रिप्लेसमेंट बनकर आए, शतक जड़ा और छा गए; अपनी जगह को लेकर देवदत्त पडिक्कल ने दिया दो टूक जवाब
भारत की दूसरी पारी में भी देवदत्त पडिक्कल ने अहम भूमिका निभाई और 44 रन बनाए। ऐसे में भारतीय टीम ने श्रीलंका के सामने 362 रनों का मुश्किल लक्ष्य रखा।
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देवदत्त पडिक्कल

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। देवदत्त पडिक्कल भारतीय टेस्ट टीम के प्लान का हिस्सा नहीं थे। साई सुदर्शन पैर की उंगली में चोट के कारण श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज से बाहर हो गए। ऐसे में देवदत्त को 3 नंबर पर बल्लेबाजी का मौका मिला।
उन्होंने इस मौके का पूरा फायदा उठाते हुए गॉल में पहली पारी में अपने टेस्ट करियर का पहला शतक (167) लगाया। 2024 के बाद टेस्ट खेल रहे पडिक्कल ने अभ्यास मैच में सेंचुरी जड़कर अपने इरादे साफ कर दिए थे। वॉर्मअप मैच में इस बल्लेबाज ने 142 रन की पारी खेली थी।
फिफ्टी से चूके
भारत की दूसरी पारी में भी पडिक्कल ने अहम भूमिका निभाई और 44 रन बनाए। ऐसे में भारतीय टीम ने श्रीलंका के सामने 362 रनों का मुश्किल लक्ष्य रखा। उनके शानदार प्रदर्शन से यह सवाल उठना लाजिमी है कि सुदर्शन की वापसी पर क्या होगा?
चौथे दिन का खेल खत्म होने के बाद पडिक्कल ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि ऐसी बातचीत (नंबर 3 पर लंबे समय तक खेलने के बारे में) होती है। जरूरी यह है कि जब भी आपको मौका मिले, आप उसका फायदा उठाएं। मैं असल में ऐसी बातचीत की तलाश में नहीं रहता।"
जॉब खतरे में रहती
उन्होंने कहा, "मैं लगातार कई मैच खेलने या ऐसी चीजों पर ज्यादा जोर नहीं देता क्योंकि आज के क्रिकेट में आप ऐसी चीजों की उम्मीद नहीं कर सकते। यह पूरी तरह से नतीजों पर आधारित खेल है। जब भी आप मैदान पर उतरते हैं, तो आपसे अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद की जाती है।"
पडिक्कल ने कहा, "अगर आप ऐसा नहीं करते हैं, तो आपका प्रदर्शन या आपकी नौकरी हमेशा खतरे में रहती है। मेरे लिए, जब भी मैं मैदान पर जाता हूं, तो मैं रन बनाने की कोशिश करता हूं। अगर मैं ऐसा करता हूं, तो मुझे यकीन है कि मैं और ज्यादा मैच खेलूंगा।"
