'सुधार करने की जगह कोहली ने चुना आसान रास्ता', पूर्व क्रिकेटर ने विराट के 7 महीने पुराने फैसले पर जताया दुख
मौजूदा समय के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने सात महीने पहले टेस्ट को अलविदा कहने का मन बना लिया था। अब वह सिर्फ वनडे खेलते हैं। उनके इस फैसले पर भारत ...और पढ़ें
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विराट कोहली ने मई-2025 में ले लिया था संन्यास
HighLights
विराट कोहली ने मई-2025 में टेस्ट क्रिकेट को कह दिया था अलविदा
अब सिर्फ वनडे खेलते हैं विराट कोहली
भारत के पूर्व बल्लेबाज ने कोहली के फैसले पर जताया दुख
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने सात महीने पुरानी बात को दोबारा उठाया है और दुख जाहिर किया है। उन्होंने कहा है कि विराट कोहली को लड़ाई लड़नी थी और हिम्मत हारते हुए जाना नहीं चाहिए था। मांजरेकर ने ये बात कोहली के संन्यास को लेकर कही है। कोहली ने मई-2025 में टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया था।
मांजरेकर का मानना है कि कोहली को इतनी आसानी से टेस्ट नहीं छोड़ना चाहिए था और वह अपनी फॉर्म को पाने के लिए लड़ाई लड़ सकते थे। उन्होंने कहा कि कोहली ने अपनी कमजोरी पर काम करने के बजाए उससे पल्ला झाड़ना चुना और आसानी से विदाई ले ली।
इस कारण और खल रही है कमी
मांजरेकर का मानना है कि जो रूट, स्टीव स्मिथ और केन विलियमसन लगातार टेस्ट खेलते हुए अपनी विरासत को मजबूत कर रहे हैं। मांजरेकर के मुताबिक, कोहली का अपने करियर के अंत में टेस्ट में संघर्ष करना, उनके रिटायरमेंट को और दुर्भाग्यपूर्ण बनाता है।
मांजरेकर ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "जो रूट ने टेस्ट में नया मुकाम हासिल किया है और ऐसे में मेरा दिमाग विराट कोहली की तरफ गया। वह टेस्ट क्रिकेट को छोड़कर चले गए और ये दुर्भाग्यपूर्ण था कि अपने टेस्ट करियर के आखिरी पांच साल में वह संघर्ष करते रहे। उन्होंने समस्या को जानने और सुलझाने में मेहनत नहीं की कि टेस्ट क्रिकेट के आखिरी पांच साल में उनका औसत सिर्फ 31 का क्यों रहा? मुझे अब दुख होता है कि रूट, स्मिथ और विलियमसन टेस्ट क्रिकेट में लगातार नाम कमा रहे हैं और यहां कोहली नहीं हैं।"
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ब्रेक लेकर कर सकते थे मेहनत
मांजरेकर ने कहा कि कोहली अपनी तकनीक और मानसिकता पर काम कर सकते थे और इसके लिए वह कुछ दिनों का ब्रेक भी ले सकते थे। वह ब्रेक लेकर घरेलू क्रिकेट या विदेशों में फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेलकर काम कर सकते थे। मांजरेकर ने कहा कि वह कोहली के टेस्ट छोड़कर वनडे खेलते रहने के फैसले से और ज्यादा निराश हैं क्योंकि वनडे टेस्ट की तुलना में आसान फॉर्मेट है।