यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 09, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
IND vs NZ: 'मैं पीछे नहीं देखना चाहता...' भावुक रोहित शर्मा ने चैंपियंस ट्ऱॉफी जीतने के बाद बताई अपनी सच्चाई, कही दिल छूने वाली बात
भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने फाइनल में शानदार बल्लेबाजी और 76 रनों की पारी खेल टीम को जीत दिलाई। रोहित को इस पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मै ...और पढ़ें

HighLights
- IND vs NZ: रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत ने जीती चैंपियंस ट्रॉफी
- IND vs NZ: रोहित ने फाइनल में खेली 76 रनों की पारी
- IND vs NZ: रोहित शर्मा बने प्लेयर ऑफ द मैच
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। टीम इंडिया को अपनी कप्तानी में दूसरी आईसीसी ट्रॉफी जिताने के बाद रोहित शर्मा फूले नहीं समा रहे हैं। वह बेहद खुश हैं। 2023 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में हारने के बाद रोहित ने दो आईसीसी ट्रॉफी जीती हैं। जीतने के बाद रोहित ने कहा है कि वह पीछे नहीं देखना चाहते। रोहित इस समय भावुक भी हैं।
रोहित की कप्तानी में भारत ने पिछले साल टी20 वर्ल्ड कप-2024 का खिताब अपने नाम किया था। इसके बाद रोहित की कप्तानी में ही चैंपियंस ट्रॉफी-2025 का खिताब जीता है। इसी के साथ रोहित ने एमएस धोनी की बराबरी भी कर ली है। वह धोनी के बाद एक से ज्यादा आईसीसी ट्रॉफी जीतने वाले भारत के दूसरे कप्तान बन गए हैं।
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मेरा नैचुरल गेम नहीं- रोहित
रोहित ने इस मैच में 76 रनों की पारी खेली और प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। रोहित ने बताया कि टीम की जरूरत के हिसाब से उन्होंने अपने खेल को बदला और आक्रामक अंदाज अपनाया जो उनका नैचुरल अंदाज नहीं हैं। उन्होंने कहा, "ये शानदार है। हमने इस टूर्नामेंट में कुछ शानदार क्रिकेट खेली। रिजल्ट का हमारे पक्ष में आना शानदार एहसास है। आक्रामकता मेरा नैचुरल खेल नहीं है, लेकिन मैं इस तरह की बल्लेबाजी करना चाहता था। जब आप कुछ अलग करते हो तो आपको टीम मैनेजमेंट का समर्थन चाहिए होता है।"
उन्होंने कहा, "मैंने पहले राहुल भाई (राहुल द्रविड़ भारत के पूर्व कोच) और फिर गौती भाई से बात की। मैं बीते कुछ सालों से अलग स्टाइल में खेल रहा हूं। हमें अब रिजल्ट मिल रहे हैं।"
पीछे मुडकर नहीं देखना
रोहित ने कहा कि बल्लेबाजी के लिए पिच को समझना बहुत जरूरी है। रोहित ने कहा, "हम यहां (दुबई) कुछ दफा खेले हैं। आप पिच का व्यवहार समझ जाते हैं। कदमों का इस्तेमाल करना मैं हमेशा से पसंद करता हूं। मैं ऐसे आउट भी हो रहा था, लेकिन मैं पीछे नहीं देखना चाहता था। इससे चीजें आसान हुईं और फिर मुझे आजादी मिली।"