरह से नोट्स सेलिब्रेशन को किनारे रख देने का समय आ गया है। इसका चलन अब खत्म हो गया है। अगर मैं सच कहूं, तो ये कभी भी चलन में था ही नहीं।"