'MS धोनी ने युवराज सिंह को टीम से बाहर करने के लिए...', पूर्व BCCI चीफ सेलेक्टर ने किया बड़ा खुलासा
युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह अक्सर पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर तीखा हमला बोलते रहते हैं। ...और पढ़ें

शानदार रहा युवराज का करियर।
HighLights
युवराज सिंह ने अपने करियर में खेले 40 टेस्ट
कैंसर से जूझने के बाद युवराज ने की वापसी
2007-2011 विश्व कप के हीरो है युवराज
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह अक्सर पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर तीखा हमला बोलते रहते हैं। धोनी के प्रति योगराज सिंह की नाराजगी जगजाहिर है। उन्होंने धोनी पर युवराज सिंह का इंटरनेशनल करियर खत्म करने के आरोप तक लगाए हैं। हालांकि, बीसीसीआई के पूर्व चीफ सेलेक्टर संदीप पाटिल ने अब बड़ा खुलासा किया है।
धोनी ने कभी नहीं कहा
यूट्यूब पर विकी लालवानी शो में पाटिल ने आरोपों का जवाब दिया। पूर्व चीफ सेलेक्टर ने चयन प्रक्रिया में धोनी की भूमिका के बारे में स्पष्ट रूप से बात की। पाटिल ने कहा, "न तो सेलेक्शन मीटिंग के दौरान, न दौरे पर, न मैचों के दौरान, महेंद्र सिंह धोनी ने युवराज सिंह को टीम से बाहर करने के लिए कभी नहीं कहा। मैं यह बात रिकॉर्ड पर कह रहा हूं।"
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कमेटी के फैसले के समय धोनी ने कोई आपत्ति नहीं जताई और न ही हस्तक्षेप किया। "उन्हें चयन समिति पर पूरा भरोसा था। उन्होंने कुछ नहीं कहा।" पिछले कई वर्षों से धोनी पर लगाए जा रहे आरोपों के बारे में पाटिल ने कहा, "एक पिता का अपने बेटे के बारे में इतना गंभीर महसूस करना गलत नहीं है। लेकिन दोष गलत व्यक्ति पर डाला जा रहा है।" योगराज ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था, "मैं एमएस धोनी को माफ नहीं करूंगा। उन्हें खुद को आईने में देखना चाहिए।"
मेरे बेटे के साथ जो किया
योगराज सिंह ने कहा था, "वह एक बहुत ही प्रतिष्ठित क्रिकेटर हैं, मैं उन्हें सलाम करता हूं। लेकिन उन्होंने मेरे बेटे के साथ जो किया वह अक्षम्य है। अब सब कुछ सामने आ रहा है, और इसे कभी माफ नहीं किया जा सकता।" युवराज सिंह ने भारत की 2007 टी20 विश्व कप और 2011 विश्व कप जीत में अहम भूमिका निभाई थी। 2011 विश्व कप में उनका मैन ऑफ द सीरीज प्रदर्शन तब आया जब वे फेफड़ों के कैंसर से जूझ रहे थे। कैंसर से लड़ाई जीतकर उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी की।
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युवराज का करियर
युवराज ने अपने करियर में 40 टेस्ट, 304 वनडे और 58 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले। टेस्ट में उन्होंने 1900 रन बनाने के साथ ही 9 विकेट भी चटकाए। एकदिवसीय में युवी ने 8701 रन ठोके और 111 शिकार किए। इतना ही नहीं क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप में उनके नाम 1177 रन और 28 विकेट हैं।