IND vs SL: टीम इंडिया को हल्के में लेना पड़ सकता है भारी, श्रीलंकाई टीम को पूर्व कप्तान से मिली चेतावनी
भारत और श्रीलंका के बीच शनिवार से गॉल में पहला टेस्ट मैच शुरू होगा। श्रीलंका को पूर्व कप्तान ने भारतीय टीम को हल्के में नहीं लेने की सख्त चेतावनी दी है।

धनंजय डी सिल्वा और शुभमन गिल

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नितिन नागर, जागरण नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच शनिवार से गॉल में शुरू होने वाले टेस्ट मैच से पहले श्रीलंका के पूर्व कप्तान और सीरीज में कमेंटेटर की भूमिका निभा रहे एंजेलो मैथ्यूज ने कहा कि इस सीरीज में घरेलू परिस्थितियां श्रीलंका को फायदा देंगी और स्पिन बड़ी भूमिका निभाएगी, लेकिन भारत के पास भी ऐसे खिलाड़ी हैं जो परिस्थितियों से निपट सकते हैं।
उन्होंने कहा कि भले ही भारतीय टीम में जसप्रीत बुमराह नहीं हैं, लेकिन फिर भी उसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने श्रीलंकाई बल्लेबाजों को मोहम्मद सिराज, रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव से सावधान रहने की सलाह दी।
कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी
मैथ्यूज ने शुक्रवार को कहा कि दोनों टीमें इस समय बदलाव के दौर से गुजर रही हैं और ऐसे में मुकाबला बराबरी का हो सकता है। उनके मुताबिक जो टीम आक्रामक और सकारात्मक क्रिकेट खेलेगी, उसके पास बढ़त बनाने का बेहतर मौका होगा।
मैथ्यूज ने कहा कि जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी भारत के लिए बड़ा नुकसान है। उनके मुताबिक बुमराह किसी भी परिस्थिति में प्रभावी गेंदबाजी करने की क्षमता रखते हैं और गॉल में रिवर्स स्विंग मिलने पर वह बेहद खतरनाक हो सकते थे। हालांकि उन्होंने चेताया कि बुमराह के नहीं होने का मतलब यह नहीं कि श्रीलंका भारत को हल्के में ले सकता है।
स्पिन होगी बड़ी ताकत
मैथ्यूज ने प्रभात जयसूर्या और रमेश मेंडिस को श्रीलंका का मुख्य हथियार बताया। उन्होंने कहा कि घरेलू परिस्थितियों में दोनों स्पिनरों का अनुभव भारत के खिलाफ बेहद महत्वपूर्ण होगा। हालांकि उन्होंने तेज गेंदबाजों की भूमिका को भी कम नहीं आंका। नई गेंद से श्रीलंकाई तेज गेंदबाजों को भारत पर दबाव बनाने और दूसरे छोर से स्पिनरों को आक्रमण करने का मौका देना होगा।
भारत के तीन बाएं हाथ के स्पिनरों के साथ उतरने की संभावना पर मैथ्यूज ने कहा कि श्रीलंकाई बल्लेबाजों के लिए यह चुनौती होगी। उन्होंने माना कि श्रीलंका के बल्लेबाजों ने हाल में बाएं हाथ की स्पिन को बहुत अच्छी तरह नहीं खेला है, लेकिन उनमें पर्याप्त प्रतिभा और तकनीक है। जरूरत सकारात्मक सोच के साथ खेलने की है।
भारत के विरुद्ध रिकॉर्ड सुधारने का मौका
श्रीलंका की भारत के खिलाफ पिछली टेस्ट जीत गॉल में करीब एक दशक पहले आई थी। मैथ्यूज ने कहा कि अतीत अब मायने नहीं रखता और मौजूदा टीमों की तुलना पिछली टीमों से नहीं की जा सकती। हालांकि उन्होंने माना कि श्रीलंका के पास इस बार अच्छा मौका है।
उन्होंने कहा कि पाथुम निसांका और कुसल मेंडिस की गैरमौजूदगी श्रीलंका के लिए बड़ा झटका है। दोनों पिछले कुछ वर्षों में टीम के प्रमुख रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे हैं। ऐसे में दिनेश चांदीमल, कामिंडु मेंडिस और दूसरे बल्लेबाजों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी होगी।
गॉल में रन बनाने के लिए पैरों का सही इस्तेमाल जरूरी
मैथ्यूज के अनुसार गॉल की पिच समय के साथ धीमी होती जाती है और कुछ परिस्थितियों में चौथे-पांचवें दिन गेंद काफी ज्यादा घूम सकती है। ऐसे में बल्लेबाजों के लिए पैरों का सही इस्तेमाल बेहद जरूरी होगा। स्वीप और रिवर्स स्वीप उपयोगी विकल्प हो सकते हैं, लेकिन हर बल्लेबाज की अपनी शैली होती है।

