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    हेड कोच बनने के लिए तैयार नहीं थे Gautam Gambhir, फिर कैसे जय शाह ने मनाया? राज से उठा पर्दा

    Updated: Wed, 11 Mar 2026 11:50 AM (GMT+05:30)

    गौतम गंभीर ने खुलासा किया कि जब उन्हें जुलाई 2024 में भारतीय क्रिकेट टीम का हेड कोच बनने का ऑफर मिला, तो वे इसके लिए पूरी तरह तैयार नहीं थे। उन्होंने ...और पढ़ें

    HighLights

    1. गौतम गंभीर को साल 2024 में बनाया गया था भारतीय टीम का हेड कोच

    2. गौतम गंभीर तैयार नहीं थे भारतीय टीम का हेड कोच बनना

    3. जय शाह ने गौतम गंभीर को हेड कोच बनने के लिए कैसे मनाया था?

    स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय मेंस क्रिकेट टीम के मौजूदा हेड कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने हाल ही में खुलासा किया कि जब उन्हें टीम इंडिया का कोच बनने का ऑफर मिला था, तब वह इसके लिए पूरी तरह तैयार नहीं थे। जुलाई 2024 में उन्होंने राहुल द्रविड़ की जगह टीम इंडिया के हेड कोच का पद संभाला था।

    गंभीर ने न्यूज एजेंसी एएनआई के पॉडकास्ट में ये भी बताया कि ये ऑफर उन्हें उस समय मिला जब वे आईपीएल मैच के दौरान मुंबई में थे और जय शाह (Jay Shah) ने उन्हें फोन करके यह जिम्मेदारी लेने के लिए कहा।

    Gautam Gambhir को अचानक मिला था हेड कोच का ऑफर

    न्यूज एजेंसी ANI के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान गंभीर ने बताया कि उस समय वे आईपीएल मैच के लिए मुंबई में ठहरे हुए थे।

    उन्होंने कहा,

    मुझे याद है कि हम मुंबई में आईपीएल का मैच खेल रहे थे। केकेआर और मुंबई इंडियंस का मैच था और हम सेंट रेजिस होटल में ठहरे हुए थे। उसी दौरान सुबह-सुबह जय भाई का फोन आया। उन्होंने कहा कि मुझे आपको एक ऑफर देना है और आप इसे मना नहीं कर सकते। जब मैंने पूछा कि क्या ऑफर है, तो उन्होंने कहा कि आपको भारतीय टीम का हेड कोच बनना होगा। सच कहूं तो उस समय मैं इसके लिए तैयार भी नहीं था।

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    गौतम गंभीर

    भारतीय टीम का कोच बनना गर्व की बात

    गंभीर ने कहा कि टीम इंडिया का हेड कोच बनना उनके लिए बहुत बड़ा सम्मान और सौभाग्य है, क्योंकि बहुत कम पूर्व क्रिकेटरों को दोबारा भारतीय ड्रेसिंग रूम में जाकर देश के लिए काम करने का मौका मिलता है।

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    उन्होंने बताया कि इस फैसले से पहले उन्होंने अपने परिवार और पत्नी नताशा से भी चर्चा की थी। गंभीर ने इस अवसर के लिए जय शाह का आभार भी जताया।

    अनुभव नहीं होने के बावजूद मिला भरोसा

    गंभीर ने ये भी माना किया कि जब उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई, तब उनके पास किसी भी टीम के हेड कोच के रूप में काम करने का अनुभव नहीं था। वह पहले केवल मेंटर की भूमिका निभाते रहे थे।

    उन्होंने कहा कि इतने बड़े और दबाव वाले पद के लिए उन पर भरोसा जताना अपने आप में बड़ी बात थी और वह उम्मीद करते हैं कि अब तक वह उस भरोसे पर खरे उतरने की कोशिश कर रहे हैं।

    मुश्किल समय में जय शाह ने किया समर्थन

    गंभीर ने अपने कार्यकाल के कठिन दौर को भी याद किया। उन्होंने बताया कि घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार उनके लिए बेहद निराशाजनक थी।

    उन्होंने कहा कि उन मुश्किल पलों में बहुत कम लोगों ने उनसे संपर्क किया, लेकिन जय शाह ने उन्हें फोन कर हौसला दिया।

    गंभीर ने कहा,


     

    जब न्यूजीलैंड के खिलाफ मुंबई में हार मिली थी, तब मैं एयरपोर्ट जा रहा था और उसी समय जय शाह का फोन आया। उन्होंने कहा कि मजबूत बने रहो, मैं तुम्हारे साथ हूं। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार के बाद भी उन्होंने मुझे फोन किया। उस समय मैं काफी निराश था।

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    गौतम गंभीर

    उन्होंने आगे कहा कि अच्छे समय में तो कई लोग साथ होते हैं, लेकिन मुश्किल वक्त में जो व्यक्ति आपका साथ देता है, उसे आप हमेशा याद रखते हैं।

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