2024 में 'अनुभवी जोश' तो 2026 में 'गरम खून' ने किया कमाल, सूर्यकुमार ने बताया दो विश्व कप जीतों में बड़ा अंतर
सूर्यकुमार यादव ने 2024 की टी20 विश्व कप विजेता टीम की तुलना पिछली चैंपियन टीम से की जिसमें उन्होंने 'अनुभवी जोश' और 'युवा जुनून' का अंतर बताया। उन्हो ...और पढ़ें
-1773757997246_m.webp)
सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने किया विश्व कप खिताब का बचाव
HighLights
2024 टीम में 'अनुभवी जोश', पिछली टीम में 'युवा जुनून' था- सूर्यकुमार
भारत टी20 वर्ल्ड कप का खिताब बचाने वाली बनी पहली टीम
भारतीय टीम ने तीसरी बार जीता टी20 वर्ल्ड कप
पीटीआई, नई दिल्ली : सूर्य कुमार यादव ने टी20 विश्व कप की दो चैंपियन टीमों की तुलना करते हुए कहा कि 2024 की टीम के खिलाड़ियों में आईसीसी ट्राफी के लंबे समय से चले आ रहे सूखे को खत्म करने के लिए 'अनुभवी जोश' था, जबकि इस साल खिताब का बचाव करने वाली टीम के पास 'युवाओं का जोशीला जुनून' था।
सूर्य ने कहा कि दोनों टीमों में बस 19-20 का फर्क था। अब भी हमारे पास अच्छे खिलाड़ी हैं, लेकिन उस समय हमारी टीम के पास काफी अनुभव था और प्रत्येक खिलाड़ी अपनी भूमिका के लिए पूरी तरह से तैयार था। जहां तक इस साल की बात है तो मैं कह सकता हूं कि हमारे पास अनुभव कम था लेकिन उत्साह अधिक था। अधिकतर खिलाड़ी 25 से 27 साल के हैं। उन्हें यह समझाना जरूरी था कि भारत में विश्व कप जीतने का अनुभव कैसा होता है, वह भी तब जबकि स्टेडियम में 50,000 लोग, एक लाख लोग आपका हौसला बढ़ा रहे होते हैं
पत्नी ने दिया साथ
सूर्यकुमार यादव ने इस दौरान अपनी पत्नी की भी जमकर तारीफ की और कहा कि देविशा के एक सवाल ने उन्हें कड़ी मेहनत करन के लिए प्रेरित किया। विश्व कप जीतने के बाद सूर्य ने कहा कि वह पत्नी देविशा की जितनी भी प्रशंसा करें वह कम है क्योंकि उन्होंने ही उन्हें इस मुकाम पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। यह साल 2018 की बात है जब देविशा ने सूर्य से एक सवाल पूछा, अगर आप भारत के लिए खेलना चाहते हैं, तो आपकी क्या योजना है? सूर्य ने उस बातचीत को याद करते हुए कहा कि हमारी शादी 2016 में हुई थी जब मैं केकेआर के लिए खेल रहा था। जब मैं 2018 में मुंबई इंडियंस में शामिल हुआ तो देविशा तब तक के मेरे सफर और दिनचर्या को देखती रही। इसके बाद हमने चीजों को थोड़ा अलग तरीके से करना शुरू कर दिया था।
बदल दीं कई आदतें
उसने मुझसे कहा कि आपके साथ खेलने वाले सभी खिलाड़ी अब भारत के लिए खेल रहे हैं। आपके मन में क्या है? मैंने कहा, मुझे भी भारत के लिए खेलना है।' उसने पूछा, 'कैसे खेलोगे?'। एक पाडकास्ट साक्षात्कार में 35 वर्षीय खिलाड़ी ने पत्नी के साथ उनके करियर को बदलने वाली बातचीत के बारे में कहा, वह संक्षिप्त सी बातचीत थी। वह किसी तरह की बहस नहीं बल्कि संक्षिप्त चर्चा थी। लेकिन निश्चित तौर पर यह इस बारे में चर्चा थी कि आप अपने लक्ष्य की ओर एक कदम आगे कैसे बढ़ा सकते हैं। अगर मैं भारत के लिए खेलना चाहता हूं और भारत को जीत दिलाना चाहता हूं, तो मैं यह कैसे कर सकता हूं? एक बार जब अंतिम लक्ष्य हासिल करने की दिशा में अतिरिक्त प्रयास करने का फैसला कर लिया गया तो उनकी ¨जदगी में कुछ चुनौतियां भी सामने आई लेकिन सूर्यकुमार और देविशा ने एक जोड़े के रूप में उस रास्ते पर चलना शुरू कर दिया।
खबरें और भी
सूर्य ने कहा, हमें कई चीजों में कटौती करनी पड़ी। इनमें खान-पान से लेकर सप्ताहांत में दोस्तों से मिलना, शनिवार-रविवार को आराम, सोमवार से शुक्रवार तक के कार्यक्रम शामिल थे। हमने इस तरह से शुरुआत की और 2018 में आईपीएल में मेरा प्रदर्शन (512 रन) बहुत अच्छा रहा तथा मैंने घरेलू क्रिकेट में भी अच्छा प्रदर्शन किया। उस साल मुझे मुंबई इंडियंस की तरफ से पारी की शुरुआत करने का भी मौका मिला और मैंने रन भी बनाए। हमने 2019 और 2020 में भी यही सिलसिला जारी रखा और मैं एक अलग ही मूड में था। उसने देखा कि वह चीजों का अधिक आनंद लेने लगा है। मेरे लिए 2020 और भी बेहतर रहा और फिर 2021 में मुझे भारतीय टीम में चुना गया।